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Amroha News: ठगी से आहत युवक की आत्महत्या में तीन पर रिपोर्ट
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अमरोहा। किसान के बेटे की उत्तराखंड में डाक क्लर्क की नौकरी लगने का झांसा देकर मंडी धनौरा के तीन युवकों ने पांच लाख रुपये हड़प लिए। बाद में न तो रुपये मिले और न उनके बेटे की नौकरी लगी। आरोपियों के उत्पीड़न से परेशान होकर किसान के बेटे पवन ने 24 अप्रैल को आत्महत्या कर ली थी। मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के काला डाबरा में महेश सिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे पवन स्नातक तक की पढ़ाई की थी। पवन कुमार की मुलाकात एक साल पहले मंडी धनौरा के मोहद्दीपुर निवासी अनुज, झुंडपुरा निवासी वाले दीपक और अमित से हुई थी। तीनों ने बताया कि अनुज अधिकारियों की गाड़ी चलाता है और नौकरी लगवाता है। इसके बाद पीड़ित किसान महेश सिंह ने तीनों आरोपियों से बात की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पवन कुमार की नौकरी उत्तराखंड के डाक क्लर्क के रूप में लगवा देंगे।
आरोपियों ने यह भी बताया कि यह नौकरी मेरिट के आधार पर लगती है। इसलिए पवन कुमार की दूसरी मार्कशीट तैयार करानी होगी। जिसकी अंकतालिका में अच्छे नंबर दिखाकर उसी मार्कशीट को दाखिल कर नौकरी लगवा देंगे। आरोपियों ने मार्कशीट तैयार करने के नाम पर 75 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद 4.25 लाख रुपये की मांग की। बेटे की नौकरी लगवाने के लिए रूपचंद सिंह ने ढाई बीघा जमीन बेचकर 4.25 लाख रुपये तीन आरोपियों को दे दिए। आरोपियों ने 15 दिन के भीतर नियुक्ति पत्र दिलाने का आश्वासन दिया। लेकिन, काफी समय बीतने के बाद भी पवन कुमार की नौकरी नहीं लगी।
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झूठे केस में फंसाने की दी थी धमकी
आरोपी पवन कुमार को नौकरी लगवाने के लिए उत्तराखंड और अन्य जगह लेकर गए। इसके बाद से पवन कुमार मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। आरोपियों से अपने रुपये मांगे तो लौटने से इनकार कर दिया। झूठे केस में फसाने की धमकी देने लगे। जिससे आहत होकर 20 अप्रैल 2024 को पवन कुमार ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पीड़ित रूपचंद सिंह के मुताबिक उनके बेटे पवन कुमार ने अनुज, दीपक और अमित की वजह से आत्महत्या की है। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मामले में अनुज, दीपक, अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के काला डाबरा में महेश सिंह का परिवार रहता है। उनके बेटे पवन स्नातक तक की पढ़ाई की थी। पवन कुमार की मुलाकात एक साल पहले मंडी धनौरा के मोहद्दीपुर निवासी अनुज, झुंडपुरा निवासी वाले दीपक और अमित से हुई थी। तीनों ने बताया कि अनुज अधिकारियों की गाड़ी चलाता है और नौकरी लगवाता है। इसके बाद पीड़ित किसान महेश सिंह ने तीनों आरोपियों से बात की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पवन कुमार की नौकरी उत्तराखंड के डाक क्लर्क के रूप में लगवा देंगे।
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आरोपियों ने यह भी बताया कि यह नौकरी मेरिट के आधार पर लगती है। इसलिए पवन कुमार की दूसरी मार्कशीट तैयार करानी होगी। जिसकी अंकतालिका में अच्छे नंबर दिखाकर उसी मार्कशीट को दाखिल कर नौकरी लगवा देंगे। आरोपियों ने मार्कशीट तैयार करने के नाम पर 75 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद 4.25 लाख रुपये की मांग की। बेटे की नौकरी लगवाने के लिए रूपचंद सिंह ने ढाई बीघा जमीन बेचकर 4.25 लाख रुपये तीन आरोपियों को दे दिए। आरोपियों ने 15 दिन के भीतर नियुक्ति पत्र दिलाने का आश्वासन दिया। लेकिन, काफी समय बीतने के बाद भी पवन कुमार की नौकरी नहीं लगी।
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झूठे केस में फंसाने की दी थी धमकी
आरोपी पवन कुमार को नौकरी लगवाने के लिए उत्तराखंड और अन्य जगह लेकर गए। इसके बाद से पवन कुमार मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। आरोपियों से अपने रुपये मांगे तो लौटने से इनकार कर दिया। झूठे केस में फसाने की धमकी देने लगे। जिससे आहत होकर 20 अप्रैल 2024 को पवन कुमार ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पीड़ित रूपचंद सिंह के मुताबिक उनके बेटे पवन कुमार ने अनुज, दीपक और अमित की वजह से आत्महत्या की है। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मामले में अनुज, दीपक, अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।