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Amroha News: 350 साल पुराना है आदमपुर के पातालेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास
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आदमपुर (अमरोहा)। आदमपुर के पातालेश्वर महादेव मंदिर पर भी सावन के चाैथे सोमवार को जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। मंदिर का इतिहास करीब 350 साल पुराना है। मान्यता है कि यहां माता पार्वती और प्रथम पूज्य गणेश जी के साथ भगवान शिव का स्वरूप पाताल से प्रकट हुए थे, जो आज भी यहां पर विराजमान हैं। इसलिए मंदिर का नाम पातालेश्वर महादेव मंदिर रखा गया था। साथ ही मंदिर को त्रिमूर्ति धाम भी कहा जाता है।
मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जो भी कोई भक्त पूजा अर्चना करता है उसकी मन्नत जरूरी पूरी होती है। हर साल सावन में मंदिर में कांवड़ और जलाभिषेक किया जाता है। माना जाता है कि आदमपुर में करीब 350 साल पुराना प्राचीन मंदिर है। क्षेत्र में इस मंदिर की बड़ी मान्यता है। हर साल फाल्गुन व सावन माह में हजारों शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लाकर यहां जलाभिषेक करते हैं। समय-समय पर मंदिर में मेले का आयोजन होता है। त्रिमूर्ति धाम पातालेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य सेवक पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश अग्रवाल ने बताया आदमपुर में स्वयंभू प्रकटेश्वर महादेव मंदिर है।
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मान्यता है कि यहां सच्चे मन से जो भी कोई भक्त पूजा अर्चना करता है उसकी मन्नत जरूरी पूरी होती है। हर साल सावन में मंदिर में कांवड़ और जलाभिषेक किया जाता है। माना जाता है कि आदमपुर में करीब 350 साल पुराना प्राचीन मंदिर है। क्षेत्र में इस मंदिर की बड़ी मान्यता है। हर साल फाल्गुन व सावन माह में हजारों शिवभक्त हरिद्वार से कांवड़ लाकर यहां जलाभिषेक करते हैं। समय-समय पर मंदिर में मेले का आयोजन होता है। त्रिमूर्ति धाम पातालेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य सेवक पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतीश अग्रवाल ने बताया आदमपुर में स्वयंभू प्रकटेश्वर महादेव मंदिर है।
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