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...तो गोल होगा दो प्रत्याशियों का डिब्बा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 01 Jan 2017 11:41 PM IST
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समाजवादी पार्टी
- फोटो : SELF
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समाजवादी कुनबे में मचे सियासी घमासान के बीच अब जो नई परिस्थितियां बनी हैं, उससे जिले में घोषित हो चुके दो प्रत्याशियों के टिकटों पर खतरा मंडराने लगा है। लखनऊ में हुए पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिसे तरह से ताकतवर होकर उभरे हैं, उससे जहां उनकी सूची में शामिल प्रत्याशी चुनाव लड़ने को लेकर आश्वस्त है, वहीं दूसरे खेमे के प्रत्याशियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।
सत्ताधारी समाजवादी पार्टी में रोजाना हो रही नई उथल-पुथल की तरह ही जिले में घोषित हो चुके प्रत्याशियों के चेहरे की रंगत भी बदल रही है। कभी एक धड़ा राहत महसूस करता है तो दूसरा बेचैनी। अगले ही पल ये परिस्थितियां बदल जाती हैं। राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद अब बदले फिर परिदृश्य एक बार बदल चुका है। जिले में घोषित दो प्रत्याशियों के टिकटों पर अब खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं।
गुरुवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह ने विधानसभा चुनाव-2017 के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। इसमें अमरोहा से कैबिनेट मंत्री महबूब अली, नौगावां सादात से हाजी इकरार अंसारी और धनौरा सुरक्षित सीट से उर्वशी और हसनपुर से कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर को प्रत्याशी घोषित किया गया था।
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इसके विरोध में मुख्यमंत्री ने नौगावां सादात से विधायक अशफाक अली खां, धनौरा से पूर्व मंत्री जगराम सिंह और हसनपुर से कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर को प्रत्याशी घोषित किया था। धनौरा और नौगावां सादात सीट से एक ही पार्टी के दो-दो प्रत्याशी आमने सामने आ गए थे। तब से प्रत्याशियों के साथ-साथ समर्थकों और मतदाताओं में पशोपेश की स्थिति बनी हुई है।
समाजवादी कुनबे में पल पल बदल रहे माहौल के बीच इन दोनों सीटों पर घोषित प्रत्याशियों की धड़कने भी बढ़ती जा रही हैं। दोनों सीटों पर एक-एक प्रत्याशी का पत्ता साफ होना तय माना जा रहा था। लखनऊ में हुए पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिसे तरह से ताकतवर होकर उभरे हैं, उससे जहां उनकी सूची में शामिल प्रत्याशी चुनाव लड़ने को लेकर आश्वस्त है, वहीं दूसरे खेमे के प्रत्याशियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।
सपा के भीतर वर्चस्व की लड़ाई को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुलायम सिंह यादव द्वारा घोषित प्रत्याशी उर्वशी के पति मुकेश चौधरी का कहना है कि उनको टिकट नेता जी ने दिया है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह ही चुनाव लड़ेंगे। उर्वशी के पति मुकेश चौधरी
अखिलेश यादव द्वारा धनौरा विधानसभा क्षेत्र से घोषित प्रत्याशी व पूर्व मंत्री जगराम सिंह का कहना है कि सपा के वह पुराने सिपाही हैं और उनको सीएम ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसीलिए सपा के वह ही अधिकृत प्रत्याशी होंगे। पूर्व मंत्री जगराम सिंह
अखिलेश यादव द्वारा धनौरा विधानसभा क्षेत्र से घोषित प्रत्याशी व पूर्व मंत्री जगराम सिंह का कहना है कि सपा के वह पुराने सिपाही हैं और उनको सीएम ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसीलिए सपा के वह ही अधिकृत प्रत्याशी होंगे। पूर्व मंत्री जगराम सिंह
पार्टी की ओर से मुझे चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। यही सूची मान्य होगी। मैं ही नौगावां सादात से उम्मीदवार हूं, दमखम से चुनाव लड़ूंगा। हाजी इकरार अंसारी, प्रत्याशी नौगावां सादात
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सत्ताधारी समाजवादी पार्टी में रोजाना हो रही नई उथल-पुथल की तरह ही जिले में घोषित हो चुके प्रत्याशियों के चेहरे की रंगत भी बदल रही है। कभी एक धड़ा राहत महसूस करता है तो दूसरा बेचैनी। अगले ही पल ये परिस्थितियां बदल जाती हैं। राष्ट्रीय अधिवेशन के बाद अब बदले फिर परिदृश्य एक बार बदल चुका है। जिले में घोषित दो प्रत्याशियों के टिकटों पर अब खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं।
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गुरुवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह ने विधानसभा चुनाव-2017 के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। इसमें अमरोहा से कैबिनेट मंत्री महबूब अली, नौगावां सादात से हाजी इकरार अंसारी और धनौरा सुरक्षित सीट से उर्वशी और हसनपुर से कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर को प्रत्याशी घोषित किया गया था।
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इसके विरोध में मुख्यमंत्री ने नौगावां सादात से विधायक अशफाक अली खां, धनौरा से पूर्व मंत्री जगराम सिंह और हसनपुर से कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर को प्रत्याशी घोषित किया था। धनौरा और नौगावां सादात सीट से एक ही पार्टी के दो-दो प्रत्याशी आमने सामने आ गए थे। तब से प्रत्याशियों के साथ-साथ समर्थकों और मतदाताओं में पशोपेश की स्थिति बनी हुई है।
समाजवादी कुनबे में पल पल बदल रहे माहौल के बीच इन दोनों सीटों पर घोषित प्रत्याशियों की धड़कने भी बढ़ती जा रही हैं। दोनों सीटों पर एक-एक प्रत्याशी का पत्ता साफ होना तय माना जा रहा था। लखनऊ में हुए पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिसे तरह से ताकतवर होकर उभरे हैं, उससे जहां उनकी सूची में शामिल प्रत्याशी चुनाव लड़ने को लेकर आश्वस्त है, वहीं दूसरे खेमे के प्रत्याशियों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।
सपा के भीतर वर्चस्व की लड़ाई को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुलायम सिंह यादव द्वारा घोषित प्रत्याशी उर्वशी के पति मुकेश चौधरी का कहना है कि उनको टिकट नेता जी ने दिया है, जो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह ही चुनाव लड़ेंगे। उर्वशी के पति मुकेश चौधरी
अखिलेश यादव द्वारा धनौरा विधानसभा क्षेत्र से घोषित प्रत्याशी व पूर्व मंत्री जगराम सिंह का कहना है कि सपा के वह पुराने सिपाही हैं और उनको सीएम ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसीलिए सपा के वह ही अधिकृत प्रत्याशी होंगे। पूर्व मंत्री जगराम सिंह
अखिलेश यादव द्वारा धनौरा विधानसभा क्षेत्र से घोषित प्रत्याशी व पूर्व मंत्री जगराम सिंह का कहना है कि सपा के वह पुराने सिपाही हैं और उनको सीएम ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसीलिए सपा के वह ही अधिकृत प्रत्याशी होंगे। पूर्व मंत्री जगराम सिंह
पार्टी की ओर से मुझे चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। यही सूची मान्य होगी। मैं ही नौगावां सादात से उम्मीदवार हूं, दमखम से चुनाव लड़ूंगा। हाजी इकरार अंसारी, प्रत्याशी नौगावां सादात