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Amroha News: बीमा कंपनी को नौ प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाने होंगे पॉलिसी के पांच लाख

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 27 May 2025 01:51 AM IST
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The insurance company will have to pay Rs 5 lakh of the policy with 9% interest
अमरोहा। किसान की मौत के बाद बीमा कंपनी ने पॉलिसी क्लेम देने से इन्कार कर दिया। मामले में मृतक की पत्नी ने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। इसके बाद फोरम ने बीमा कंपनी को बीमा की कुल धनराशि पांच लाख रुपये को नौ प्रतिशत ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीमा कंपनी पर आर्थिक व मानसिक और वाद खर्च के रूप में 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। यह पूरी धनराशि बीमा कंपनी को एक महीने में सौंपनी होगी।
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नौगांवा सादात थानाक्षेत्र के नया गांव में रहने वाले किसान कर्मवीर सिंह की तीन मार्च 2019 को खेत पर ट्यूबवेल चलाते समय करंट लगने से मौत हो गई थी। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया था। कर्मवीर का मुख्यमंत्री किसान और सर्वहित बीमा योजना के अंतर्गत बीमा था। उनकी पत्नी मीनाक्षी ने 14 अप्रैल 2019 को बीमा भुगतान के लिए क्लेम किया। लेकिन, दि ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने क्लेम देने से इन्कार कर दिया।
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इस पर मीनाक्षी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ने बीमा कंपनी को तलब किया। बीमा कंपनी ने तर्क रखा कि मृतक कर्मवीर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। मृतक की मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर कंपनी बीमा पॉलिसी का भुगतान नहीं करती है। जबकि, पुलिस के पंचनामा रिपोर्ट और ग्राम प्रधान से जारी प्रमाणपत्र में करंट लगने से मौत की बात कही गई थी। घटना के समय किसान अपने खेत में फसल की सिंचाई करने गए थे।
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मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कर्मवीर सिंह की हत्या किए जाने या अन्य किसी प्रकार का लक्षण भी नहीं पाया गया है। ऐसी स्थिति में पंचनामे में पंचों की राय, जीडी रिपोर्ट, प्रधान की आख्या और थाने पर तत्काल सूचना दिए जाना, जिसमें मौत का कारण करंट लगने से बताया गया। यह तर्क विश्वास करने योग्य है। जबकि बीमा कंपनी की ओर से भी कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे साफ हो सके कि कर्मवीर की मौत किसी अन्य कारण से हुई थी।

परिजनों ने कर्मवीर की मौत की सूचना पुलिस को दी गई थी। जिससे यह स्पष्ट है कि कर्मवीर की मौत असामान्य परिस्थितियों में अप्राकृतिक रूप से ट्यूबबेल चलाते समय करंट लगने के कारण हुई। बीमा कंपनी ने पीड़िता के दावे को अपुष्ट व सत्य तथ्यों के आधार पर अस्वीकार किया है, जो मौजूद साक्ष्यों व तथ्यों के विपरीत है। जिसके आधार पर जिला उपभोक्ता विभाग प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह ने कंपनी को बीमा की कुल धनराशि पांच लाख को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत देने के निर्देश दिए हैं।
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