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Amroha News: छात्र-छात्राओं ने थाने का भ्रमण कर देखा कैसे होता है पुलिस का काम
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गजरौला (अमरोहा)।
ज्ञान भारती इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने थाने का भ्रमण कर देखा कि पुलिस किस तरह काम करती है। सीओ अरुण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि थाने में आने पर सबसे पहले संतरी मिलता है। वह फरियादी को दिवस अधिकारी और महिला हेल्प डेस्क व थानाध्यक्ष से मिलाता है। विद्यार्थियों को सीसीटीएनस कक्ष, हवालात और थानाध्यक्ष का कार्यालय दिखाया। सीओ ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए उनकी जिज्ञासा को शांत किया।
शुक्रवार सुबह ज्ञान भारती इंटर कॉलेज के विद्यार्थी शिक्षक प्रदीप शर्मा व शिक्षिका कविता शर्मा के नेतृत्व में थाने में आए। यहां पर सीओ अरुण कुमार सिंह और थानाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि 18 वर्ष की आयु होने पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर ही वाहन चलाएं। यातायात नियमों का पालन करें। संभव हो तो साइकिल से ही स्कूल-कॉलेज आना जाना चाहिए। उनसे संस्कारवान बनने और अनुशासन में रह कर उच्च शिक्षा ग्रहण कर माता-पिता व गुरुजनाें के नाम रोशन करने का आह्वान किया। 12वीं की श्रद्धा, 11वीं की रोहणी, 12वीं के हैप्पी व रब्बान ने पूछा कि पुलिस को देख लोग गंभीर क्यों हो जाते हैं। इस पर सीओ ने कहा कि पुलिस जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए बनी है। फिल्मों में दिखाई गई कहानी से बाहर आने की जरूरत है।
इसके बाद सीओ ने विद्यार्थियों को थाने का भ्रमण कराया। दिवस अधिकारी की कुर्सी पर बैठे इंस्पेक्टर क्राइम धर्मेंद्र सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि थाने में आने पर फरियादी इनसे मिलते हैं। इसके बाद महिला हेल्प डेस्क को दिखाया। कहा कि जो फरियादी थाने में आते हैं, उनके प्रार्थना पत्र यहां दिए जाते हैं। उन प्रार्थना पत्रों का संबंधित दरोगा, सिपाही से निस्तारण कराया जाता है। सीसीटीएनस कक्ष में ले जाकर दिखाया कि यहां कम्प्यूटर पर पुलिस के कार्य होते हैं। रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है। हेड मोहर्रिर के पास ले जाकर बताया कि यह थाने के माल के मालिक हैं। हवालात दिखाई। बताया कि जो भी अपराधी वारदात को अंजाम देकर आते हैं, उनको हवालात में रखा जाता है। जीडी कक्ष में कई आरोपियों को बैठा देख जानकारी दी कि यह मारपीट और अन्य मामलों में पकड़ कर लाए गए हैं। सीओ ने छात्र-छात्राओं को थाने में खड़े पुराने वाहन दिखाते हुए कहा कि यह अब अदालत की संपत्ति हो गई है। जिसे कोर्ट में पेश करना पड़ता है।
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ज्ञान भारती इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने थाने का भ्रमण कर देखा कि पुलिस किस तरह काम करती है। सीओ अरुण कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि थाने में आने पर सबसे पहले संतरी मिलता है। वह फरियादी को दिवस अधिकारी और महिला हेल्प डेस्क व थानाध्यक्ष से मिलाता है। विद्यार्थियों को सीसीटीएनस कक्ष, हवालात और थानाध्यक्ष का कार्यालय दिखाया। सीओ ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए उनकी जिज्ञासा को शांत किया।
शुक्रवार सुबह ज्ञान भारती इंटर कॉलेज के विद्यार्थी शिक्षक प्रदीप शर्मा व शिक्षिका कविता शर्मा के नेतृत्व में थाने में आए। यहां पर सीओ अरुण कुमार सिंह और थानाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि 18 वर्ष की आयु होने पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर ही वाहन चलाएं। यातायात नियमों का पालन करें। संभव हो तो साइकिल से ही स्कूल-कॉलेज आना जाना चाहिए। उनसे संस्कारवान बनने और अनुशासन में रह कर उच्च शिक्षा ग्रहण कर माता-पिता व गुरुजनाें के नाम रोशन करने का आह्वान किया। 12वीं की श्रद्धा, 11वीं की रोहणी, 12वीं के हैप्पी व रब्बान ने पूछा कि पुलिस को देख लोग गंभीर क्यों हो जाते हैं। इस पर सीओ ने कहा कि पुलिस जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए बनी है। फिल्मों में दिखाई गई कहानी से बाहर आने की जरूरत है।
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इसके बाद सीओ ने विद्यार्थियों को थाने का भ्रमण कराया। दिवस अधिकारी की कुर्सी पर बैठे इंस्पेक्टर क्राइम धर्मेंद्र सिंह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि थाने में आने पर फरियादी इनसे मिलते हैं। इसके बाद महिला हेल्प डेस्क को दिखाया। कहा कि जो फरियादी थाने में आते हैं, उनके प्रार्थना पत्र यहां दिए जाते हैं। उन प्रार्थना पत्रों का संबंधित दरोगा, सिपाही से निस्तारण कराया जाता है। सीसीटीएनस कक्ष में ले जाकर दिखाया कि यहां कम्प्यूटर पर पुलिस के कार्य होते हैं। रिपोर्ट दर्ज कराई जाती है। हेड मोहर्रिर के पास ले जाकर बताया कि यह थाने के माल के मालिक हैं। हवालात दिखाई। बताया कि जो भी अपराधी वारदात को अंजाम देकर आते हैं, उनको हवालात में रखा जाता है। जीडी कक्ष में कई आरोपियों को बैठा देख जानकारी दी कि यह मारपीट और अन्य मामलों में पकड़ कर लाए गए हैं। सीओ ने छात्र-छात्राओं को थाने में खड़े पुराने वाहन दिखाते हुए कहा कि यह अब अदालत की संपत्ति हो गई है। जिसे कोर्ट में पेश करना पड़ता है।
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