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जिले से रहा शीला दीक्षित का गहरा लगाव, कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद
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अमरोहा। पूर्व सीएम शीला दीक्षित का जिले से गहरा लगाव रहा है। उन्होंने कई बार जिले का दौरा किया है। राजनीति के अलावा सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम में शामिल हुई हैं। वह जिले के दो प्रतिष्ठित परिवारों में खाना और चाय की चुस्की ले चुकी हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष हाजी अजीजुर्रहमान छोटे कुरैशी ने बताया कि वह कार्यकर्ताओं से विशेष तौर पर लगाव रखती थीं। दोबारा मिलने के बाद उनका हालचाल जरूर पूछती थीं। इसके अलावा कार्यकर्ताओं का विचारधारा के प्रति लगाव को परखती थीं।
22 दिसंबर 1986 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शीला दीक्षित का जिले में आना हुआ। उस दिन जिले में उनके 10 से अधिक कार्यक्रम थे। सभी जगहों पर उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत की। मुरादाबाद के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शिव स्वरूप टंडन उर्फ बब्बू टंडन ने कंबल और सिलाई मशीन बांटने के लिए बुलाया था। उनके घर में रात को खाना खाया। उसी दिन उन्होंने मुजम्मिल खान, सैयद जाहिर हुसैन के घर भी गईं। दोबारा उनका जिले में आगमन दिल्ली की मुख्यमंत्री के तौर पर हुआ। एके इंटर कॉलेज में मुशायरा आयोजित हुआ। शफातपोता के सभासद सरताज आलम के घर 11 जून 2008 उन्होंने चाय की चुस्की लीं। बकौल सरताज अहमद, लोगों से मिलने में किसी तरह का संकोच नहीं रखती थीं। करीबियों में शुमार वरिष्ठ नेता हाजी शबीह अहमद ने बताया कि कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद रखती थीं। पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी सुखराज सिंह ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले हम लोगों ने मुलाकात किया था। उन्होंने कांग्रेस केे मजबूत करने का निर्देश दिया। नायाब अब्बासी पीजी कॉलेज में गृह विज्ञान के प्रयोगशाला का शुभारंभ उन्होंने किया था। एआईसीसी के पूर्व सदस्य हाजी खुर्शीद अनवर ने बताया कि कहीं भी मुलाकात होने पर संगठन के बारे में फीडबैक लेती थी। निमंत्रण तत्काल स्वीकार कर लिया। उर्दू अदब सोसाइटी की ओर से आयोजित मुशायरे में आकर हौसला भी बढ़ाया।
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22 दिसंबर 1986 को केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर शीला दीक्षित का जिले में आना हुआ। उस दिन जिले में उनके 10 से अधिक कार्यक्रम थे। सभी जगहों पर उन्होंने कार्यक्रम में शिरकत की। मुरादाबाद के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शिव स्वरूप टंडन उर्फ बब्बू टंडन ने कंबल और सिलाई मशीन बांटने के लिए बुलाया था। उनके घर में रात को खाना खाया। उसी दिन उन्होंने मुजम्मिल खान, सैयद जाहिर हुसैन के घर भी गईं। दोबारा उनका जिले में आगमन दिल्ली की मुख्यमंत्री के तौर पर हुआ। एके इंटर कॉलेज में मुशायरा आयोजित हुआ। शफातपोता के सभासद सरताज आलम के घर 11 जून 2008 उन्होंने चाय की चुस्की लीं। बकौल सरताज अहमद, लोगों से मिलने में किसी तरह का संकोच नहीं रखती थीं। करीबियों में शुमार वरिष्ठ नेता हाजी शबीह अहमद ने बताया कि कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद रखती थीं। पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी सुखराज सिंह ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले हम लोगों ने मुलाकात किया था। उन्होंने कांग्रेस केे मजबूत करने का निर्देश दिया। नायाब अब्बासी पीजी कॉलेज में गृह विज्ञान के प्रयोगशाला का शुभारंभ उन्होंने किया था। एआईसीसी के पूर्व सदस्य हाजी खुर्शीद अनवर ने बताया कि कहीं भी मुलाकात होने पर संगठन के बारे में फीडबैक लेती थी। निमंत्रण तत्काल स्वीकार कर लिया। उर्दू अदब सोसाइटी की ओर से आयोजित मुशायरे में आकर हौसला भी बढ़ाया।
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