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रेडीमेड कपड़ों और फुटवियर पर जीएसटी बढ़ाने की तैयारी के बीच व्यापारी मुखर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 12:33 AM IST
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Traders vocal amidst preparations to increase GST on readymade garments and footwear
गजरौला। सरकार द्वारा एक जनवरी से कपड़े एवं रेडीमेड गारमेंट्स और फुटवियर पर जीएसटी पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 फीसदी करने की तैयारी के बीच व्यापारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। व्यापारियों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलने का समय मांगा है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी में सात फीसदी वृद्धि से उनकी कमर टूट जाएगी। उनका माल कोई नहीं खरीदेगा। साप्ताहिक बाजारों में कच्चा माल लाने वाले व्यापारियों की बिक्री होगी, जबकि वह एक रुपये की भी जीएसटी नहीं देते।
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गजरौला में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संगठन महामंत्री सुबोध सिंघल का कहना है कि नगर में रेडीमेड गारमेंट्स के सौ से अधिक व्यापारी हैं। फुटवियर के भी तकरीबन 50 दुकानदार हैं। केंद्र सरकार एक जनवरी से जीएसटी पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 फीसदी करने जा रही है। यह वृद्धि व्यापारियों की कमर तोड़ देगी। उनके संगठन से जुड़े नगर में तीन सौ व्यापारी हैं। जीएसटी वृद्धि का विरोध कर रहे हैं। उनके प्रति निधि मंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलने का समय मांगा है। जिससे वह विरोध का कारण बता सकें। व्यापारी सुरक्षा फोरम के जिला प्रवक्ता एवं अधिवक्ता डा.राजीव शुक्ला, रेडीमेड व्यापारी अमर गर्ग, विपिन जैन, नितिन कुमार, फुट वियर व्यापारी गौरीश, आकाश कुमार, अखिल चौधरी का कहना है कि नगर में बुध बाजार ने पहले से ही व्यापारियों की कमर तोड़ रखी है। इसकी वजह से रेडीमेड दुकानों और फुटवियर दुकानदारों की बिक्री नहीं होती। व्यापारी खाली बैठे रहते हैं। पांच प्रतिशत की जीएसटी को अदा करने में ही पसीने छूट जाते हैं। एक जनवरी से कपड़े एवं रेडीमेड गारमेंट्स पर जीएसटी पांच प्रतिशत से बढ़कर 12 प्रतिशत की जा रही है। जिसके बाद व्यापार करना मुश्किल ही नहीं असंभव हो जाएगा। घाटे के कारण कोई अन्य कार्य देखना पड़ेगा। व्यापारियों को घाटा न हो, इसके लिए ही विरोध कर रहे हैं।
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