{"_id":"6776e5fd77003954b90372fa","slug":"the-head-of-the-municipality-said-the-eo-put-on-hold-the-work-plan-worth-four-crores-jpnagar-news-c-284-1-smbd1015-131866-2025-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: पालिकाध्यक्ष बोलीं, ईओ ने चार करोड़ की कार्ययोजना लटकाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: पालिकाध्यक्ष बोलीं, ईओ ने चार करोड़ की कार्ययोजना लटकाई
Fri, 03 Jan 2025 12:46 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 03 Jan 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
गजरौला (अमरोहा)।
पालिकाध्यक्ष ने ईओ पर औद्योगिक इकाइयों से संपत्ति कर के रूप में मिले चार करोड़ रुपयों की कार्ययोजना लंबित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईओ पालिका की व्यवस्था को बिगाड़ना चाहती हैं। उन्होंने सीएम से कार्ययोजना स्वीकृत कराने और जांच कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। आरोप लगाया कि नगरपालिका को औद्योगिक क्षेत्र की साइट-वन और साइट-टू में स्थित औद्योगिक इकाइयों से संपत्ति कर के रूप में चार करोड़ रुपये मिले हैं। इस रकम से नगर में विकास कार्य कराए जाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई। इंदिरा चौक से पक्के पुल तक विद्युतीकरण का कार्य कराना जाना प्रस्तावित है। जिससे बदायूं-बिल्सी-बिजनौर मार्ग का अंधेरा दूर हो। अंधेरे के कारण हादसे होते रहते हैं। कई गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई।
पालिकाध्यक्ष का आरोप है कि ईओ दीपिका शुक्ला ने अज्ञानता या जानबूझ कर कार्ययोजना को लंबित करने के लिए संपत्ति कर से मिले चार करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाने के संबंध में शासन से दिशा निर्देश मांगा है। ईओ जानबूझकर कार्ययोजना को स्वीकृत नहीं कर रही हैं। वह पालिका की व्यवस्था को बिगाड़ना चाहती हैं। पालिकाध्यक्ष का आरोप है कि ईओ ने पालिका के रात्रि वाहन चालक रवि कुमार का वेतन रोक दिया, जिससे रात में गोवंशीय पशुओं को उठाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पालिकाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से कार्ययोजना को स्वीकृत कराने और जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से कार्य के लिए गठित है समिति
गजरौला।
पालिकाध्यक्ष ने सीएम को भेजे पत्र में कहा कि संपत्ति कर के रूप में मिली धनराशि से कार्य कराए जाने के लिए समिति गठित है। डीएम इसके अध्यक्ष हैं। एसडीएम मंडी धनौरा, यूपीसीडा बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक गजरौला इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि समिति के सदस्य होते हैं, जबकि ईओ सदस्य के साथ ही सचिव भी होते हैं। पालिका को संपत्ति कर से मिली चार करोड़ की राशि से विकास कार्य कराने के लिए इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि सुनील दीक्षित के हस्ताक्षर भी हैं। इसके बाद भी ईओ कार्ययोजना को लंबित कर रही हैं।
- यूपीसीडा ने सितंबर माह में औद्योगिक क्षेत्र को नगर पालिका से वापस ले लिया। इसलिए संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य कराए जाने के लिए शासन से दिशा निर्देश मांगे गए थे। पालिकाध्यक्ष पति वीडियो वायरल कर कार्ययोजना लंबित करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि उनको इसका कोई अधिकार नहीं है। -दीपिका शुक्ला, ईओ नगर पालिका गजरौला
विज्ञापन
पालिकाध्यक्ष ने ईओ पर औद्योगिक इकाइयों से संपत्ति कर के रूप में मिले चार करोड़ रुपयों की कार्ययोजना लंबित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईओ पालिका की व्यवस्था को बिगाड़ना चाहती हैं। उन्होंने सीएम से कार्ययोजना स्वीकृत कराने और जांच कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
पालिकाध्यक्ष राजेंद्री उर्फ उमा देवी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। आरोप लगाया कि नगरपालिका को औद्योगिक क्षेत्र की साइट-वन और साइट-टू में स्थित औद्योगिक इकाइयों से संपत्ति कर के रूप में चार करोड़ रुपये मिले हैं। इस रकम से नगर में विकास कार्य कराए जाने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई। इंदिरा चौक से पक्के पुल तक विद्युतीकरण का कार्य कराना जाना प्रस्तावित है। जिससे बदायूं-बिल्सी-बिजनौर मार्ग का अंधेरा दूर हो। अंधेरे के कारण हादसे होते रहते हैं। कई गोवंशीय पशुओं की मौत हो गई।
विज्ञापन
पालिकाध्यक्ष का आरोप है कि ईओ दीपिका शुक्ला ने अज्ञानता या जानबूझ कर कार्ययोजना को लंबित करने के लिए संपत्ति कर से मिले चार करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाने के संबंध में शासन से दिशा निर्देश मांगा है। ईओ जानबूझकर कार्ययोजना को स्वीकृत नहीं कर रही हैं। वह पालिका की व्यवस्था को बिगाड़ना चाहती हैं। पालिकाध्यक्ष का आरोप है कि ईओ ने पालिका के रात्रि वाहन चालक रवि कुमार का वेतन रोक दिया, जिससे रात में गोवंशीय पशुओं को उठाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पालिकाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से कार्ययोजना को स्वीकृत कराने और जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से कार्य के लिए गठित है समिति
गजरौला।
पालिकाध्यक्ष ने सीएम को भेजे पत्र में कहा कि संपत्ति कर के रूप में मिली धनराशि से कार्य कराए जाने के लिए समिति गठित है। डीएम इसके अध्यक्ष हैं। एसडीएम मंडी धनौरा, यूपीसीडा बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक गजरौला इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि समिति के सदस्य होते हैं, जबकि ईओ सदस्य के साथ ही सचिव भी होते हैं। पालिका को संपत्ति कर से मिली चार करोड़ की राशि से विकास कार्य कराने के लिए इंडस्ट्रीयल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि सुनील दीक्षित के हस्ताक्षर भी हैं। इसके बाद भी ईओ कार्ययोजना को लंबित कर रही हैं।
- यूपीसीडा ने सितंबर माह में औद्योगिक क्षेत्र को नगर पालिका से वापस ले लिया। इसलिए संपत्ति कर से प्राप्त धनराशि से औद्योगिक क्षेत्र में विकास कार्य कराए जाने के लिए शासन से दिशा निर्देश मांगे गए थे। पालिकाध्यक्ष पति वीडियो वायरल कर कार्ययोजना लंबित करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि उनको इसका कोई अधिकार नहीं है। -दीपिका शुक्ला, ईओ नगर पालिका गजरौला