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जलने कुछ देर बाद ही बुझ गए अलाव, कैसे हो ठंड से बचाव
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ठंड का सितम बढ़ने लगी है। पारा में गिरावट आने से लोग बेहाल हैं। चिकित्सकों ने बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचने को कहा है। नगर पालिका की ओर से राहगीरों को ठंड से बचाव के लिए अलाव के इंतजाम किए गए हैं। ताकि सूर्यास्त के बाद राहगीरों को राहत मिल सके। लेकिन रात को 10 बजे के बाद अलाव बुझ जाते हैं। सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस वालों को ठंड में दिक्तत हो रही है। रेलवे स्टेशन के सामने के रैन बसेरे में एक व्यक्ति ठहरे हुए मिला। नगर पालिका की ओर से शहर में 19 जगहों पर अलाव जलाए जाने का दावा किया जा रहा है, जो धार्मिक स्थल के अलावा चौक चौराहें हैं। लेकिन हकीकत इससे जुदा है। अमर उजाला की टीम रविवार की रात इसकी पड़ताल की तो नगर पालिका के दावों से पर्दा उठ गया। हालांकि अधिकांश जगहों पर अलाव बुझे मिले, जबकि दो स्थान ऐसे थे, जहां लकड़ी ही नहीं डाली गई थी।
टीपी नगर पुलिस चौकी, जैन मंदिर, नगर पालिका परिषद, जामा मस्जिद, शाह विलायत दरगाह गेट, लकड़ा चौराहा, शकूरपुरा मंदिर, बाजार रज्जाक पुलिस चौकी, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन रैन बसेरा, मंडी चौब चौराहा, बड़ा दरबार-इमामबाड़ा, बड़ा बाजार चौराहा, गुल्लू का नीम, रजाक पुलिस चौकी, बसावनगंज चौराहा, शाही चबूतरा, नल चौराहा, अतरासी तिराहा शामिल है। ान
अलाव तापते हुए पांच लोग मिलें। कर्मचारी ज्योति स्वरुप ने बताया कि लकड़ी पर्याप्त है। रेलवे स्टेशन से आने वाले लोग अलाव के पास ठहरते हैं। रिक्शा और ई रिक्शा चालक भी आते रहते हैं। इसके अलावा शाही चबूतरा, गूल्लू का नीम के पास अलाव की लकड़ी खत्म हो रही थी।
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अलाव की लकड़ियां खत्म हो रही थीं। चार युवा अलाव के पास खड़े मिलें। इन्होंने बताया कि लकड़ी नहीं है। वहीं जट बाजार सराफा मार्केट-तहसील मोड़ के पास पुलिस के सिपाही मुस्तैद दिखें। लेकिन अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी।
पुलिस चेक पोस्ट के पास पुलिस के दो सिपाही ड्यूटी पर मुस्तैद दिखें। यहां पर अलाव नहीं था। पुलिस के सिपाहियों ने बताया कि रोजाना लकड़ी आती है, जो प्रयाप्त नहीं होतीं।
नगर की रज्जाक पुलिस चौकी के पास अलाव ठंडा पड़ा मिला। जबकि अलाव के पास कई लोग खड़े मिलें। जिन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा लकड़ी डालने के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। ा
करीब साढ़े ग्यारह बजे टीम नगर पालिका में रैन बसेरे का जायजा लेने पहुंची। यहां नगर पालिका के भीतर भी अलाव ठंड पड़ा मिला।
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टीपी नगर पुलिस चौकी, जैन मंदिर, नगर पालिका परिषद, जामा मस्जिद, शाह विलायत दरगाह गेट, लकड़ा चौराहा, शकूरपुरा मंदिर, बाजार रज्जाक पुलिस चौकी, रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन रैन बसेरा, मंडी चौब चौराहा, बड़ा दरबार-इमामबाड़ा, बड़ा बाजार चौराहा, गुल्लू का नीम, रजाक पुलिस चौकी, बसावनगंज चौराहा, शाही चबूतरा, नल चौराहा, अतरासी तिराहा शामिल है। ान
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अलाव तापते हुए पांच लोग मिलें। कर्मचारी ज्योति स्वरुप ने बताया कि लकड़ी पर्याप्त है। रेलवे स्टेशन से आने वाले लोग अलाव के पास ठहरते हैं। रिक्शा और ई रिक्शा चालक भी आते रहते हैं। इसके अलावा शाही चबूतरा, गूल्लू का नीम के पास अलाव की लकड़ी खत्म हो रही थी।
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अलाव की लकड़ियां खत्म हो रही थीं। चार युवा अलाव के पास खड़े मिलें। इन्होंने बताया कि लकड़ी नहीं है। वहीं जट बाजार सराफा मार्केट-तहसील मोड़ के पास पुलिस के सिपाही मुस्तैद दिखें। लेकिन अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी।
पुलिस चेक पोस्ट के पास पुलिस के दो सिपाही ड्यूटी पर मुस्तैद दिखें। यहां पर अलाव नहीं था। पुलिस के सिपाहियों ने बताया कि रोजाना लकड़ी आती है, जो प्रयाप्त नहीं होतीं।
नगर की रज्जाक पुलिस चौकी के पास अलाव ठंडा पड़ा मिला। जबकि अलाव के पास कई लोग खड़े मिलें। जिन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा लकड़ी डालने के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। ा
करीब साढ़े ग्यारह बजे टीम नगर पालिका में रैन बसेरे का जायजा लेने पहुंची। यहां नगर पालिका के भीतर भी अलाव ठंड पड़ा मिला।