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Amroha News: जरा सी लापरवाही से रईसुद्दीन की उजड़ गई दुनिया
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सैदनगली(अमरोहा)। जरा सी नासमझी या लापरवाही से ट्रक चालक की हंसती खेलती दुनिया उजड़ गई। उसके तीन और रिश्तेदारों के दो बच्चों की कमरे में दम घुटने से मौत हो गई और बीवी और साले की हालत गंभीर बनी हुई है। नासमझी यह थी कि सभी बंद कमरे में सर्दी से बचने के लिए कोयला जला लिया था, जो जानलेवा साबित हुआ।
तीन सगे भाई-बहन समेत पांच बच्चों की मौत के बाद गांव में मातम पसर गया। घटना के बाद गांव में चूल्हे तक नहीं जले। धनौरा निवासी मृतक कशिश और सिहाली की रहने वाली महक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक घर पर लोगों की भीड़ जुटी रही।
थानाक्षेत्र के गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ निवासी रईसुद्दीन चार दिन पहले ही ट्रक चलाने काशीपुर गया था। घर में उसकी पत्नी हुस्नजहां, उसकी की बेटी सोनम, बड़ा बेटा जैद, छोटा बेटा माहिर और सिहाली जागीर की रहने वाली साला रियासत, उसकी बेटी महक और धनौरा निवासी साढू़ की बेटी कशिश एक ही कमरे में सोए हुए थे। सर्दी से बचने के लिए उन्होंने कमरे में तसले में कोयला जला लिया था। सभी की सोते में ही दम घुटने से मौत हो गई। जबकि रईसुद्दीन की पत्नी हुस्नजहां और साला रियासत की हालत गंभीर बनी हुई है। मंगलवार की शाम घटना की जानकारी मिलते ही डीएम राजेश कुमार त्यागी और एसपी कुंवर अनुपम सिंह मौके पर पहुंच गए। आला अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। जिस कमरे मेंं तसले में कोयला जलाया गया था, उसकी स्थान का बारीकी से निरीक्षण किया।
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एसपी कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और साक्ष्य जुटाए। पड़ोस में रहने वाले जाहिद ने बताया कि अगर पड़ोसियों को थोड़ी सी आहट हो जाती तो किसी भी स्थिति में बच्चों को बचा लिया जाता। लेकिन कमरे में बंद परिवार के साथ क्या हुआ यह किसी को भी पता नहीं था। सीओ हसनपुर ने बताया कि अंदाजा लगाया जा रहा है कि सोते-सोते परिवार के लोगों का दम घुटा है। अगर वह जागते हुए होते तो जरूर घर से बाहर भागने की कोशिश करते हैं।
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तीन सगे भाई-बहन समेत पांच बच्चों की मौत के बाद गांव में मातम पसर गया। घटना के बाद गांव में चूल्हे तक नहीं जले। धनौरा निवासी मृतक कशिश और सिहाली की रहने वाली महक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। देर रात तक घर पर लोगों की भीड़ जुटी रही।
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थानाक्षेत्र के गांव अल्लीपुर भूड़ उर्फ ढक्का मोड़ निवासी रईसुद्दीन चार दिन पहले ही ट्रक चलाने काशीपुर गया था। घर में उसकी पत्नी हुस्नजहां, उसकी की बेटी सोनम, बड़ा बेटा जैद, छोटा बेटा माहिर और सिहाली जागीर की रहने वाली साला रियासत, उसकी बेटी महक और धनौरा निवासी साढू़ की बेटी कशिश एक ही कमरे में सोए हुए थे। सर्दी से बचने के लिए उन्होंने कमरे में तसले में कोयला जला लिया था। सभी की सोते में ही दम घुटने से मौत हो गई। जबकि रईसुद्दीन की पत्नी हुस्नजहां और साला रियासत की हालत गंभीर बनी हुई है। मंगलवार की शाम घटना की जानकारी मिलते ही डीएम राजेश कुमार त्यागी और एसपी कुंवर अनुपम सिंह मौके पर पहुंच गए। आला अधिकारियों के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। जिस कमरे मेंं तसले में कोयला जलाया गया था, उसकी स्थान का बारीकी से निरीक्षण किया।
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एसपी कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई और साक्ष्य जुटाए। पड़ोस में रहने वाले जाहिद ने बताया कि अगर पड़ोसियों को थोड़ी सी आहट हो जाती तो किसी भी स्थिति में बच्चों को बचा लिया जाता। लेकिन कमरे में बंद परिवार के साथ क्या हुआ यह किसी को भी पता नहीं था। सीओ हसनपुर ने बताया कि अंदाजा लगाया जा रहा है कि सोते-सोते परिवार के लोगों का दम घुटा है। अगर वह जागते हुए होते तो जरूर घर से बाहर भागने की कोशिश करते हैं।