{"_id":"6a3ae36c056ba3ed9403ad04","slug":"the-forest-department-caged-a-goat-to-catch-a-leopard-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-166633-2026-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरे में बांधी बकरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरे में बांधी बकरी
Wed, 24 Jun 2026 01:20 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:20 AM IST
विज्ञापन
कैलसा। ग्राम सुल्तानपुर इंतजाम अली खां में तेंदुए के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। सोमवार सुबह खेत में चारा काट रहे किसान इंद्रपाल पर तेंदुए ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद वन विभाग सक्रिय हुआ और गांव में तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया। मंगलवार को भी वन विभाग सतर्क रहा।
ग्रामीणों के अनुसार, हमलावर मादा तेंदुआ बताई जा रही है, जिसके साथ दो शावक भी देखे गए थे। हमले के बाद एक शावक गायब हो गया जबकि दूसरा वन विभाग की टीम को जंगल क्षेत्र में मिला था। शावक को सुरक्षित रखने के लिए उसे पिंजरे के पास ही निगरानी में रखा गया लेकिन तेंदुआ के पकड़ में न आने पर अब ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में बकरी (मेमना) बांधकर लुभाने की कोशिश की है, साथ ही आसपास पेड़ पर कैमरा भी लगाया गया है जिससे गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। हालांकि दूसरे दिन भी तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंसा, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अपने एक शावक को लेकर जंगल की ओर लौट गया है, ऐसे में उसे पकड़ना और भी मुश्किल हो सकता है। उधर, हमले के दौरान किसान इंद्रपाल के शरीर पर करीब 25 गंभीर जख्म आए थे। संघर्ष के बावजूद उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई। मंगलवार को अस्पताल में भर्ती इंद्रपाल की सेहत में कुछ सुधार हुआ है। उन्होंने दवा लेने के साथ खाना भी खाया। दहशतजद ग्रामीणों ने खेतों की तरफ बच्चों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है। ग्राम प्रधान महेश कुमार ने बताया कि गांव में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों को अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी गई है। डिप्टी रेंजर राजीव वर्मा ने बताया कि टीम लगातार निगरानी कर रही है और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार, हमलावर मादा तेंदुआ बताई जा रही है, जिसके साथ दो शावक भी देखे गए थे। हमले के बाद एक शावक गायब हो गया जबकि दूसरा वन विभाग की टीम को जंगल क्षेत्र में मिला था। शावक को सुरक्षित रखने के लिए उसे पिंजरे के पास ही निगरानी में रखा गया लेकिन तेंदुआ के पकड़ में न आने पर अब ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में बकरी (मेमना) बांधकर लुभाने की कोशिश की है, साथ ही आसपास पेड़ पर कैमरा भी लगाया गया है जिससे गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। हालांकि दूसरे दिन भी तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंसा, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अपने एक शावक को लेकर जंगल की ओर लौट गया है, ऐसे में उसे पकड़ना और भी मुश्किल हो सकता है। उधर, हमले के दौरान किसान इंद्रपाल के शरीर पर करीब 25 गंभीर जख्म आए थे। संघर्ष के बावजूद उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई। मंगलवार को अस्पताल में भर्ती इंद्रपाल की सेहत में कुछ सुधार हुआ है। उन्होंने दवा लेने के साथ खाना भी खाया। दहशतजद ग्रामीणों ने खेतों की तरफ बच्चों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है। ग्राम प्रधान महेश कुमार ने बताया कि गांव में सतर्कता बढ़ा दी गई है और लोगों को अकेले खेतों में न जाने की सलाह दी गई है। डिप्टी रेंजर राजीव वर्मा ने बताया कि टीम लगातार निगरानी कर रही है और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन