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पिटाई से गुस्साए तेंदुए ने किया हमला, एक घायल
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Wed, 11 May 2016 01:10 AM IST
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तेंदुअा
लेकिन, थके होने के बावजूद तेंदुए ने भागने के बजाए दहाड़ के साथ हमला कर दिया। कंधे पर पंजा लगने से एक ग्रामीण घायल हो गया। दहाड़ सुनते ही बाकी ग्रामीणों ने उल्टे पांव दौड़ लगा दी और नहर के बाहर आकर निगरानी करते रहे।
थाना क्षेत्र के गांव कमालपुरी माफी का एक ग्रामीण नजदीकी गांव खंडसाल में एक क्रेशर पर काम करता है। मंगलवार की सायं वह क्रेशर से घर जा रहा था। मंगलवार की शाम करीब पांच बजे वह अल्लीपुर और कमालपुरी माफी गांवों के बीच से होकर बह रही रामगंगा पोषक नहर पर पहुंचा, तो उसकी नजर नहर में पानी पी रहे तेंदुए पर पड़ी। तेंदुआ देखकर उसके रौंगटे खड़े हो गए। उसने गांव पहुंचकर लोगों को जानकारी दी।
इस पर ग्रामीण बंदूक, तमंचे, धारदार हथियार और लाठी डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। तेंदुआ को नहर किनारे आराम करते देख ग्रामीणों ने तेंदुए पर हमला बोल दिया और उसको लाठियों से पीटा। ग्रामीणों से बचने के लिए तेंदुए ने जैसे ही दहाड़ मारी, ग्रामीण दहशत में आ गए और भागने लगे। इस दौरान तेंदुए ने नया गांव निवासी बल्ले पर हमला कर दिया।
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कंधे पर पंजा लगने से ग्रामीण घायल हो गया। ग्रामीण नहर से बाहर निकलकर तेंदुए की निगरानी में जुटे रहे। सूचना देने पर करीब डेढ़ घंटा बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अंधेरा होने के कारण पुलिस ने ग्रामीणों को वहां से हटा दिया। रात करीब नौ बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए।
कहीं उत्तराखंड से तो नहीं आया तेंदुआ
अमरोहा(ब्यूरो)। राम गंगा पोषक नहर उत्तराखंड स्थित कालागढ़ के डैम से निकली है। इन दिनों नहर में पानी भी चल रहा है। कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड के जंगल में भीषण आग लगी थी। हो सकता है कि आग से बचकर तेंदुआ नहर के किनारे होता हुआ यहां आ गया।
लंबा सफर तय करने या फिर शिकार न मिलने के कारण तेंदुआ काफी थक चुका था। इस कारण ग्रामीणों का हमला होने के बावजूद तेंदुए ने भागने का प्रयास नहीं किया। जबकि, तेंदुए के बारे में कहा जाता है कि उसकी गति काफी तेज होती है और देखते ही देखते नजरों से ओझल हो जाता है। फिलहाल पकड़ में आने के बाद यही बात का पता लग सकता है। तेंदुआ थका हुआ है, भूखा है या फिर जख्मी है।
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थाना क्षेत्र के गांव कमालपुरी माफी का एक ग्रामीण नजदीकी गांव खंडसाल में एक क्रेशर पर काम करता है। मंगलवार की सायं वह क्रेशर से घर जा रहा था। मंगलवार की शाम करीब पांच बजे वह अल्लीपुर और कमालपुरी माफी गांवों के बीच से होकर बह रही रामगंगा पोषक नहर पर पहुंचा, तो उसकी नजर नहर में पानी पी रहे तेंदुए पर पड़ी। तेंदुआ देखकर उसके रौंगटे खड़े हो गए। उसने गांव पहुंचकर लोगों को जानकारी दी।
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इस पर ग्रामीण बंदूक, तमंचे, धारदार हथियार और लाठी डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। तेंदुआ को नहर किनारे आराम करते देख ग्रामीणों ने तेंदुए पर हमला बोल दिया और उसको लाठियों से पीटा। ग्रामीणों से बचने के लिए तेंदुए ने जैसे ही दहाड़ मारी, ग्रामीण दहशत में आ गए और भागने लगे। इस दौरान तेंदुए ने नया गांव निवासी बल्ले पर हमला कर दिया।
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कंधे पर पंजा लगने से ग्रामीण घायल हो गया। ग्रामीण नहर से बाहर निकलकर तेंदुए की निगरानी में जुटे रहे। सूचना देने पर करीब डेढ़ घंटा बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अंधेरा होने के कारण पुलिस ने ग्रामीणों को वहां से हटा दिया। रात करीब नौ बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को पकड़ने के प्रयास शुरू कर दिए।
कहीं उत्तराखंड से तो नहीं आया तेंदुआ
अमरोहा(ब्यूरो)। राम गंगा पोषक नहर उत्तराखंड स्थित कालागढ़ के डैम से निकली है। इन दिनों नहर में पानी भी चल रहा है। कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड के जंगल में भीषण आग लगी थी। हो सकता है कि आग से बचकर तेंदुआ नहर के किनारे होता हुआ यहां आ गया।
लंबा सफर तय करने या फिर शिकार न मिलने के कारण तेंदुआ काफी थक चुका था। इस कारण ग्रामीणों का हमला होने के बावजूद तेंदुए ने भागने का प्रयास नहीं किया। जबकि, तेंदुए के बारे में कहा जाता है कि उसकी गति काफी तेज होती है और देखते ही देखते नजरों से ओझल हो जाता है। फिलहाल पकड़ में आने के बाद यही बात का पता लग सकता है। तेंदुआ थका हुआ है, भूखा है या फिर जख्मी है।