{"_id":"6abebe798a8609aead0eacdd","slug":"two-convicts-from-bihar-sentenced-to-10-years-for-drug-trafficking-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-174416-2026-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: मादक पदार्थों की तस्करी में बिहार के दो दोषियों को 10 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: मादक पदार्थों की तस्करी में बिहार के दो दोषियों को 10 साल की सजा
विज्ञापन
अमरोहा। मादक पदार्थों की तस्करी के करीब नौ साल पुराने मामले में एफटीसी द्वितीय की अदालत ने बुधवार को बिहार निवासी दो दोषियों को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। फैसला सुनाए जाने के बाद जमानत पर बाहर चल रहे दोनों दोषियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
मामला नौगावां सादात कोतवाली से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, थाने में तैनात तत्कालीन दरोगा संजीव कुमार ने 10 दिसंबर 2017 को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें गाजियाबाद के विजयनगर थानाक्षेत्र के भूसे की टाल के पीछे शांति नगर निवासी राजेश पांडेय और मिर्जापुर सेक्टर-12 प्रताप विहार निवासी संजीव पांडेय शामिल थे। राजेश पांडेय मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के खरीदाह और संजीव पांडेय भागलपुर जिले के कमलाकुंड के रहने वाले हैं।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। बाद में दोनों को जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गए थे।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई एफटीसी द्वितीय की अदालत में चलती रही। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी माना। बुधवार को मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान अदालत ने राजेश पांडेय और संजीव पांडेय को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
मामला नौगावां सादात कोतवाली से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, थाने में तैनात तत्कालीन दरोगा संजीव कुमार ने 10 दिसंबर 2017 को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें गाजियाबाद के विजयनगर थानाक्षेत्र के भूसे की टाल के पीछे शांति नगर निवासी राजेश पांडेय और मिर्जापुर सेक्टर-12 प्रताप विहार निवासी संजीव पांडेय शामिल थे। राजेश पांडेय मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के खरीदाह और संजीव पांडेय भागलपुर जिले के कमलाकुंड के रहने वाले हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। बाद में दोनों को जमानत मिल गई और वह जेल से बाहर आ गए थे।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई एफटीसी द्वितीय की अदालत में चलती रही। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी माना। बुधवार को मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान अदालत ने राजेश पांडेय और संजीव पांडेय को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।