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Amroha News: जिस विषय में अटक रहे बच्चे, बोर्ड परीक्षा से पहले उसी पर होगा फोकस
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अमरोहा। बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित अंक नहीं पाने वाले विद्यार्थियों की कमजोरियां अब परीक्षा से पहले स्कूल स्तर पर चिह्नित कर दूर की जाएंगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की कक्षा परीक्षाओं के प्रदर्शन के आधार पर विषय, अध्याय और प्रश्न स्तर पर कमियां पहचानी जाएंगी।
कमजोर विद्यार्थियों का चयन केवल कम अंक के आधार पर नहीं होगा। शिक्षक यह देखेंगे कि विद्यार्थी को किस विषय या अध्याय में लगातार परेशानी हो रही है। इसके बाद जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास और मार्गदर्शन दिया जाएगा।
राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. निशांत कुमार यादव ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याएं अलग-अलग होती हैं। किसी को गणित के विशेष अध्याय तो किसी को विज्ञान के सवाल हल करने में परेशानी होती है। भाषा विषयों में उत्तर लेखन, भाषा और प्रस्तुतीकरण की कमियां भी दूर कराई जाएंगी। बोर्ड से पहले मॉडल पेपर, अभ्यास प्रश्न और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल कराने के साथ निर्धारित समय में पेपर पूरा करने का अभ्यास कराया जाएगा।
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अभ्यास के बाद फिर होगी जांच
जिला विद्यालय निरीक्षक शतानंद शर्मा ने बताया कि कमजोर छात्रों की तैयारी की नियमित समीक्षा की जाएगी। अतिरिक्त अभ्यास कराने के बाद दोबारा मूल्यांकन कर यह देखा जाएगा कि विद्यार्थी की कमजोरी कितनी दूर हुई है। जिन विषयों में सुधार की जरूरत होगी, उनमें फिर से अभ्यास और मार्गदर्शन दिया जाएगा। स्कूल स्तर की इस कवायद का उद्देश्य बच्चों की कमजोरियों को बोर्ड परीक्षा से काफी पहले पहचान कर दूर करना है, ताकि अंतिम समय में उन पर पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव न पड़े।
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कमजोर विद्यार्थियों का चयन केवल कम अंक के आधार पर नहीं होगा। शिक्षक यह देखेंगे कि विद्यार्थी को किस विषय या अध्याय में लगातार परेशानी हो रही है। इसके बाद जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अभ्यास और मार्गदर्शन दिया जाएगा।
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राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. निशांत कुमार यादव ने बताया कि विद्यार्थियों की समस्याएं अलग-अलग होती हैं। किसी को गणित के विशेष अध्याय तो किसी को विज्ञान के सवाल हल करने में परेशानी होती है। भाषा विषयों में उत्तर लेखन, भाषा और प्रस्तुतीकरण की कमियां भी दूर कराई जाएंगी। बोर्ड से पहले मॉडल पेपर, अभ्यास प्रश्न और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल कराने के साथ निर्धारित समय में पेपर पूरा करने का अभ्यास कराया जाएगा।
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अभ्यास के बाद फिर होगी जांच
जिला विद्यालय निरीक्षक शतानंद शर्मा ने बताया कि कमजोर छात्रों की तैयारी की नियमित समीक्षा की जाएगी। अतिरिक्त अभ्यास कराने के बाद दोबारा मूल्यांकन कर यह देखा जाएगा कि विद्यार्थी की कमजोरी कितनी दूर हुई है। जिन विषयों में सुधार की जरूरत होगी, उनमें फिर से अभ्यास और मार्गदर्शन दिया जाएगा। स्कूल स्तर की इस कवायद का उद्देश्य बच्चों की कमजोरियों को बोर्ड परीक्षा से काफी पहले पहचान कर दूर करना है, ताकि अंतिम समय में उन पर पढ़ाई का अतिरिक्त दबाव न पड़े।