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ठंडी हवाओं से मौसम खुशनुमा, गर्मी से राहत
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अमरोहा। लगातार भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोगों ने बुधवार को ठंडी हवाओं चलने के बाद राहत महसूस की। आसमान में बादल छाने से मौसम खुशनुमा हो गया है। गर्मी से राहत के बाद सड़कों और बाजारों में रौनक बढ़ गई है।
जिले में 19 जून को झमाझम बारिश हुई थी। दो दिन हुई बारिश ने पिछले पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया था। दो दिन में करीब 55 एमएम बारिश हुई थी। मौसम के बदलते मिजाज को देखकर ऐसा लगा रहा था कि मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन इसके बाद बदरा रूठ गए। सूर्यदेव आग उगल रहे हैं। तपिश और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। बुधवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला। सुबह से ही आसमान में बादल उमड़ आए। ठंडी हवा चलने लगी। दिनभर बादल छाए रहे। सूर्यदेव बादलों में अठखेलियां करते दिखाई दिए। ठंडी हवाओं ने गर्मी को राहत तो दी, लेकिन बदरा नहीं बरसे। किसानों को उम्मीद थी कि बुधवार को एक बार फिर मानसून लौट आएगा और फसलें सूखने से बच जाएंगी, लेकिन बारिश नहीं हुई। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई का कार्य चल रहा है। इसके लिए बारिश बहुत जरूरी है। धान के खेत में ट्यूबवेल से पानी देना पड़ रहा है। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि अगले चौबीस घंटे के भीतर बारिश होने का अनुमान है।
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जिले में 19 जून को झमाझम बारिश हुई थी। दो दिन हुई बारिश ने पिछले पांच साल का रिकार्ड तोड़ दिया था। दो दिन में करीब 55 एमएम बारिश हुई थी। मौसम के बदलते मिजाज को देखकर ऐसा लगा रहा था कि मानसून ने दस्तक दे दी है, लेकिन इसके बाद बदरा रूठ गए। सूर्यदेव आग उगल रहे हैं। तपिश और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। बुधवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला। सुबह से ही आसमान में बादल उमड़ आए। ठंडी हवा चलने लगी। दिनभर बादल छाए रहे। सूर्यदेव बादलों में अठखेलियां करते दिखाई दिए। ठंडी हवाओं ने गर्मी को राहत तो दी, लेकिन बदरा नहीं बरसे। किसानों को उम्मीद थी कि बुधवार को एक बार फिर मानसून लौट आएगा और फसलें सूखने से बच जाएंगी, लेकिन बारिश नहीं हुई। किसानों का कहना है कि धान की रोपाई का कार्य चल रहा है। इसके लिए बारिश बहुत जरूरी है। धान के खेत में ट्यूबवेल से पानी देना पड़ रहा है। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि अगले चौबीस घंटे के भीतर बारिश होने का अनुमान है।
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