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Amroha News: पांच एकड़ भूमि में बनेगा एसटीपी
Thu, 18 Sep 2025 02:30 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 18 Sep 2025 02:30 AM IST
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अमरोहा। अब शहर में नालों के पानी का शोधन किया जाएगा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पालिका क्षेत्र में पांच एकड़ जमीन में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होगा। मुख्य रूप से कांठ रोड और मोहल्ला कल्याणपुरा की ओर जाने वाले नालों में सब स्टेशन का निर्माण कराकर गंदे पानी का शोधन किया जाएगा। इसका इस्तेमाल फसलों की सिंचाई के लिए किया जाएगा। इसके लिए जल निगम को कार्यकारी संस्था नियुक्त किया गया है। नगर पालिका भूमि चिह्नित करने के लिए जल निगम को पत्र भी लिखा है।
अमरोहा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने और जल निकासी पर काम कराने की कवायद की जा रही है। इसमें पालिका प्रशासन ने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत कार्यालयों, घरों, कारखानों से नालों में बहने वाले गंदे पानी का शोधन करने के लिए पांच एकड़ भूमि में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कराने की तैयारी की है।
मुख्य रूप से कांठ रोड स्थित बान नदी और मोहल्ला कल्याणपुरा के नाले में सब स्टेशन का निर्माण कराकर पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसका उपयोग किसान सिंचाई -के रूप में कर सकेंगे। एसडीएम से इसके लिए निशुल्क ग्राम समाज की भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई थी लेकिन भूमि नहीं मिली। डीएम निधि गुप्ता वक्स ने इसका संज्ञान लेकर अधीनस्थों को दिशा निर्देश दिए।
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जिसके बाद पालिका ईओ डाॅ. बृजेश कुमार से कार्यदायी संस्था जल निगम के एक्सईएन को बुलाकर एक सप्ताह के अंदर भूमि चिह्नित कराने के लिए कहा है। ईओ ने बताया कि जल निगम आकर सर्वे करेगा कि कौन सी जगह प्लांट के लिए उपयुक्त है, नालों में कितनी क्षमता एमएलडी पानी के शोधन के लिए एसटीपी लगाने की आवश्यकता है। बान नदी और कल्याणपुरा की ओर जाने वाले नाले के लिए कहां-कहां एसटीपी बनाने को कितनी भूमि खरीदने की जरूरत पड़ेगी।
- सीमा विस्तार के बाद वार्डों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने से चार लाख से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा। जल निगम आकर सर्वे करेगा कि कौन सी जगह प्लांट के लिए उपयुक्त है, नालों में कितनी क्षमता एमएलडी पानी के शोधन के लिए एसटीपी लगाने की आवश्यकता है। इसके लिए जल निगम को पत्र भी लिखा गया है। -डॉ. बृजेश सिंह, ईओ
क्या है सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
ईओ ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) या अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र, एक सुविधा है जहां घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी (सीवेज) को साफ किया जाता है। यह जल शुद्धिकरण की एक प्रक्रिया है जिसमें बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीवों का उपयोग करके सीवेज को विघटित किया जाता है और उसे पर्यावरण के लिए सुरक्षित बनाया जाता है। उपचारित जल को नदियों, झीलों में छोड़ा जा सकता है या सिंचाई, बागवानी और अन्य गैर-पीने योग्य उपयोगों के लिए पुन: उपयोग किया जा सकता है।
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अमरोहा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने और जल निकासी पर काम कराने की कवायद की जा रही है। इसमें पालिका प्रशासन ने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत कार्यालयों, घरों, कारखानों से नालों में बहने वाले गंदे पानी का शोधन करने के लिए पांच एकड़ भूमि में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कराने की तैयारी की है।
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मुख्य रूप से कांठ रोड स्थित बान नदी और मोहल्ला कल्याणपुरा के नाले में सब स्टेशन का निर्माण कराकर पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसका उपयोग किसान सिंचाई -के रूप में कर सकेंगे। एसडीएम से इसके लिए निशुल्क ग्राम समाज की भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई थी लेकिन भूमि नहीं मिली। डीएम निधि गुप्ता वक्स ने इसका संज्ञान लेकर अधीनस्थों को दिशा निर्देश दिए।
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जिसके बाद पालिका ईओ डाॅ. बृजेश कुमार से कार्यदायी संस्था जल निगम के एक्सईएन को बुलाकर एक सप्ताह के अंदर भूमि चिह्नित कराने के लिए कहा है। ईओ ने बताया कि जल निगम आकर सर्वे करेगा कि कौन सी जगह प्लांट के लिए उपयुक्त है, नालों में कितनी क्षमता एमएलडी पानी के शोधन के लिए एसटीपी लगाने की आवश्यकता है। बान नदी और कल्याणपुरा की ओर जाने वाले नाले के लिए कहां-कहां एसटीपी बनाने को कितनी भूमि खरीदने की जरूरत पड़ेगी।
- सीमा विस्तार के बाद वार्डों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने से चार लाख से अधिक की आबादी को लाभ मिलेगा। जल निगम आकर सर्वे करेगा कि कौन सी जगह प्लांट के लिए उपयुक्त है, नालों में कितनी क्षमता एमएलडी पानी के शोधन के लिए एसटीपी लगाने की आवश्यकता है। इसके लिए जल निगम को पत्र भी लिखा गया है। -डॉ. बृजेश सिंह, ईओ
क्या है सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
ईओ ने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) या अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र, एक सुविधा है जहां घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी (सीवेज) को साफ किया जाता है। यह जल शुद्धिकरण की एक प्रक्रिया है जिसमें बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीवों का उपयोग करके सीवेज को विघटित किया जाता है और उसे पर्यावरण के लिए सुरक्षित बनाया जाता है। उपचारित जल को नदियों, झीलों में छोड़ा जा सकता है या सिंचाई, बागवानी और अन्य गैर-पीने योग्य उपयोगों के लिए पुन: उपयोग किया जा सकता है।