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गंदगी समेटने को लगी सफाईकर्मियों की फौज
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गजरौला (अमरोहा)। लगभग छह किलोमीटर की लंबाई में लगा मेला और इसमें आए बीस लाख से अधिक श्रद्धालु। चाहे कोई कितना भी प्रयास क्यों न कर ले, मेला सिमटने के बाद वहां गंदगी के अंबार लगना स्वाभाविक है। डेरे हटने और श्रद्धालुओं के जाने के बाद अब मेला स्थल पर गंदगी के ढेर लग गए हैं। हालांकि उन्हें समेटने के लिए सफाईकर्मियों की फौज भी लगी हुई है।
जिला प्रशासन और जिला पंचायत ने इस बार गंगाधाम तिगरी में लगने वाले मेले को ओडीएफ और पॉलिथीन मुक्त रखने के लिए पहले से ही कार्ययोजना तैयार कर ली थी। श्रद्धालुओं को सिंगल यूज प्लास्टिक (थर्माकोल) आदि का उपयोग नहीं करने के लिए भी जागरूक किया गया था। इसके अलावा इस बार डीएम उमेश मिश्र की पहल पर विभिन्न संस्थाओं ने बीस हजार से अधिक कपड़े के थैले भी मेला स्थल पर वितरित कराए थे। यही वजह रही कि इस बार मेला सिमटने के बाद डेरे वाले स्थानों पर भले ही कूड़ा-कचरे के ढेर लगे हुए हों लेकिन उनमें पॉलिथीन और सिंगल यूज प्लास्टिक नाम मात्र को ही नजर आई। बुधवार को नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी बिजेंद्र सिंह पाल के निर्देशन में सफाई कर्मियों की टीम मेला स्थल पर कूड़ा-कचरा समेटने में लगी रही। वहीं इस बार मेला स्थल पर अधिक गंदगी नहीं होने से वहां फसल उगाने वाले ग्रामीणों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
पॉलिथीन का उपयोग नहीं करने को लेकर लोग जागरूक हो रहे हैं। मेला स्थल पर भी प्रशासन ने इसकी रोकथाम को पूरा जोर लगाया हुआ था। फिर भी मेला स्थल से मिल रही पॉलिथीन की रीसाइकिलिंग कराई जा रही है।
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- उमेश मिश्र, डीएम
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जिला प्रशासन और जिला पंचायत ने इस बार गंगाधाम तिगरी में लगने वाले मेले को ओडीएफ और पॉलिथीन मुक्त रखने के लिए पहले से ही कार्ययोजना तैयार कर ली थी। श्रद्धालुओं को सिंगल यूज प्लास्टिक (थर्माकोल) आदि का उपयोग नहीं करने के लिए भी जागरूक किया गया था। इसके अलावा इस बार डीएम उमेश मिश्र की पहल पर विभिन्न संस्थाओं ने बीस हजार से अधिक कपड़े के थैले भी मेला स्थल पर वितरित कराए थे। यही वजह रही कि इस बार मेला सिमटने के बाद डेरे वाले स्थानों पर भले ही कूड़ा-कचरे के ढेर लगे हुए हों लेकिन उनमें पॉलिथीन और सिंगल यूज प्लास्टिक नाम मात्र को ही नजर आई। बुधवार को नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी बिजेंद्र सिंह पाल के निर्देशन में सफाई कर्मियों की टीम मेला स्थल पर कूड़ा-कचरा समेटने में लगी रही। वहीं इस बार मेला स्थल पर अधिक गंदगी नहीं होने से वहां फसल उगाने वाले ग्रामीणों के चेहरे भी खिले हुए हैं।
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पॉलिथीन का उपयोग नहीं करने को लेकर लोग जागरूक हो रहे हैं। मेला स्थल पर भी प्रशासन ने इसकी रोकथाम को पूरा जोर लगाया हुआ था। फिर भी मेला स्थल से मिल रही पॉलिथीन की रीसाइकिलिंग कराई जा रही है।
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- उमेश मिश्र, डीएम