{"_id":"664e2df49e91a2619a0d81f6","slug":"uproar-in-municipality-due-to-suspended-peon-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-119075-2024-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: निलंबित चपरासी का नगर पालिका में हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: निलंबित चपरासी का नगर पालिका में हंगामा
Wed, 22 May 2024 11:10 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 22 May 2024 11:10 PM IST
विज्ञापन
अमरोहा। नगर पालिका परिषद अमरोहा में शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब निलंबित चपरासी ने सरेआम ठेकेदार को गालियां दीं। जमकर हंगामा किया। पालिका में तैनात महिला कर्मचारियों की भी शर्म नहीं की। दबंगता का आलम देखिए ये निलंबित चपरासी हंगामा करता रहा और अधिकारी-कर्मचारी मूकदर्शक बनकर नजारा देखते रहे। हालांकि, किसी ने गाली-गलौज का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। ये वही चपरासी है जो निलंबन के बाद भी उसी दफ्तर में बैठता है, जहां उसने लाखों रुपये का घोटाला किया था। जबकि उसकी तैनाती गोशाला में चल रही है।
नगर पालिका परिषद अमरोहा में वर्तमान में चपरासी के पद पर तैनात आरोपी ने कर अमीन के पटल पर रहते पालिका की फार्म- पांच और बुक संख्या 3176 और 3044 की फर्जी रसीद बुक छपवा लिया था। जिसके माध्यम से सरकारी लाखों रुपये के का गबन किया था। चपरासी ने कई फर्जीवाड़े किए हैं। उसका कारनामा फर्जी रसीदें छपवाकर लाखों रुपये हड़पने तक नहीं रहा। बल्कि उसने कमिश्नर के फर्जी हस्ताक्षर कर दस साल से अधिक समय तक 125 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बगैर स्वीकृत हुए पेंशन बांटी। खुलासा होने के बाद अफसरों की कार्रवाई केवल आरोपी को निलंबित करने तक रही। फिलहाल, निलंबित चपरासी तैनाती अधिक गोशाला में चल रही है। लेकिन वह नगर पालिका के उसी दफ्तर में बैठता है, जहां उसने लाखों रुपये का घोटाला किया था।
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद अमरोहा में वर्तमान में चपरासी के पद पर तैनात आरोपी ने कर अमीन के पटल पर रहते पालिका की फार्म- पांच और बुक संख्या 3176 और 3044 की फर्जी रसीद बुक छपवा लिया था। जिसके माध्यम से सरकारी लाखों रुपये के का गबन किया था। चपरासी ने कई फर्जीवाड़े किए हैं। उसका कारनामा फर्जी रसीदें छपवाकर लाखों रुपये हड़पने तक नहीं रहा। बल्कि उसने कमिश्नर के फर्जी हस्ताक्षर कर दस साल से अधिक समय तक 125 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बगैर स्वीकृत हुए पेंशन बांटी। खुलासा होने के बाद अफसरों की कार्रवाई केवल आरोपी को निलंबित करने तक रही। फिलहाल, निलंबित चपरासी तैनाती अधिक गोशाला में चल रही है। लेकिन वह नगर पालिका के उसी दफ्तर में बैठता है, जहां उसने लाखों रुपये का घोटाला किया था।
विज्ञापन