फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   track fracture in amroha

तीन दिन से टूटी पटरी पर धड़धड़ाती गुजर रहीं ट्रेनें

Fri, 13 Jan 2017 11:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा Updated Fri, 13 Jan 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
track fracture in amroha
अमरोहा के कैलसा में टूटी हुई पटरी। - फोटो : amar ujala
रेलपथ के इंजीनियरों को किसी बड़े ट्रेन हादसे का इंतजार है। तीन दिन पूर्व पटरी में हुए फ्रैक्चर को सही नहीं किया जा सका है। फ्रैक्चर हुई पटरी पर प्लेट लगाकर ट्रेनों को गुजारा जा रहा है। यह हालत तो तब है, जब मुरादाबाद रूट पर 24 घंटे में तकरीबन सौ से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। कानपुर में हुए ट्रेन हादसे के बाद भी रेलपथ इंजीनियरों ने सबक नहीं लिया है। 
विज्ञापन


रेलपथ इंजीनियरों की लापरवाही का इससे बड़ा उदाहरण नहीं मिल सकता। रेलपथ इंजीनियरों ने न तो पुरानी घटनाओं से सबक लिया और न ही फ्रैक्चर हो जाने के बाद पटरी को बदला। तीन दिन से रूट पर गुजरने वाली ट्रेन फ्रैक्चर के बाद पटरी पर लगाई गई प्लेट के ऊपर दौड़ रही हैं। 
विज्ञापन


हुआ यूं कि रेलवे के फाटक 16 सी के पास पटरी में तीन दिन पूर्व फ्रैक्चर हो गया था। अगले दिन ट्रैकमैनों को पेट्रेलिंग के दौरान पटरी में फ्रैक्चर की जानकारी हुई। इसकी सूचना फौरन रेलपथ इंजीनियरों को दी। जानकारी मिलने के बाद रेलपथ इंजीनियरों ने जहां पर फ्रेक्चर हुआ था, उस स्थान पर प्लेट लगा दी। उन्होंने फ्रैक्चर हुई पटरी को बदलने की जहमत नहीं     उठाई। तीन दिन से रूट पर ट्रेन फ्रैक्चर हुई पटरी से गुजर रही हैं। गौर करने वाली बात यह है कि रूट पर ट्रेनों का ओवरलोड रहता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


24 घंटे में अप और डाउन की 80 से अधिक गाड़ियां मुरादाबाद-दिल्ली रूट से गुजरती हैं। मार्ग से गुजरने वाली मालगाड़ियों की गिनती नहीं की जाती। यह भी 24 घंटे में 20 अधिक निकलती हैं। ट्रेनों की संख्या के लोड के हिसाब से ट्रैक का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है। 

अन्यथा हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता। रेलपथ के विश्वस्त इंजीनियरों के मुताबिक फ्रेक्चर के बाद पटरी पर प्लेट रखकर ट्रेनों को नहीं गुजारा जाना चाहिए, बल्कि इसे बदल देना चाहिए। जिससे हादसे की आशंका न रहे। मगर रेलपथ के इंजीनियरों ने ऐसा नहीं किया है।


उन्होंने फ्रैक्चर हुई पटरी पर प्लेट लगा दी है, जिससे ट्रेनों को गुजारा जा रहा है। रेलपथ इंजीनियरों ने पटरियों में हुए फ्रैक्चर के बाद कानपुर में ट्रेन हादसे से भी सबक नहीं लिया है। लगता है इनको किसी हादसे का इंतजार है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed