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Amroha News: छात्रा के अपहरण के दोषी को तीन साल छह महीने की सजा
Tue, 11 Mar 2025 01:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 11 Mar 2025 01:27 AM IST
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अमरोहा। कक्षा दस की छात्रा के अपहरण के दोषी को न्यायालय ने तीन साल छह महीने की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फिलहाल दोषी जमानत पर जेल से बाहर था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से पीड़ित कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराने नहीं पहुंची।
यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र में हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है। उनकी 15 वर्षीय बेटी अपनी बड़ी बहन और मामा के साथ इंटर कॉलेज में पढ़ने जाती थी। वह कक्षा 10 की छात्रा थी। इस दौरान छात्रा के साथ वामिक छेड़खानी करता था और उसका पीछा करता था। 27 अप्रैल 2016 की सुबह नौ बजे वामिक ने किसान के फोन पर अननोन नंबरों से कॉल की और उनकी बेटी के अपहरण की धमकी दी। इसके बाद उसी दिन रात को आरोपी वामिक अपने साथियों के साथ छात्रा का अपहरण करके ले गए। इस मामले में किसान ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया और आरोपी वामिक को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले में केवल वामिक के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, लेकिन हैरत की बात यह है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से छात्रा आज तक न्यायालय में अपने बयान दर्ज करने नहीं पहुंची। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय अरविंद कुमार शुक्ला की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी पैरवी कर रहे थे। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर वामिक को अपहरण का दोषी माना और तीन साल छह महीने की सजा सुनाई।
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यह घटना आदमपुर थानाक्षेत्र में हुई थी। यहां पर किसान का परिवार रहता है। उनकी 15 वर्षीय बेटी अपनी बड़ी बहन और मामा के साथ इंटर कॉलेज में पढ़ने जाती थी। वह कक्षा 10 की छात्रा थी। इस दौरान छात्रा के साथ वामिक छेड़खानी करता था और उसका पीछा करता था। 27 अप्रैल 2016 की सुबह नौ बजे वामिक ने किसान के फोन पर अननोन नंबरों से कॉल की और उनकी बेटी के अपहरण की धमकी दी। इसके बाद उसी दिन रात को आरोपी वामिक अपने साथियों के साथ छात्रा का अपहरण करके ले गए। इस मामले में किसान ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया और आरोपी वामिक को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले में केवल वामिक के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था, लेकिन हैरत की बात यह है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से छात्रा आज तक न्यायालय में अपने बयान दर्ज करने नहीं पहुंची। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय अरविंद कुमार शुक्ला की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी पैरवी कर रहे थे। सोमवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर वामिक को अपहरण का दोषी माना और तीन साल छह महीने की सजा सुनाई।
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