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पुलिस पर जानलेवा हमला करने के दो दोषियों को पांच साल की सजा
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मुठभेड़ के दौरान पुलिस पर जानलेवा हमला करने वाले दो बदमाशों को न्यायालय ने पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही तेरह हजार रुपये का जुर्माना लगाया। एक बदमाश जमानत पर जेल से बाहर था, फैसला आने के बाद उसे कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया।
मुठभेड़ की यह घटना 2 अगस्त 2020 को डिडौली कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। तत्कालीन इंस्पेक्टर शरद मलिक फोर्स के साथ संभल मार्ग स्थित भीकनपुर मुंडा चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी पुलिस ने बाइक सवार दो व्यक्तियों को रुकने के लिए इशारा किया था। लेकिन बाइक सवारों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी थी। इस दौरान बदमाश की एक गोली लगने से कांस्टेबल टिंकू घायल हो गया था। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी कर जवाबी फायरिंग की। जिसमें संभल जनपद के नखासा थानाक्षेत्र के नीमखेड़ा बसेड़ा निवासी दाउद उर्फ कुंजा पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। जबकि उसका साथी सलीम उर्फ गंजा निवासी माडली समसपुर थाना नखासा संभल मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने उसे 24 अगस्त 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके कब्जे से भी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। फिलहाल सलीम उर्फ गंजा जमानत पर जेल से बाहर था। जबकि दाउद उर्फ कुंजा को जमानत नहीं मिल सकी थी। यह मुकदमा एडीजे चतुर्थ सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत में विचाराधीन था। न्यायालय ने बुधवार को मामले की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम भरोसे ने पैरवी की। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने बदमाश दाउद उर्फ कुंजा व सलीम उर्फ गंजा को दोषी करार दिया और पांच-पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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मुठभेड़ की यह घटना 2 अगस्त 2020 को डिडौली कोतवाली क्षेत्र में हुई थी। तत्कालीन इंस्पेक्टर शरद मलिक फोर्स के साथ संभल मार्ग स्थित भीकनपुर मुंडा चौराहे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे। तभी पुलिस ने बाइक सवार दो व्यक्तियों को रुकने के लिए इशारा किया था। लेकिन बाइक सवारों ने पुलिस पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी थी। इस दौरान बदमाश की एक गोली लगने से कांस्टेबल टिंकू घायल हो गया था। इसके बाद पुलिस ने बदमाशों की घेराबंदी कर जवाबी फायरिंग की। जिसमें संभल जनपद के नखासा थानाक्षेत्र के नीमखेड़ा बसेड़ा निवासी दाउद उर्फ कुंजा पैर में गोली लगने से घायल हो गया था। पुलिस ने उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। जबकि उसका साथी सलीम उर्फ गंजा निवासी माडली समसपुर थाना नखासा संभल मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने उसे 24 अगस्त 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसके कब्जे से भी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। फिलहाल सलीम उर्फ गंजा जमानत पर जेल से बाहर था। जबकि दाउद उर्फ कुंजा को जमानत नहीं मिल सकी थी। यह मुकदमा एडीजे चतुर्थ सूर्य प्रकाश सिंह की अदालत में विचाराधीन था। न्यायालय ने बुधवार को मामले की सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम भरोसे ने पैरवी की। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने बदमाश दाउद उर्फ कुंजा व सलीम उर्फ गंजा को दोषी करार दिया और पांच-पांच साल की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 13 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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