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Amroha News: दोस्त की हत्या कर तेजाब से शव जलाने में दो को उम्रकैद
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अमरोहा।
जुए के एक हजार रुपये के लिए दोस्त की गर्दन मरोड़कर हत्या करने के बाद तेजाब से शव जलाने वाले दो दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही दोनों दोषी जेल में बंद हैं, उन्हें जमानत नहीं मिल सकती थी।
यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के नवाबपुरा गांव में हुई थी। गांव में किसान औतरी का परिवार रहता है। उनका बेटा रिंकू और गांव का ही मुख्तयार व मछरई गांव निवासी अंसार दोस्त थे। तीनों जुआ खेलते थे। रिंकू, मुख्तियार और अंसार के बीच जुए के एक हजार रुपये के लेनदेन का विवाद था। एक जून 2022 की रात रिंकू और अंसार के बीच रुपयों को लेकर झगड़ा हुआ था। इस दौरान परिवार के लोगों ने बीचबचाव कर दिया था। हालांकि, अंसार रिंकू को जान से मारने की धमकी देकर गया था। अगले दिन दो जून 2022 की शाम छह बजे मुख्तयार घर आया और रिंकू को बुलाकर अपने साथ ले गया, जिसके बाद रिंकू वापस नहीं लौटा।
परिजन रिंकू को तलाशते हुए मछरई गांव पहुंचे तो मुख्तयार व अंसार गन्ने के खेत से भागते हुए दिखाई दिए। शक होने पर परिजन गन्ने के खेत में पहुंचे तो रिंकू मृत अवस्था में पड़ा था। आरोपियों ने उसकी गर्दन मरोड़कर हत्या कर दी थी और शव को तेजाब से जला दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी जांच पड़ताल की थी। मामले में रिंकू के पिता औतरी ने मुख्तयार व अंसार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चार जून 2022 को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। तब से दोनों जेल में बंद हैं। मुकदमे की सुनवाई जिला जज जफीर अहमद की अदालत में चल रही थी।
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अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह पैरवी कर रहे थे। मंगलवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर मुख्तयार व अंसार को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
दोषियों की निशानदेही पर बरामद हुई थी तेजाब की बोतल
जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने जिस समय हत्यारोपी मुख्तयार और अंसार को गिरफ्तार किया था। दोनों की निशानदेही पर तेजाब की बोतल बरामद की गई थी।
हत्या के समय खाली पेट था रिंकू
जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने बताया कि रिंकू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्यारोपियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। हत्या के समय रिंकू खाली पेट था। उसकी खोपड़ी और गर्दन की हड्डी के बीच का जोड़ हटा हुआ था। जिसमें डॉक्टर ने गर्दन पर जोर से झटका देने से जोड़ हटाने की बात कही थी। इतना ही नहीं आरोपियों द्वारा रिंकू के स्पाइनल कॉर्ड पर भी चोट मारी गई थी। जिस कारण स्पाइनल चौक होने के कारण रिंकू के हाथ पैरों में लकवा पड़ गया था।
यह था अभियोजन पक्ष का तर्क
रिंकू हत्याकांड में अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत तर्क रखा गया। जिसमें बताया कि ये स्पष्ट है रिंकू की हत्या उसकी गर्दन मरोड़ कर की गई थी। उसके ऊपर तेजाब डालकर जलाया भी गया था। रिंकू की गर्दन किस आरोपी द्वारा मरोड़े जाने के कारण उसकी हत्या हुई और किस आरोपी ने उसके ऊपर तेजाब डाला था। इसका कोई विपरीत प्रभाव केस पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि दोनों आरोपियों को हत्या करते और तेजाब डालते नहीं देखा। बल्कि, मृतक की लाश जिस खेत में बरामद हुई उस खेत से एक साथ भागते हुए देखा था।
क्या है स्पाइनल काॅर्ड
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि स्पाइनल कॉर्ड, दिमाग और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच संचार का मुख्य मार्ग होता है। यह एक लंबी, मोटी, नाजुक संरचना होती है, जो दिमाग के आधार से नीचे की ओर फैली हुई होती है। कॉर्ड को स्पाइन (स्पाइनल कॉलम) की पीठ की हड्डियों (वर्टीब्रा) द्वारा संरक्षित किया जाता है।
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जुए के एक हजार रुपये के लिए दोस्त की गर्दन मरोड़कर हत्या करने के बाद तेजाब से शव जलाने वाले दो दोषियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। गिरफ्तारी के बाद से ही दोनों दोषी जेल में बंद हैं, उन्हें जमानत नहीं मिल सकती थी।
यह घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के नवाबपुरा गांव में हुई थी। गांव में किसान औतरी का परिवार रहता है। उनका बेटा रिंकू और गांव का ही मुख्तयार व मछरई गांव निवासी अंसार दोस्त थे। तीनों जुआ खेलते थे। रिंकू, मुख्तियार और अंसार के बीच जुए के एक हजार रुपये के लेनदेन का विवाद था। एक जून 2022 की रात रिंकू और अंसार के बीच रुपयों को लेकर झगड़ा हुआ था। इस दौरान परिवार के लोगों ने बीचबचाव कर दिया था। हालांकि, अंसार रिंकू को जान से मारने की धमकी देकर गया था। अगले दिन दो जून 2022 की शाम छह बजे मुख्तयार घर आया और रिंकू को बुलाकर अपने साथ ले गया, जिसके बाद रिंकू वापस नहीं लौटा।
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परिजन रिंकू को तलाशते हुए मछरई गांव पहुंचे तो मुख्तयार व अंसार गन्ने के खेत से भागते हुए दिखाई दिए। शक होने पर परिजन गन्ने के खेत में पहुंचे तो रिंकू मृत अवस्था में पड़ा था। आरोपियों ने उसकी गर्दन मरोड़कर हत्या कर दी थी और शव को तेजाब से जला दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी जांच पड़ताल की थी। मामले में रिंकू के पिता औतरी ने मुख्तयार व अंसार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चार जून 2022 को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार का जेल भेज दिया था। तब से दोनों जेल में बंद हैं। मुकदमे की सुनवाई जिला जज जफीर अहमद की अदालत में चल रही थी।
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अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह पैरवी कर रहे थे। मंगलवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर मुख्तयार व अंसार को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
दोषियों की निशानदेही पर बरामद हुई थी तेजाब की बोतल
जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने जिस समय हत्यारोपी मुख्तयार और अंसार को गिरफ्तार किया था। दोनों की निशानदेही पर तेजाब की बोतल बरामद की गई थी।
हत्या के समय खाली पेट था रिंकू
जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने बताया कि रिंकू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्यारोपियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। हत्या के समय रिंकू खाली पेट था। उसकी खोपड़ी और गर्दन की हड्डी के बीच का जोड़ हटा हुआ था। जिसमें डॉक्टर ने गर्दन पर जोर से झटका देने से जोड़ हटाने की बात कही थी। इतना ही नहीं आरोपियों द्वारा रिंकू के स्पाइनल कॉर्ड पर भी चोट मारी गई थी। जिस कारण स्पाइनल चौक होने के कारण रिंकू के हाथ पैरों में लकवा पड़ गया था।
यह था अभियोजन पक्ष का तर्क
रिंकू हत्याकांड में अभियोजन पक्ष की ओर से मजबूत तर्क रखा गया। जिसमें बताया कि ये स्पष्ट है रिंकू की हत्या उसकी गर्दन मरोड़ कर की गई थी। उसके ऊपर तेजाब डालकर जलाया भी गया था। रिंकू की गर्दन किस आरोपी द्वारा मरोड़े जाने के कारण उसकी हत्या हुई और किस आरोपी ने उसके ऊपर तेजाब डाला था। इसका कोई विपरीत प्रभाव केस पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि दोनों आरोपियों को हत्या करते और तेजाब डालते नहीं देखा। बल्कि, मृतक की लाश जिस खेत में बरामद हुई उस खेत से एक साथ भागते हुए देखा था।
क्या है स्पाइनल काॅर्ड
सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि स्पाइनल कॉर्ड, दिमाग और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच संचार का मुख्य मार्ग होता है। यह एक लंबी, मोटी, नाजुक संरचना होती है, जो दिमाग के आधार से नीचे की ओर फैली हुई होती है। कॉर्ड को स्पाइन (स्पाइनल कॉलम) की पीठ की हड्डियों (वर्टीब्रा) द्वारा संरक्षित किया जाता है।