{"_id":"616335738ebc3edaf04f2ad3","slug":"the-gap-between-the-police-line-was-bridged-the-distance-between-bhakyu-and-the-administration-did-not-decrease-regarding-the-mahapanchayat-hasanpur-news-mbd405728662","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस लाइन की खाई पटी, महापंचायत को लेकर भाकियू व प्रशासन की दूरी नहीं घटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस लाइन की खाई पटी, महापंचायत को लेकर भाकियू व प्रशासन की दूरी नहीं घटी
विज्ञापन
अमरोहा में किसानों के अड़ने के बाद बैकफुट पर आकर प्रशासन द्वारा पाटी गई खाई।
- फोटो : HASANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। पुलिस लाइन के मैदान पर होने वाली किसानों की महापंचायत को लेकर भाकियू और पुलिस-प्रशासन के बीच रस्साकशी जारी है। इस बीच पुलिस लाइन पर खुदी खाई को पाट दिया गया। इसे भाकियू ने अपनी जीत बताया। वहीं पुलिस-प्रशासन का कहना है कि पुलिस लाइन के मैदान पर महापंचायत की अनुमति नहीं दी गई और खाई किसने पटवा दी है, इसकी जांच कराई जाएगी।
दरअसल 22 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोया रोड स्थित पुलिस लाइन के मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इसके अगले ही दिन भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पदाधिकारी पुलिस लाइन के मैदान का मुआयना कर 17 अक्तूबर को किसान संयुक्त मोर्चा की किसान महापंचायत का एलान कर दिया था। भाकियू नेताओं ने प्रशासन को यह भी चेतावनी दी थी कि किसानों को महापंचायत करने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ती है। जिसके बाद से जिला प्रशासन के होश उड़े हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कई बार किसानों से वार्ता कर चुके हैं। लेकिन किसान मुख्यमंत्री की जनसभा स्थान पर महापंचायत करने की जिद पर अड़े हैं।
इस बीच पुलिस लाइन के निर्माण के लिए प्रशासन ने नींव खुदवा दी। इस बात से किसान नेताओं में आक्रोश हो गया था। उनका आरोप है कि प्रशासन ने महापंचायत रोकने के लिए पुलिस लाइन में खाई खुदवाई है। गुरुवार को किसान नेताओं को पुलिस ऑफिस में बुलाया गया था। यहां डीएम बीके त्रिपाठी और एसपी पूनम ने किसान नेताओं से पुलिस लाइन के मैदान में महापंचायत नहीं करने का अनुरोध किया था। करीब एक घंटे तक चली चर्चा में भाकियू नेताओं ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन द्वारा जेसीबी चलवाकर मैदान में जो खुदाई कराई गई है, पहले उसे बंद कराया जाए। खाई बंद होने तक इस संबंध में कोई वार्ता नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
उधर, शनिवार की रात पुलिस लाइन के मैदान में खुदवाई खाई को समतल करा दिया है। साथ ही तीन बड़े फ्लेक्सी बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें लिखा है कि यह भूमि पुलिस लाइन जनपद अमरोहा के लिए आरक्षित है। खाई पटने को भाकियू पदाधिकारियों ने अपनी जीत बताया है। उधर, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पुलिस लाइन की खाई किसने पटवाई है, इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस लाइन की जमीन पर निजी कार्यक्रम की अनुमति नहीं है।
किसानों और प्रशासन के बीच खोदी गई खाई को पटने से किसान एकता की जीत हुई है। हमने शर्त रखी थी कि खाई के पटने तक प्रशासन से कोई वार्ता नहीं होगी। लेकिन अब हम प्रशासन से वार्ता के लिए तैयार हैं। -रामपाल सिंह, जिला अध्यक्ष भाकियू टिकैत।
विज्ञापन
दरअसल 22 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोया रोड स्थित पुलिस लाइन के मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इसके अगले ही दिन भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के पदाधिकारी पुलिस लाइन के मैदान का मुआयना कर 17 अक्तूबर को किसान संयुक्त मोर्चा की किसान महापंचायत का एलान कर दिया था। भाकियू नेताओं ने प्रशासन को यह भी चेतावनी दी थी कि किसानों को महापंचायत करने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं पड़ती है। जिसके बाद से जिला प्रशासन के होश उड़े हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कई बार किसानों से वार्ता कर चुके हैं। लेकिन किसान मुख्यमंत्री की जनसभा स्थान पर महापंचायत करने की जिद पर अड़े हैं।
विज्ञापन
इस बीच पुलिस लाइन के निर्माण के लिए प्रशासन ने नींव खुदवा दी। इस बात से किसान नेताओं में आक्रोश हो गया था। उनका आरोप है कि प्रशासन ने महापंचायत रोकने के लिए पुलिस लाइन में खाई खुदवाई है। गुरुवार को किसान नेताओं को पुलिस ऑफिस में बुलाया गया था। यहां डीएम बीके त्रिपाठी और एसपी पूनम ने किसान नेताओं से पुलिस लाइन के मैदान में महापंचायत नहीं करने का अनुरोध किया था। करीब एक घंटे तक चली चर्चा में भाकियू नेताओं ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन द्वारा जेसीबी चलवाकर मैदान में जो खुदाई कराई गई है, पहले उसे बंद कराया जाए। खाई बंद होने तक इस संबंध में कोई वार्ता नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
उधर, शनिवार की रात पुलिस लाइन के मैदान में खुदवाई खाई को समतल करा दिया है। साथ ही तीन बड़े फ्लेक्सी बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें लिखा है कि यह भूमि पुलिस लाइन जनपद अमरोहा के लिए आरक्षित है। खाई पटने को भाकियू पदाधिकारियों ने अपनी जीत बताया है। उधर, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पुलिस लाइन की खाई किसने पटवाई है, इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल पुलिस लाइन की जमीन पर निजी कार्यक्रम की अनुमति नहीं है।
किसानों और प्रशासन के बीच खोदी गई खाई को पटने से किसान एकता की जीत हुई है। हमने शर्त रखी थी कि खाई के पटने तक प्रशासन से कोई वार्ता नहीं होगी। लेकिन अब हम प्रशासन से वार्ता के लिए तैयार हैं। -रामपाल सिंह, जिला अध्यक्ष भाकियू टिकैत।

अमरोहा जोया रोड स्थित पुलिस लाइन के मैदान में सड़क किनारे खोदी गई नीव नुमा खाई।- फोटो : JPNAGAR