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करबला तालाब पर अवैध कब्जे में पैमाइश को पहुंचे लेखपालों ने किया गुमराह
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करबला तालाब पर अवैध कब्जे के मामले में शिकायत होने के बाद एसडीएम के आदेश पर पहुंची राजस्व की टीम ने शिकायतकर्ताओं को गुमराह कर दिया। जहां से तालाब की नपाई शुरू होनी चाहिए। उसकी बजाय तालाब से करीब एक किमी की दूरी पर बाग की नपाई करने के लिए टीम पहुंच गई। मौके पर तालाब की पैमाइश करने की लेखपाल हिम्मत नहीं जुटा सके। वहीं शिकायतकर्ता अधिवक्ता एवं भाजपा नेता ने कहा कि आरोपी अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। सत्ताधारी नेताओं के दबाव में प्रशासन के अधिकारी सही से काम नहीं कर रहे।
हसनपुर में बिजलीघर के ठीक सामने की दिशा में एवं एसडीएम कार्यालय के नजदीक करबला की करीब साढ़े चौदह बीघा भूमि है। जिस पर कुछ भूमि पर तालाब बना हुआ है। कुछ समय पहले नगर पालिका की ओर से 29 लाख रुपये खर्च करके तालाब का जीर्णोद्घार कराया गया था, लेकिन अब तालाब की भूमि पर सत्ताधारी नेताओं की नजर पड़ गई है। बताते हैं कि सत्ताधारी नेता एवं प्रॉपर्टी डीलरों के गठजोड़ से बेेशकीमती भूमि पर प्लाटिंग की जा रही है। कई दिन पहले नगर निवासी अधिवक्ता एवं भजपा हसनपुर के मंडल मंत्री शुभम अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की थी। उन्होंने सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण में तालाब की भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। कहा कि करीब साढ़े चौदह बीघा भूमि में से सत्तर प्रतिशत भूमि पर अवैध कब्जा है। कब्जे का दायरा लगातार बढ़ रहा है। शिकायत होने के बाद एसडीएम के आदेश पर लेखपालों की टीम शनिवार को जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन जहां से पैमाइश शुरू होने चाहिए, वहां की बजाए करीब एक किमी दूरी पर बाग में टीम पहुंच गई। शिकायतकर्ताओं को वहां बुलाने की कोशिश हुई। शिकायतकर्ता एवं अधिवक्ता शुभम अग्रवाल का कहना है कि जांच के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण की वजह से ठीक से जांच भी शुरू नहीं की जा रही है। माफिया द्वारा अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।
करबला तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा की शिकायत पर शनिवार को राजस्व की टीम को मौके पर भेजा था। मेरी ड्यूटी कैबिनेट मंत्री कार्यक्रमों में थी। जो टीम द्वारा जांच की गई है। उसकी रिपोर्ट देखता हूं। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। -सुधीर कुमार, एसडीएम हसनपुर
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हसनपुर में बिजलीघर के ठीक सामने की दिशा में एवं एसडीएम कार्यालय के नजदीक करबला की करीब साढ़े चौदह बीघा भूमि है। जिस पर कुछ भूमि पर तालाब बना हुआ है। कुछ समय पहले नगर पालिका की ओर से 29 लाख रुपये खर्च करके तालाब का जीर्णोद्घार कराया गया था, लेकिन अब तालाब की भूमि पर सत्ताधारी नेताओं की नजर पड़ गई है। बताते हैं कि सत्ताधारी नेता एवं प्रॉपर्टी डीलरों के गठजोड़ से बेेशकीमती भूमि पर प्लाटिंग की जा रही है। कई दिन पहले नगर निवासी अधिवक्ता एवं भजपा हसनपुर के मंडल मंत्री शुभम अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की थी। उन्होंने सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण में तालाब की भूमि पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। कहा कि करीब साढ़े चौदह बीघा भूमि में से सत्तर प्रतिशत भूमि पर अवैध कब्जा है। कब्जे का दायरा लगातार बढ़ रहा है। शिकायत होने के बाद एसडीएम के आदेश पर लेखपालों की टीम शनिवार को जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन जहां से पैमाइश शुरू होने चाहिए, वहां की बजाए करीब एक किमी दूरी पर बाग में टीम पहुंच गई। शिकायतकर्ताओं को वहां बुलाने की कोशिश हुई। शिकायतकर्ता एवं अधिवक्ता शुभम अग्रवाल का कहना है कि जांच के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। सत्ताधारी नेताओं के संरक्षण की वजह से ठीक से जांच भी शुरू नहीं की जा रही है। माफिया द्वारा अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा।
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करबला तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा की शिकायत पर शनिवार को राजस्व की टीम को मौके पर भेजा था। मेरी ड्यूटी कैबिनेट मंत्री कार्यक्रमों में थी। जो टीम द्वारा जांच की गई है। उसकी रिपोर्ट देखता हूं। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। -सुधीर कुमार, एसडीएम हसनपुर
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