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Amroha News: आग की लपटाें और धुएं के बीच घुटकर रह गई बच्चों की चीख-पुकार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 21 Oct 2023 02:37 AM IST
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The screams of the children remained suffocated amidst the flames and smoke.
अमरोहा। नौगांवा के मूंढ़ाखेड़ा गांव में हुई हृदय विदारक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सोचकर ही मन सिहर उठता है कि चार वर्ष का मासूम और उसकी बड़ी बहन किस तरह आग की लपटों से जूझे होंगे। मकान बंद था तो धुआं भी उनका दम घोट रहा होगा। बच्चों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, लेकिन उनकी चीख पुकार लपटों और धुएं के बीच दबकर रह गई। जब ग्रामीण अंदर दाखिल हुए तो नजारा होश उड़ाने वाला था।
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मां के साथ चार साल का पार्थ और 12 साल की तनवी जलकर मौत हो गई। जिसे देख ग्रामीणों का कलेजा कांप उठा। हर कोई दंग रह गया। मूंढ़ाखेड़ा में हुई दर्दनाक घटना को सबसे पहले गांव के पूर्व प्रधान शराफत ने देखा था। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे नितिन के घर में धुआं उठ रहा था। वह तुरंत घर के दरवाजे पर पहुंचे और आवाज लगाई। घर से आग की लपटें और धुएं के गुबार निकल रहा था। भीतर से किसी की आवाज नहीं आने उन्होंने तुरंत ही शोर मचा दिया। इसके बाद लोगों की भीड़ जमा हो गई। लेकिन जब ग्रामीण घर में दाखिल हुए तो नजारा देखकर लोगों की रूह कांप गई। शराफत ने बताया कि ग्रामीणों के भीतर पहुंचने तक तनवी और पार्थ की मौत हो चुकी थी। जबकि मंजू तड़प रही थी। इसके बाद ग्रामीण तीनों को लेकर अस्पताल की तरफ भागे।
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100 प्रतिशत झुलस गए थे बच्चे, 90 प्रतिशत मंजू
अस्पताल में पहुंचने से पहले ही तनवी और पार्थ की मौत हो चुकी थी। इस दौरान डॉक्टरों ने देखा कि दोनों भाई बहन सौ प्रतिशत पूरी तरह झुलसे हुए थे। जबकि मंजू 90 प्रतिशत झुलसी हुई थी। चेहरे से तीनों को पहचान पाना भी मुश्किल हो रहा था।
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पति-पत्नी के विवाद की सजा बच्चों को क्यों मिली
अमरोहा। बीते पांच सालों से मंजू और उसके पति नितिन के बीच तकरार चल रही थी। लगातार कहासुनी होती रहती थी। मंजू अपने घर को चलाना चाहती थी इसलिए वह नितिन पर घर को बर्बाद नहीं करने का दबाव बनाती थी। मायके वालों के मुताबिक नितिन ने अपने नाम की जमीन और अमरोहा का मकान बेच दिया था। जबकि दुकान पर लाखों रुपये का कर्ज ले लिया था। गांव में केवल नितिन की मां के नाम पर चार बीघा जमीन बची हुई है। विवाद के चलते करीब चार महीने पहले मंजू अपनी मायके चली गई थी। इस दौरान बेटी तनवी गुरुकुल के हॉस्टल में रहती थी। जबकि बेटा पार्थ अपनी दादी के पास था। लेकिन करीब एक महीने पहले नितिन मंजू के मायके पहुंचा और अपनी आदतों में सुधार करने की बात कह कर मंजू को वापस बुला लाया था। मंजू के भाई प्रदीप के मुताबिक दोनों के बीच मनमुटाव के दो मुकदमे भी चल रहे हैं। लेकिन, पति-पत्नी के विवाद के बीच बच्चों की क्या गलती थी। मंजू के साथ आग में जलकर मरने वाले बच्चों के साथ पूरे परिवार जैसे तहस नहस हो गया है।

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एक दिन पहले बेटी को गुरुकुल से लेकर आया था नितिन
नौगावां सादात। बृहस्पतिवार को मंजू के बेटे पार्थ का जन्मदिन था। इसे एक दिन पहले नितिन खुद बेटी तनवी को गुरुकुल चोटीपुरा से बुलाकर घर लेकर आया था। नितिन के द्वारा तनवी को गुरुकुल से ले आने की पुष्टि कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सुमेधा ने की है।
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