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बिना बिजली लाखों के कर्जदार बने बेसिक स्कूल

Mon, 01 May 2017 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा Updated Mon, 01 May 2017 12:44 AM IST
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school holder became loaner
Prime Minister Accommodation Scheme - फोटो : google
ये बात चौंकाने वाली है। शिक्षा के मंदिरों में बिजली की रोशनी के बगैर बेसिक शिक्षा विभाग लाखों का कर्जदार बन गया है। करीब 98 लाख रुपये की देनदारी हो गई है। इसकी वसूली के लिए बिजली विभाग के अधिकारी बार-बार बेसिक शिक्षा महकमे के अफसरों को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा है। 
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  इधर बीएसए ने स्पष्ट कहा है कि स्कूलों में बिजली नहीं आई और मीटर तक नहीं लगाए गए, फिर कैसे लाखों का भुगतान करा दें। उच्चाधिकारियों को प्रकरण से वाकिफ करा दिया है। इससे साफ हो गया है कि बिजली को लेकर दोनों महकमे के अधिकारी आमने-सामने आने को तैयार हैं। स्कूलों में किए गए फर्जीवाड़े पर अभी तक प्रशासन व शासन की कोई नजर नहीं है।       
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चुनाव से पहले तत्कालीन सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग को 65 लाख रुपये आवंटित किए थे, जिससे जनपद के 492 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बिजली पहुंचाई जानी थी। इसमें से अधिकांश में बिजली कनेक्शन जारी करने की विभाग ने केवल फॉरमल्टी निभाई है। सैकड़ों विद्यालयों में मीटर तक नहीं लगाए गए हैं। महकमे के अधिकारियों ने आननफानन में कागजी कार्रवाई पूरी कर सभी आंकड़े दुरुस्त दर्शा दिए हैं। 
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इतना ही नहीं लाखों का घोटाला कनेक्शन के नाम पर हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बिजली फिटिंग के नाम पर लाखों की धनराशि को बंदरबांट किया है। यह प्रकरण केवल अमरोहा का नहीं है, बल्कि सूबे भर के जिलों में ऐसा होने की आशंकाएं जताई जा रही हैं।

बहरहाल मौजूदा समय में बिल को लेकर बिजली विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों में टकराव के   हालात बन रहे हैं। एक्सईएन ने 98 लाख रुपये का बिल जमा करने के लिए बीएसए को पत्र लिखा है।


उनकी बात पर यकीन करें तो कई बार भेजा जा चुका है, जिसका जवाब नहीं दिया जा रहा है। न ही बिल भरा जा रहा है। वहीं स्कूलों में बिना बिजली जले विभाग को लाखों का बिल भेजने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के तेवर भी तल्ख हैं। उन्होंने कहा है कि जब मीटर नहीं लगे। बिजली नहीं जली तो किस तरह इतना भुगतान कर दिया जाए। बिना बिजली जलाए कोई बिल कैसे भरेगा।       

 
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