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Amroha News: गन्ने का टोटा, 20 घंटे नहीं हुई पेराई
Tue, 31 Dec 2024 03:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 31 Dec 2024 03:33 AM IST
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मंडी धनौरा के वेव शुगर मिल में हर रोज की अपेक्षा कम पहुंच रहा गन्ना। संवाद
अमरोहा।
मौसम और बारिश का असर गन्ने की आपूर्ति और पेराई पर भी पड़ रहा है। क्रय केंद्रों पर गन्ने की आवक भी कम हो गई है। शुगर मिलों में पेराई भी प्रभावित हुई है। बिजनौर की चांगीपुर शुगर मिल को 20 घंटे नो केन की स्थिति से जूझना पड़ा। जबकि, अन्य मिलों में उम्मीद से कम गन्ना पहुंचा। ऐसे में मिलों को अधिक इंडेंट जारी कर व्यवस्था दुरुस्त करनी पड़ी।
पिछले तीन दिनों से बारिश के साथ मौसम में हुए बदलाव ने गन्ने की छिलाई और कटाई पर असर डाला है। जिससे किसान शुगर मिलों तक अपना गन्ना नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इस कारण क्रय केंद्राें पर गन्ने की आवक कम होने से शुगर मिलों में पेराई भी कम होने लगी है। शुगर मिलों ने भी नो केन की स्थिति से निबटने के लिए गन्ने की पर्चियों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है।
40 हजार क्विंटल आपूर्ति घटी
बिजनौर के चांगीपुर स्थित शुगर मिल के अमरोहा में 20 क्रय केंद्र हैं। जहां से रोजाना कई क्विंटल गन्ने की आपूर्ति शुगर मिल को की जाती है। मौसम के बदलाव के बाद चांगीपुर शुगर को 20 घंटे नो केन की स्थिति से जूझना पड़ा। पहले जहां रोजाना 80 हजार क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की जाती थी, वहीं मौसम खराब होने के बाद यह आंकड़ा 40 हजार क्विंटल तक पहुंच गया है। क्रय केंद्रों पर भी गन्ने की आवक कम चल रही है।
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केंद्रों पर कम पहुंच रहा गन्ना
कैलसा क्षेत्र में असमोली शुगर मिल से जुड़े क्रय केंद्र सकेनिया, पृथ्वीपुर व बेलवाड़ा शुगर मिल के चक बारसपुर में गन्ना कम पहुंच रहा है। पहले जहां इन केंद्रों पर करीब 35 से 40 पर्ची की तौल होती थी, वहीं दो दिनों से रोजाना पचास फीसदी पर्ची की तौल कम हो गई है।
हसनपुर में भी गन्ना सेंटरों पर तौल हुई धीमी
हसनपुर। दि किसान सहकारी चीनी मिल कालाखेड़ा हसनपुर पर पिछले दो दिन पूर्व हुए बूंदाबांदी की वजह गन्ना सेंटरों पर तौल धीमी रही। हालांकि, नौ केन की स्थिति से बचने के लिए चीनी मिल द्वारा किसानों को औसत से अधिक इंडेंट जारी कर दिया गया था। इसकी वजह से लगातार गन्ना सेंटरों और चीनी मिल गेट पर गन्ने की आवक बनी हुई है। चीनी मिल से 13 गन्ना क्रय केंद्र जुड़े हुए हैं। जिन पर गन्ने की आवक सोमवार को बढि़या रही। लेकिन मौसम खराब होने के दौरान तौल धीमी रही थी। मिल में रोजाना 24 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो जाती है। सोमवार को मिल के यार्ड में गन्ने के लदे वाहनों की लाइन लगी रही।
गन्ने की बीमारी से भी पड़ रहा रिकवरी पर असर
सर्वाधिक बोई जाने वाली गन्ना प्रजाति 0238 की बीमारी से जहां किसान भी प्रभावित हुए वहीं, कम रिकवरी से गन्ना मिलों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। चांगीपुर शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक जितेंद्र मलिक के अनुसार पहले जहां एक क्विंटल में 10.87 किलो चीनी का उत्पादन होता था, वहीं इस बार औसतन 9.80 किलो चीनी का उत्पादन हो रहा है। जिसका सीधा असर किसान व चीनी मिल को भी हो रहा है। उन्होंने गन्ना किसानों से 0238 की जगह दूसरे उन्नतशील बीजों की बोआई करने को कहा है।
- ठंड और बारिश की वजह से गन्ना कटाई व छीलने वाले नहीं मिल पा रहे। जिससे पर्ची पूरी करनी मुश्किल हो रही है। - बबलू नागर, किसान, देवीपुरा
- पर्ची में तीन दिन का समय होता है। ठंड की वजह से छीलने वाले नहीं मिल पा रहे हैं। जिसकी वजह से धीरे-धीरे गन्ना छील कर तय समय में पर्ची पूरी करने का प्रयास कर रहे हैं। - गंभीर चंदेल, किसान, नन्हेड़ा अलयारपुर
- मौसम और बारिश का असर गन्ना किसानों व शुगर मिलों पर भी पड़ा है। इसके चलते शुगर मिल में लगभग 20 घंटे नो-केन की स्थिति रही। फिलहाल भी गन्ना कम पहुंच रहा है। - जितेंद्र कुमार मलिक,
महाप्रबंधक गन्ना, बिंदल शुगर मिल चांगीपुर
- मौसम में बदलाव के चलते शुगर मिल में पेराई प्रभावित हुई है। पहले जहां रोजाना लगभग सवा लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा रही थी, वहीं अब लगभग 1.05 क्विंटल की पेराई हो रही है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी। - इंद्र कुमार शर्मा, महाप्रबंधक गन्ना, डीएसएम शुगर मिल असमोली
- वेव शुगर मिल मंडी धनौरा में भी गन्ने की आपूर्ति घटी है। मिल में करीब एक लाख क्विंटल गन्ने की पेराई होती है। लेकिन, घटकर 80 हजार पहुंच गई। इसके लिए किसानों को अधिक इंडेंट जारी किए गए। ताकि, पेराई होती रहे और नो केन की स्थिति न बने। मौसम अभी भी खराब है। ऐसे में गन्ने की आवक कम हुई है। -
जगतवीर सिंह,
महाप्रबंधक गन्ना, वेव शुगर मिल मंडी धनौरा
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मौसम और बारिश का असर गन्ने की आपूर्ति और पेराई पर भी पड़ रहा है। क्रय केंद्रों पर गन्ने की आवक भी कम हो गई है। शुगर मिलों में पेराई भी प्रभावित हुई है। बिजनौर की चांगीपुर शुगर मिल को 20 घंटे नो केन की स्थिति से जूझना पड़ा। जबकि, अन्य मिलों में उम्मीद से कम गन्ना पहुंचा। ऐसे में मिलों को अधिक इंडेंट जारी कर व्यवस्था दुरुस्त करनी पड़ी।
पिछले तीन दिनों से बारिश के साथ मौसम में हुए बदलाव ने गन्ने की छिलाई और कटाई पर असर डाला है। जिससे किसान शुगर मिलों तक अपना गन्ना नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इस कारण क्रय केंद्राें पर गन्ने की आवक कम होने से शुगर मिलों में पेराई भी कम होने लगी है। शुगर मिलों ने भी नो केन की स्थिति से निबटने के लिए गन्ने की पर्चियों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है।
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40 हजार क्विंटल आपूर्ति घटी
बिजनौर के चांगीपुर स्थित शुगर मिल के अमरोहा में 20 क्रय केंद्र हैं। जहां से रोजाना कई क्विंटल गन्ने की आपूर्ति शुगर मिल को की जाती है। मौसम के बदलाव के बाद चांगीपुर शुगर को 20 घंटे नो केन की स्थिति से जूझना पड़ा। पहले जहां रोजाना 80 हजार क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की जाती थी, वहीं मौसम खराब होने के बाद यह आंकड़ा 40 हजार क्विंटल तक पहुंच गया है। क्रय केंद्रों पर भी गन्ने की आवक कम चल रही है।
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केंद्रों पर कम पहुंच रहा गन्ना
कैलसा क्षेत्र में असमोली शुगर मिल से जुड़े क्रय केंद्र सकेनिया, पृथ्वीपुर व बेलवाड़ा शुगर मिल के चक बारसपुर में गन्ना कम पहुंच रहा है। पहले जहां इन केंद्रों पर करीब 35 से 40 पर्ची की तौल होती थी, वहीं दो दिनों से रोजाना पचास फीसदी पर्ची की तौल कम हो गई है।
हसनपुर में भी गन्ना सेंटरों पर तौल हुई धीमी
हसनपुर। दि किसान सहकारी चीनी मिल कालाखेड़ा हसनपुर पर पिछले दो दिन पूर्व हुए बूंदाबांदी की वजह गन्ना सेंटरों पर तौल धीमी रही। हालांकि, नौ केन की स्थिति से बचने के लिए चीनी मिल द्वारा किसानों को औसत से अधिक इंडेंट जारी कर दिया गया था। इसकी वजह से लगातार गन्ना सेंटरों और चीनी मिल गेट पर गन्ने की आवक बनी हुई है। चीनी मिल से 13 गन्ना क्रय केंद्र जुड़े हुए हैं। जिन पर गन्ने की आवक सोमवार को बढि़या रही। लेकिन मौसम खराब होने के दौरान तौल धीमी रही थी। मिल में रोजाना 24 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हो जाती है। सोमवार को मिल के यार्ड में गन्ने के लदे वाहनों की लाइन लगी रही।
गन्ने की बीमारी से भी पड़ रहा रिकवरी पर असर
सर्वाधिक बोई जाने वाली गन्ना प्रजाति 0238 की बीमारी से जहां किसान भी प्रभावित हुए वहीं, कम रिकवरी से गन्ना मिलों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। चांगीपुर शुगर मिल के गन्ना महाप्रबंधक जितेंद्र मलिक के अनुसार पहले जहां एक क्विंटल में 10.87 किलो चीनी का उत्पादन होता था, वहीं इस बार औसतन 9.80 किलो चीनी का उत्पादन हो रहा है। जिसका सीधा असर किसान व चीनी मिल को भी हो रहा है। उन्होंने गन्ना किसानों से 0238 की जगह दूसरे उन्नतशील बीजों की बोआई करने को कहा है।
- ठंड और बारिश की वजह से गन्ना कटाई व छीलने वाले नहीं मिल पा रहे। जिससे पर्ची पूरी करनी मुश्किल हो रही है। - बबलू नागर, किसान, देवीपुरा
- पर्ची में तीन दिन का समय होता है। ठंड की वजह से छीलने वाले नहीं मिल पा रहे हैं। जिसकी वजह से धीरे-धीरे गन्ना छील कर तय समय में पर्ची पूरी करने का प्रयास कर रहे हैं। - गंभीर चंदेल, किसान, नन्हेड़ा अलयारपुर
- मौसम और बारिश का असर गन्ना किसानों व शुगर मिलों पर भी पड़ा है। इसके चलते शुगर मिल में लगभग 20 घंटे नो-केन की स्थिति रही। फिलहाल भी गन्ना कम पहुंच रहा है। - जितेंद्र कुमार मलिक,
महाप्रबंधक गन्ना, बिंदल शुगर मिल चांगीपुर
- मौसम में बदलाव के चलते शुगर मिल में पेराई प्रभावित हुई है। पहले जहां रोजाना लगभग सवा लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा रही थी, वहीं अब लगभग 1.05 क्विंटल की पेराई हो रही है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाएगी। - इंद्र कुमार शर्मा, महाप्रबंधक गन्ना, डीएसएम शुगर मिल असमोली
- वेव शुगर मिल मंडी धनौरा में भी गन्ने की आपूर्ति घटी है। मिल में करीब एक लाख क्विंटल गन्ने की पेराई होती है। लेकिन, घटकर 80 हजार पहुंच गई। इसके लिए किसानों को अधिक इंडेंट जारी किए गए। ताकि, पेराई होती रहे और नो केन की स्थिति न बने। मौसम अभी भी खराब है। ऐसे में गन्ने की आवक कम हुई है। -
जगतवीर सिंह,
महाप्रबंधक गन्ना, वेव शुगर मिल मंडी धनौरा