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घर के कमरे में फंदे पर लटकता मिला छात्रा का शव
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डिडौली(अमरोहा)। एलएलबी की पढ़ाई के लिए प्रवेश लेने से दो दिन पहले छात्रा का शव घर के कमरे में पंखे से फंदे पर लटकता मिला। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल पर चार पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद किया। देर शाम पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। देर शाम तक तहरीर नहीं दी गई है।
थानाध्यक्ष रमेश शेरावत ने बताया कि डिडौली गांव में रहने वाले चमन सिंह से ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। उनके परिवार में पत्नी कश्मीरी देवी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। तीसरे नंबर की 17 वर्षीय बेटी आंचल ने इस बार इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। दो दिन बाद वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बीए एलएलबी की पढ़ाई के लिए प्रवेश लेने के लिए जाने वाली थी। लेकिन बुधवार की रात उस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव घर के कमरे में पंखे के सहारे रस्सी के फंदे पर लटकता मिला। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने घटनास्थल पर चार पन्नों का सुसाइड नोट बरामद किया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कुछ इस तरह है सुसाइड नोट मजमून
इसकी जिम्मेदार सिर्फ मैं ही हूं, कोई और वजह नहीं है। कुछ बात नहीं है बस मैं बहुत कुछ सोचने लगी। आप टेंशन मत लो मैं छोटी-छोटी बात पर भी बहुत सोचती थी, देखिए आपने मेरी हमेशा मर्जी की है। मैं बहुत खुशनसीब बेटी थी, लेकिन मैं खुद ही परेशान हूं। आप मुझे ज्यादा याद मत किया करना, बस खुश रहना सब। आपने मुझे हर खुशी दी है मैं इसका कर्ज अदा नहीं कर पाऊंगी। मेरे सपने थे कि मैं कुछ बनकर आपको गर्व महसूस कराऊं, लेकिन मुझसे अब और नहीं सही जा रही परेशानी। मैं ना खुद ही परेशान हूं और कोई वजह नहीं है। सच में मुझे हर खुशी दी है आपने।
बस यह दुनिया मेरे लिए इतनी सुंदर नहीं रही, जितनी कि पहले थी। पापा फिर से बोलना चाहती हूं कि आपने पढ़ाई के मामले में मैं बहुत आगे तक सोचा। लेकिन माफ करना मुझे कि मैं कुछ नहीं कर पाऊंगी, नहीं तो जरूर करती। माफ करना मैंने आपका भरोसा तोड़ दिया, कि मैं पढ़ाई में आगे रहूंगी। लेकिन यह सच है कि अगर होती तो आपको गर्व महसूस कराती। हर इंसान के अंदर एक मैं एक टैलेंट होता है मेरे भी अंदर एक है कि मैं बोलती अच्छा हूं, जो पापा आप हमेशा बोलते थे कि यह इसमें तेज है। मैं आपके मुंह से तारीफ करके बहुत प्रेरित होती थी। लेकिन मैंने इस जिंदगी में सीखा है कि इस दुनिया में मां-बाप को छोड़कर सब झूठे होते हैं। सच्चा प्यार मां-बाप का होता है। जो फिक्र अपने मां-बाप और भाई बहन करते हैं ना, किसी दुनिया के कोने में ऐसा प्यार नहीं मिलता है।
...पापा जी और मम्मी जी आपको बहुत सारा प्यार।
पापा जी आपसे कह नहीं पाती थी आप सच में बहुत अच्छे पापा हो। काश! मैं फर्ज अदा कर पाती। जानती हूं बहुत मुश्किल होगा आपके लिए। लेकिन बस मैंने जो किया है उसी में मेरी भलाई है। हो सके तो मुझे माफ कर देना। देखिए अगर आप मेरे बारे में गलत सोचेंगे तो मुझे दुख होगा। मैं फिर से बोल रही हूं इसकी वजह मैं ही हूं, कभी किसी के कहने में किसी बेगुनाह को फंसवा दें। ऐसा कुछ नहीं है कि मुझे कोई परेशान करता/करती है।
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थानाध्यक्ष रमेश शेरावत ने बताया कि डिडौली गांव में रहने वाले चमन सिंह से ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। उनके परिवार में पत्नी कश्मीरी देवी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। तीसरे नंबर की 17 वर्षीय बेटी आंचल ने इस बार इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। दो दिन बाद वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बीए एलएलबी की पढ़ाई के लिए प्रवेश लेने के लिए जाने वाली थी। लेकिन बुधवार की रात उस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव घर के कमरे में पंखे के सहारे रस्सी के फंदे पर लटकता मिला। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
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सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस ने घटनास्थल पर चार पन्नों का सुसाइड नोट बरामद किया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कुछ इस तरह है सुसाइड नोट मजमून
इसकी जिम्मेदार सिर्फ मैं ही हूं, कोई और वजह नहीं है। कुछ बात नहीं है बस मैं बहुत कुछ सोचने लगी। आप टेंशन मत लो मैं छोटी-छोटी बात पर भी बहुत सोचती थी, देखिए आपने मेरी हमेशा मर्जी की है। मैं बहुत खुशनसीब बेटी थी, लेकिन मैं खुद ही परेशान हूं। आप मुझे ज्यादा याद मत किया करना, बस खुश रहना सब। आपने मुझे हर खुशी दी है मैं इसका कर्ज अदा नहीं कर पाऊंगी। मेरे सपने थे कि मैं कुछ बनकर आपको गर्व महसूस कराऊं, लेकिन मुझसे अब और नहीं सही जा रही परेशानी। मैं ना खुद ही परेशान हूं और कोई वजह नहीं है। सच में मुझे हर खुशी दी है आपने।
बस यह दुनिया मेरे लिए इतनी सुंदर नहीं रही, जितनी कि पहले थी। पापा फिर से बोलना चाहती हूं कि आपने पढ़ाई के मामले में मैं बहुत आगे तक सोचा। लेकिन माफ करना मुझे कि मैं कुछ नहीं कर पाऊंगी, नहीं तो जरूर करती। माफ करना मैंने आपका भरोसा तोड़ दिया, कि मैं पढ़ाई में आगे रहूंगी। लेकिन यह सच है कि अगर होती तो आपको गर्व महसूस कराती। हर इंसान के अंदर एक मैं एक टैलेंट होता है मेरे भी अंदर एक है कि मैं बोलती अच्छा हूं, जो पापा आप हमेशा बोलते थे कि यह इसमें तेज है। मैं आपके मुंह से तारीफ करके बहुत प्रेरित होती थी। लेकिन मैंने इस जिंदगी में सीखा है कि इस दुनिया में मां-बाप को छोड़कर सब झूठे होते हैं। सच्चा प्यार मां-बाप का होता है। जो फिक्र अपने मां-बाप और भाई बहन करते हैं ना, किसी दुनिया के कोने में ऐसा प्यार नहीं मिलता है।
...पापा जी और मम्मी जी आपको बहुत सारा प्यार।
पापा जी आपसे कह नहीं पाती थी आप सच में बहुत अच्छे पापा हो। काश! मैं फर्ज अदा कर पाती। जानती हूं बहुत मुश्किल होगा आपके लिए। लेकिन बस मैंने जो किया है उसी में मेरी भलाई है। हो सके तो मुझे माफ कर देना। देखिए अगर आप मेरे बारे में गलत सोचेंगे तो मुझे दुख होगा। मैं फिर से बोल रही हूं इसकी वजह मैं ही हूं, कभी किसी के कहने में किसी बेगुनाह को फंसवा दें। ऐसा कुछ नहीं है कि मुझे कोई परेशान करता/करती है।