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गाजीपुर से खाली हाथ आए तो आने वाली पीढ़ी नहीं करेंगी माफ : नरेश टिकैत
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अमरोहा। मंडी धनौरा क्षेत्र में महापंचायत में नरेश टिकैत किसानों को संबोधित करते हुए व मौजूद किस?
- फोटो : DHANAURA
मंडी धनौरा (अमरोहा)। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने किसानों को चेताते हुए कहा है कि यदि गाजीपुर बॉर्डर से खाली हाथ आ गए तो आने वाली पीढ़ी उन्हें माफ नहीं करेंगी। सरकार के खिलाफ चल रही लड़ाई किसानों के मान-सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई है। सरकार किसानों की बेइज्जती कर रही है। वह रविवार को क्षेत्र के गांव शहजादपुर में आयोजित महापंचायत में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।
नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों ने बहुत ही उम्मीद व आशाओं के साथ भाजपा की सरकार बनाई थी, लेकिन सरकार ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। किसानों से राय मशविरा किए बगैर कृषि कानून लागू कर दिए। उन्होंने कहा कि 11 दौर की वार्ता के बाद भी सरकार उनकी मांगे नहीं मान रही है। इससे भददा मजाक क्या होगा। किसान आंदोलन में लगभग 300 किसान शहीद हो गए, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक शब्द भी नहीं बोला। किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी, आंदोलनजीवी, टुकड़े-टुकड़े गैंग तक कहा गया। अब किसान सरकार को उसकी औकात दिखाएगा।
नरेश टिकैत ने कहा कि यह किसानों के मान, सम्मान व स्वाभिमान की लड़ाई है। यह किसानों के लिए परीक्षा की घड़ी है। यदि गाजीपुर बॉर्डर से खाली हाथ आ गए तो आने वाली पीढ़ी माफ नहीं करेगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक गांव से आठ-दस लोग गाजीपुर बॉर्डर पर अवश्य जाते रहें। किसानों की शक्ति की वजह से ही भाजपा के एमपी व एमएलए गांवों में जाने से डर रहे हैं। भाजपा के जनप्रतिनिधियों के गांवों में आने पर उनसे कृषि कानूनों को लेकर सीधा सवाल करें।
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उनका कहना था कि किसान किसी भी दशा में कृषि सुधार कानूनों को स्वीकार नहीं करेगा। इससे पहले नरेश टिकैत का शहजादपुर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयपाल सिंह ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सरकार कहती है कि उसने किसानों की आय दोगुनी कर दी। जबकि सच यह कि भाजपा सरकार ने बीते चार सालों में गन्ना मूल्य में एक रुपये की भी वृद्घि नहीं की। इस मौके पर दर्शन सिंह ने टिकैत व विजयपाल सिंह को कृपाण भेंट की। महापंचायत में राजेश चौहान, उम्मेद सिंह, नौ सिंह, दानवीर सिंह, बिजेंद्र शर्मा, सौवीर सिंह, सुभाष चंद, धर्मेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, अशोक प्रधान आदि मौजूद थे।
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नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों ने बहुत ही उम्मीद व आशाओं के साथ भाजपा की सरकार बनाई थी, लेकिन सरकार ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। किसानों से राय मशविरा किए बगैर कृषि कानून लागू कर दिए। उन्होंने कहा कि 11 दौर की वार्ता के बाद भी सरकार उनकी मांगे नहीं मान रही है। इससे भददा मजाक क्या होगा। किसान आंदोलन में लगभग 300 किसान शहीद हो गए, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक शब्द भी नहीं बोला। किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी, आंदोलनजीवी, टुकड़े-टुकड़े गैंग तक कहा गया। अब किसान सरकार को उसकी औकात दिखाएगा।
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नरेश टिकैत ने कहा कि यह किसानों के मान, सम्मान व स्वाभिमान की लड़ाई है। यह किसानों के लिए परीक्षा की घड़ी है। यदि गाजीपुर बॉर्डर से खाली हाथ आ गए तो आने वाली पीढ़ी माफ नहीं करेगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक गांव से आठ-दस लोग गाजीपुर बॉर्डर पर अवश्य जाते रहें। किसानों की शक्ति की वजह से ही भाजपा के एमपी व एमएलए गांवों में जाने से डर रहे हैं। भाजपा के जनप्रतिनिधियों के गांवों में आने पर उनसे कृषि कानूनों को लेकर सीधा सवाल करें।
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उनका कहना था कि किसान किसी भी दशा में कृषि सुधार कानूनों को स्वीकार नहीं करेगा। इससे पहले नरेश टिकैत का शहजादपुर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयपाल सिंह ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा सरकार कहती है कि उसने किसानों की आय दोगुनी कर दी। जबकि सच यह कि भाजपा सरकार ने बीते चार सालों में गन्ना मूल्य में एक रुपये की भी वृद्घि नहीं की। इस मौके पर दर्शन सिंह ने टिकैत व विजयपाल सिंह को कृपाण भेंट की। महापंचायत में राजेश चौहान, उम्मेद सिंह, नौ सिंह, दानवीर सिंह, बिजेंद्र शर्मा, सौवीर सिंह, सुभाष चंद, धर्मेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, अशोक प्रधान आदि मौजूद थे।