फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   self protection

कोरोना काल में मरीज-डाक्टर के बीच आई पन्नी की दीवार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2020 10:57 PM IST
विज्ञापन
self protection
अमरोहा। हाथ आगे बढ़ाइए... मुंह खोलिए... लंबी सांस लीजिए-छोड़िए...आंख दिखाएं...मरीज के इलाज यह सब अब पुरानी बात होने लगी है। कोरोना काल में डाक्टरों ने इलाज का तरीका बदल दिया है। डाक्टरों ने मरीजों का नब्ज टटोलना बंद कर दिया है। मरीज और डाक्टर के बीच पॉलिथीन शीट की दीवार आ गई है। इसके पीछे से ही प्राइवेट डाक्टर मरीजों की परेशानी सुन और समझकर चिकित्सकीय परामर्श दे रहे हैं।
विज्ञापन

कोरोना को लेकर हर कोई डरा सहमा है। इसकी वजह कोरोना का संक्रमण है। जो एक आदमी से दूसरे आदमी में तेजी से फैल रहा है। लॉकडाउन में प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद रही। सिर्फ इमरजेंसी सेवा चलती रही। हालांकि प्राइवेट अस्पतालों में यह सेवा भी करीब-करीब बंद ही रही। अब प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी खुल गई हैं। डाक्टर मरीजों को देखते हैं। लेकिन, अपने पारंपरिक इलाज के तरीके में बदलाव के साथ। या यह कहे कोरोना से खुद को और मरीजों को सुरक्षित रखते हुए इलाज कर रहे हैं। मरीज और डाक्टर के बीच पॉलिथीन शीट की दीवार आ गई है। इस पॉलिथीन शीट की दीवार के पीछे से मरीजों का इलाज हो रहा है। कोरोना काल के इलाज में डाक्टर मरीजों का नब्ज नहीं टटोल रहे हैं। बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ उनसे पूछकर और उनके मर्ज को समझकर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श दे रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि यह मरीज और डाक्टर दोनों के लिए समय की जरूरत है। इससे दोनों सुरक्षित हैं।
विज्ञापन

आला का इस्तेमाल कम हुआ
अमरोहा। बच्चा हो या बुजुर्ग या फिर नौजवान। कोरोना काल से पहले अस्पताल पहुंचने पर हर उम्र के मरीज को देखने के डाक्टर आला का जरूर इस्तेमाल करते थे। आला मरीजों के सीने, पेट और पीठ पर जरूर घूमता था। लेकिन, कोरोना काल में संक्रमण से बचने के लिए डाक्टर आला का इस्तेमाल कम ही कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पॉलिथीन शीट की दीवार से दोनों सुरक्षित
अमरोहा। डाक्टरों और मरीजों के बीच निजी अस्पतालों में खड़ी की गई पॉलिथीन शीट की दीवार दोनों के लिए सुरक्षित है। डाक्टरों की ओपीडी विभिन्न इलाकों से मरीज पहुंचते हैं। लगातार मरीजों के संपर्क में रहने से डाक्टरों के संक्रमित होने का खतरा अधिक रहता है। वहीं अगर डाक्टर संक्रमित हुए तो मरीजों तक संक्रमण फैलने में देरी नहीं लगेगी।
दूसरी की सुरक्षा के लिए अपनी देखभाल भी जरूरी
अमरोहा। चौधरी नर्सिंग होम बिजनौर रोड संचालक डॉ एसके चौधरी बताते हैं कि वर्तमान हालातों में दूसरों की सुरक्षा के साथ अपनी देखभाल भी जरूरी है। मरीजों का इलाज उनकी सुरक्षा और सहूलियत के साथ किया जा रहा है। क्लीनिक में लगातार सैनिटाइज होता है। मरीजों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया जा रहा है। मरीजों के हाथ धोने के लिए अलग व्यवस्था की गई है। हरेक मरीज को मास्क लगाना अनिवार्य कर रखा है। हाथों में दस्ताने पहनकर मरीज के कागज या रिपोर्ट देखी जा रही है।

खुद को और मरीजों को संक्रमण से बचाने पर ध्यान
अमरोहा। मधुरम बैंक्वेट हॉल के सामने स्थित कुंवर नर्सिग होम संचालक डॉ. केएस सैनी बाल रोग विशेषज्ञ हैं। कोरोना काल में अपने और मरीज सुरक्षा पर ध्यान दे रहे हैं। अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जा रहा है। मास्क लगाकर मरीजों को अस्पताल में प्रवेेेश की इजाजत है। जबकि डॉक्टर के केबिन में मरीज और डॉक्टर के बीच पॉलिथीन शीट लगी है। जो संक्रमण फैलने से रोकने में सहायक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed