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Amroha News: जिला अस्पताल के आयुष विंग में दवाओं की कमी

Fri, 21 Feb 2025 02:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Fri, 21 Feb 2025 02:13 AM IST
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Shortage of medicines in the AYUSH wing of the district hospital
अमरोहा। आयुष पद्धतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। एक के बाद एक योजनाएं शुरू कर आयुष चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से की जा रही अनदेखी से मरीज परेशान हैं।
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आयुष पद्धतियों से जुड़ी दवाएं खरीदने के लिए बजट मिलने के बावजूद मरीज को खर्च किए बिना दवा नहीं मिल रही है। लगातार दवाओं की डिमांड भेजने के बाद भी पर्याप्त दवाएं उपलब्ध नहीं हुई हैं। इससे मरीजों को परेशानी हो रही हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत यूनानी दवाओं को लेकर हो रही है। ऐसे स्थिति में ज्यादातर मरीजों ने आना बंद कर दिया है। अमरोहा जिला अस्पताल के आयुष विंग में दो डॉक्टरों की तैनाती तो है, लेकिन दवाओं का टोटा है। आयुष विंग में तैनात यूनानी और आयुर्वेदिक के चिकित्सक मरीजों को तो देख रहे है।
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उन्हें दवा भी लिख रहे है, लेकिन दवा लेने मरीज वितरण कक्ष पर पहुंचते है तो उन्हें स्टाक खत्म होने की बात कही जाते है। ऐसे में मरीज बिना दवा ही वापस लौटना पड़ता है। वहीं, कुछ मरीज एलोपैथिक दवा ले लेते है तो कुछ को रुपये खर्च कर बाहर से दवा लेनी पड़ती है। उधर, जिम्मेदारों के मुताबिक कई बार पत्राचार होने के बाद भी विभाग से दवाओं की पूर्ति नहीं की जा रही है। दवा नहीं होने के कारण मरीजों को एलोपैथिक दवाएं दी जा रही हैं। यूनानी चिकित्सक कासिम ने बताया कि यूनानी दवाएं उपलब्ध नहीं है। इसकी डिमांड भी भेजी गई है।
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40 मरीजों की ओपीडी का औसत
आयुष विभाग में रोजाना करीब 40 ओपीडी की जाती है। वहां तैनात चिकित्सक आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं दवा की उपलब्धता नहीं होने के कारण एलोपैथिक दवाएं देते हैं। अस्पताल में आयुष विभाग का हाल पिछले दो सालों से बेहद खराब है। कई बार उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया गया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ है

इन दवाओं का टोटा
यूनानी दवा में रोगन इ बादाम, हब्बे मुकिल, हब्बे सुरफा, सिफा, खांसी, लीवर और जोड़ों में दर्द समेत अन्य दवा नहीं है। आयुर्वेदिक चिकित्सालय में च्यवनप्राश, शक्ति वर्धक टानिक, च्यवन प्रभावटी, अग्रितुंडी वटी, चितमारि गुटका, लीवर, चित्रक आधी वटी पेट, तरण पंच मूल इंफेक्शन, स्वेत परपति किडनी सहित साधारण बीमारियों की दवाएं नहीं आ रही है।
कुछ समय पहले ही सभी दवाएं आई हैं, जिला संयुक्त अस्पताल में दवाएं है, उपचार के बाद दवाएं दी जा रही हैं। - डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
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