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मिठाई दुकानदार उड़ा रहे नियमों की धज्जियां
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हसनपुर में एक मिठाई की दुकान पर काउंटर में रखी मिठाइयां।
- फोटो : HASANPUR
हसनपुर। मिठाई दुकानदार त्योहारी सीजन में नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। त्योहारी सीजन में मिठाई की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में विक्रेता 15 से 20 दिन पुरानी मिठाई भी बेच रहे हैं। जबकि खाद्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के मुताबिक शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हलवाई की दुकानों पर ट्रे में रखकर खुले में बेचे जाने वाली मिठाई पर भी उसके निर्माण की तिथि और वैधता दर्शानी होगी। लेकिन ऐसा हो नहीं रहा।
क्षेत्र में किसी भी हलवाई की दुकान पर नियमों का पालन नहीं हो रहा। ऐसे में वैधता खत्म हो जाने वाली मिठाइयों को भी आसानी से बेचा जा रहा है। लेकिन विभागीय स्तर पर इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जानकारी के अभाव में लोग अंधाधुंध तरीके से मिठाइयों की खरीदारी कर रहे हैं। कई दिन पहले वैधता खत्म हो जानी वाली मिठाई को भी ग्राहक खरीद रहे है। खास बात यह है कि ऐसी मिठाइयों के खाने पर भी उनके खराब होने का पता नहीं चल पाता है लेकिन खा लेने के बाद ऐसी मिठाइयां लोगों की सेहत पर भारी पड़ती हैं।
किन मिठाइयों की वैधता कितने दिन की है:
-लड्डू, खोया से निर्मित समस्त मिठाइयां, मिल्क केक, पेड़ा, बर्फी, मिल्क बर्फी, पिस्ता, बर्फी, कोकोनेट बर्फी, चॉकलेट बर्फी, बूंदी के लड्डू की वैधता बनने के बाद केवल तीन दिनों की है।
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-बेसन लड्डू, चना लड्डू, अंजीर, खजूर बर्फी, कचरी हलवा, सोहन हलवा, गजक आदि की वैधता निर्माण के बाद तीस दिन की है।
-घेवर, मूंग बर्फी, गुझिया आदि की वैधता निर्माण के बाद सात दिनों की होती है।
-बादाम मिल्क, रसगुल्ला, रस मलाई, रबड़ी, चमचम आदि वैधता दो दिनों की है।
-सभी दुकानदारों को मिठाई के निर्माण एवं उनकी वैधता से संबंधित एक स्लिप संबंधित मिठाई के सामने काउंटर या शीशे पर चस्पा करनी चाहिए। क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी से कहकर नियम का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों को चिन्हित कर उचित कार्रवाई की जाएगी। ----पंकज कुमार गुप्ता, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हसनपुर।
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क्षेत्र में किसी भी हलवाई की दुकान पर नियमों का पालन नहीं हो रहा। ऐसे में वैधता खत्म हो जाने वाली मिठाइयों को भी आसानी से बेचा जा रहा है। लेकिन विभागीय स्तर पर इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। जानकारी के अभाव में लोग अंधाधुंध तरीके से मिठाइयों की खरीदारी कर रहे हैं। कई दिन पहले वैधता खत्म हो जानी वाली मिठाई को भी ग्राहक खरीद रहे है। खास बात यह है कि ऐसी मिठाइयों के खाने पर भी उनके खराब होने का पता नहीं चल पाता है लेकिन खा लेने के बाद ऐसी मिठाइयां लोगों की सेहत पर भारी पड़ती हैं।
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किन मिठाइयों की वैधता कितने दिन की है:
-लड्डू, खोया से निर्मित समस्त मिठाइयां, मिल्क केक, पेड़ा, बर्फी, मिल्क बर्फी, पिस्ता, बर्फी, कोकोनेट बर्फी, चॉकलेट बर्फी, बूंदी के लड्डू की वैधता बनने के बाद केवल तीन दिनों की है।
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-बेसन लड्डू, चना लड्डू, अंजीर, खजूर बर्फी, कचरी हलवा, सोहन हलवा, गजक आदि की वैधता निर्माण के बाद तीस दिन की है।
-घेवर, मूंग बर्फी, गुझिया आदि की वैधता निर्माण के बाद सात दिनों की होती है।
-बादाम मिल्क, रसगुल्ला, रस मलाई, रबड़ी, चमचम आदि वैधता दो दिनों की है।
-सभी दुकानदारों को मिठाई के निर्माण एवं उनकी वैधता से संबंधित एक स्लिप संबंधित मिठाई के सामने काउंटर या शीशे पर चस्पा करनी चाहिए। क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी से कहकर नियम का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों को चिन्हित कर उचित कार्रवाई की जाएगी। ----पंकज कुमार गुप्ता, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हसनपुर।