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Amroha News: गंगा में उफान से ग्रामीणों में दहशत
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गजरौला। बारह घंटे में तिगरी गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे खादर क्षेत्र के खेत पानी से लबालब हो गए। वहीं, आबादी में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि बिजनौर बैराज से शुक्रवार की रात 1.52856 लाख क्यूसेक पानी छोड़ते हुए गंगा जलस्तर 199.90 मीटर से बढ़ कर 201.00 मीटर हो गया। जो खतरे के निशान से एक मीटर दूर है। ऐसे में खेत पानी से लबालब हो गए हैं।
शुक्रवार की रात बिजनौर बैराज से गंगा में 152856 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वह पानी शनिवार तड़के जिले की सीमा में गंगा में दाखिल हो गया। सुबह तक तिगरी में पहुंचे जल के कारण गंगा का जलस्तर 110 सेंटीमीटर बढ़ गया। जहां शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 199.90 मीटर दर्ज किया गया था, वहीं शनिवार को जलस्तर 201.00 मीटर हो गया। गंगा में आई बाढ़ के कारण गंगा तट बांध के अंदर का सारा इलाका जलमग्न हो गया है। खेतों में तीन से चार फीट पानी भर जाने के कारण फसलें डूब गईं।
बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि शनिवार को गंगा का जलस्तर 201.00 मीटर दर्ज किया गया। जो इस बाढ़ सीजन का सबसे अधिक और खतरे के निशान से एक मीटर दूर है।
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ग्रामीणों की बढ़ी दुश्वारियां
गजरौला। अचानक बढ़े गंगा के जलस्तर से टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, जाटों वाली आदि गांवों के खेत पानी से लबालब हैं। खेतों में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों के सामने जीवन यापन की समस्या खड़ी हो गई है। टापू में बसे ग्रामीण नाव और ट्यूब से ही चारा ला रहे हैं। ओसीता जगदेवपुर से खेतों को जाने वाले मुख्य मार्ग में पानी भर जाने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर चारा ला रहे हैं। संवाद
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गंगा किनारे खेतों में करना पड़ा अंतिम संस्कार
गजरौला। गंगा में 12 घंटे में 110 सेंटीमीटर पानी बढ़ जाने से आस पास की झोपड़ी ही नहीं डूबीं बल्कि श्मशान घाट भी पानी से भर गया है। जहां पर चिताएं जलाई जाती थीं, वहां पर शनिवार को दो से तीन फीट पानी भर गया था। इसके कारण शवों का अंतिम संस्कार दूर खेतों में करना पड़ा। खेतों और मार्गों में पानी भर जाने के कारण बमुश्किल ट्रैक्टर टॉली आदि वाहनों को ले जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। संवाद
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सीपीया फार्म से रसूलपुर भांवर मार्ग पर भरा पानी, कटा संपर्क
मंडी धनौरा। हरिद्वार बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से तहसील के गंगा नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। सीपीया फार्म से रसूलपुर भांवर जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से उसका संपर्क तहसील से कट गया है। वहीं, जलस्तर बढ़ने से गंगा नदी का पानी खेतों में घुस गया है। प्रशासन ने गंगा नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी करा कर ग्रामीणों से चारा लेने के लिए जंगलों में नहीं जाने की अपील की है।
तहसील के खादर क्षेत्र के गांव रसूलपुर भांवर, पपसरी खादर, मुकारमपुर, इब्राहिमपुर, शाहजहांपुर, देवीपुरा, शरीफपुर शुमाली, विशावली, सीपीया फार्म आदि गंगा नदी किनारे बसे हुए हैं। हरिद्वार बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ गया है। गंगा नदी का पानी शरीफपुर शुमाली, मुकारमपुर, पपसरी खादर, देवीपुरा के जंगलों में आ गया है। ग्रामीणों को पिछले साल आई भयंकर बाढ़ की याद आ गई। खेतों में नदी का पानी आने से ग्रामीणों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या हो गई है। तहसीलदार पीएन श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन की ओर से गंगा नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी करा कर ग्रामीणों से खेतों में नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। ग्राम प्रधानों से भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
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एडीएम ने किया मुआयना
गजरौला। गंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर एडीएम सुरेंद्र सिंह ने तिगरी पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है। शनिवार दोपहर तक खेतों में काफी पानी भर गया है। आने वाले समय में पानी और अधिक बढ़ने की संभावना है। बताया कि आगामी 10 से 12 घंटों में पानी आबादी में पहुंचने की संभावना है। बाढ़ चौकियों पर तैनात स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही ग्रामीणों से भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की गई है। प्रशासन भी लगातार बाढ़ को लेकर लगातार नजरें रखे हुए हैं। संवाद
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शुक्रवार की रात बिजनौर बैराज से गंगा में 152856 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वह पानी शनिवार तड़के जिले की सीमा में गंगा में दाखिल हो गया। सुबह तक तिगरी में पहुंचे जल के कारण गंगा का जलस्तर 110 सेंटीमीटर बढ़ गया। जहां शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 199.90 मीटर दर्ज किया गया था, वहीं शनिवार को जलस्तर 201.00 मीटर हो गया। गंगा में आई बाढ़ के कारण गंगा तट बांध के अंदर का सारा इलाका जलमग्न हो गया है। खेतों में तीन से चार फीट पानी भर जाने के कारण फसलें डूब गईं।
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बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि शनिवार को गंगा का जलस्तर 201.00 मीटर दर्ज किया गया। जो इस बाढ़ सीजन का सबसे अधिक और खतरे के निशान से एक मीटर दूर है।
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ग्रामीणों की बढ़ी दुश्वारियां
गजरौला। अचानक बढ़े गंगा के जलस्तर से टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, भुड्डी वाली, जाटों वाली आदि गांवों के खेत पानी से लबालब हैं। खेतों में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों के सामने जीवन यापन की समस्या खड़ी हो गई है। टापू में बसे ग्रामीण नाव और ट्यूब से ही चारा ला रहे हैं। ओसीता जगदेवपुर से खेतों को जाने वाले मुख्य मार्ग में पानी भर जाने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर चारा ला रहे हैं। संवाद
गंगा किनारे खेतों में करना पड़ा अंतिम संस्कार
गजरौला। गंगा में 12 घंटे में 110 सेंटीमीटर पानी बढ़ जाने से आस पास की झोपड़ी ही नहीं डूबीं बल्कि श्मशान घाट भी पानी से भर गया है। जहां पर चिताएं जलाई जाती थीं, वहां पर शनिवार को दो से तीन फीट पानी भर गया था। इसके कारण शवों का अंतिम संस्कार दूर खेतों में करना पड़ा। खेतों और मार्गों में पानी भर जाने के कारण बमुश्किल ट्रैक्टर टॉली आदि वाहनों को ले जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। संवाद
सीपीया फार्म से रसूलपुर भांवर मार्ग पर भरा पानी, कटा संपर्क
मंडी धनौरा। हरिद्वार बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से तहसील के गंगा नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। सीपीया फार्म से रसूलपुर भांवर जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने से उसका संपर्क तहसील से कट गया है। वहीं, जलस्तर बढ़ने से गंगा नदी का पानी खेतों में घुस गया है। प्रशासन ने गंगा नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी करा कर ग्रामीणों से चारा लेने के लिए जंगलों में नहीं जाने की अपील की है।
तहसील के खादर क्षेत्र के गांव रसूलपुर भांवर, पपसरी खादर, मुकारमपुर, इब्राहिमपुर, शाहजहांपुर, देवीपुरा, शरीफपुर शुमाली, विशावली, सीपीया फार्म आदि गंगा नदी किनारे बसे हुए हैं। हरिद्वार बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ गया है। गंगा नदी का पानी शरीफपुर शुमाली, मुकारमपुर, पपसरी खादर, देवीपुरा के जंगलों में आ गया है। ग्रामीणों को पिछले साल आई भयंकर बाढ़ की याद आ गई। खेतों में नदी का पानी आने से ग्रामीणों के सामने पशुओं के लिए चारे की समस्या हो गई है। तहसीलदार पीएन श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन की ओर से गंगा नदी किनारे बसे गांवों में मुनादी करा कर ग्रामीणों से खेतों में नहीं जाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। ग्राम प्रधानों से भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
एडीएम ने किया मुआयना
गजरौला। गंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर एडीएम सुरेंद्र सिंह ने तिगरी पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है। शनिवार दोपहर तक खेतों में काफी पानी भर गया है। आने वाले समय में पानी और अधिक बढ़ने की संभावना है। बताया कि आगामी 10 से 12 घंटों में पानी आबादी में पहुंचने की संभावना है। बाढ़ चौकियों पर तैनात स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया है। साथ ही ग्रामीणों से भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की गई है। प्रशासन भी लगातार बाढ़ को लेकर लगातार नजरें रखे हुए हैं। संवाद