{"_id":"5f04d0138ebc3e42f57dae79","slug":"railway-jpnagar-news-mbd355080667","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनलॉक वन में रेलवे की आमदनी अट्ठन्नी, खर्चा रुपया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनलॉक वन में रेलवे की आमदनी अट्ठन्नी, खर्चा रुपया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। लॉकडाउन के बाद शुरू हुआ अनलॉक वन रेलवे पर भारी पड़ा। जून माह में रेलवे की आमदनी अट्ठन्नी तो खर्चा रुपये रहा। जून माह में टिकट बुकिंग के जरिए रेलवे को 5,70,425 रुपये की आमदनी हुई। जबकि रिफंड के रूप में यात्रियों को 9,59,810 रुपये लौटाने पड़े। ऐसे में आमदनी से अधिक रेलवे को खर्च करना पड़ा।
21 मार्च तक रेलवे का काम सुचारु रूप से चलता रहा। इसके बाद रेल सेवा बंद हो गई। रिजर्वेशन और टिकट काउंटर बंद हो गए। लॉकडाउन के बाद अनलॉक वन में एक जून से 200 कोविड स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। इसके लिए 25 मई से आरक्षण काउंटर खोल दिए गए। अमरोहा रुकने वाली तीन ट्रेनों से यात्रियों की आवाजाही हुई। जून महीने में 1021 यात्रियों ने अपना टिकट बुक कराया। इससे रेलवे को 5,70,425 रुपये की आमदनी हुई। वहीं लॉकडाउन में रेल सेवा बंद होने पर 1892 यात्री टिकट कैंसल कराने पहुंचे। इन यात्रियों को रेलवे ने 9,59,810 रुपये रिफंड किए। जून में रेलवे को आमदनी से 3,89,385 रुपये अधिक खर्च करने पड़े। स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि जून में महीने में टिकट कैंसलेशन अधिक हुए। कैंसल होने वाले ये टिकट लॉकडाउन के दौरान के हैं। इसके चलते आमदनी से अधिक रेलवे को रिफंड करना पड़ा।
एक नजर लॉकडाउन से पहले तीन माह के रिजर्वेशन पर
माह------यात्री----आमदनी-----रिफंड
जनवरी---6534--24,15,345--21,017
फरवरी---6426--20,32,030---15,997
मार्च-----7175--12,66,800---71,990
जून------1021--5,70,425----9,59,810
नोट: 21 मार्च से 24 मई के आखिरी हफ्ते तक टिकट काउंटर बंद रहे।
ज्वाइंट टिकट में गिरावट
अमरोहा। कोरोना संक्रमण काल में रेल सफर पर अकेले निकलना यात्री अधिक पसंद कर रहे हैं। इसके चलते संयुक्त टिकट में गिरावट आई है। लॉकडाउन से पहले पचास फीसदी से अधिक यात्री दो से चार लोगों के साथ सफर पर निकलते थे। एक रिजर्वेशन टिकट पर तीन से चार यात्री होते थे। लेकिन अब ऐसा कम हो रहा है। बमुश्किल बीस प्रतिशत ऐसे टिकट बन रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
21 मार्च तक रेलवे का काम सुचारु रूप से चलता रहा। इसके बाद रेल सेवा बंद हो गई। रिजर्वेशन और टिकट काउंटर बंद हो गए। लॉकडाउन के बाद अनलॉक वन में एक जून से 200 कोविड स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। इसके लिए 25 मई से आरक्षण काउंटर खोल दिए गए। अमरोहा रुकने वाली तीन ट्रेनों से यात्रियों की आवाजाही हुई। जून महीने में 1021 यात्रियों ने अपना टिकट बुक कराया। इससे रेलवे को 5,70,425 रुपये की आमदनी हुई। वहीं लॉकडाउन में रेल सेवा बंद होने पर 1892 यात्री टिकट कैंसल कराने पहुंचे। इन यात्रियों को रेलवे ने 9,59,810 रुपये रिफंड किए। जून में रेलवे को आमदनी से 3,89,385 रुपये अधिक खर्च करने पड़े। स्टेशन अधीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि जून में महीने में टिकट कैंसलेशन अधिक हुए। कैंसल होने वाले ये टिकट लॉकडाउन के दौरान के हैं। इसके चलते आमदनी से अधिक रेलवे को रिफंड करना पड़ा।
विज्ञापन
एक नजर लॉकडाउन से पहले तीन माह के रिजर्वेशन पर
माह------यात्री----आमदनी-----रिफंड
जनवरी---6534--24,15,345--21,017
फरवरी---6426--20,32,030---15,997
मार्च-----7175--12,66,800---71,990
जून------1021--5,70,425----9,59,810
नोट: 21 मार्च से 24 मई के आखिरी हफ्ते तक टिकट काउंटर बंद रहे।
ज्वाइंट टिकट में गिरावट
अमरोहा। कोरोना संक्रमण काल में रेल सफर पर अकेले निकलना यात्री अधिक पसंद कर रहे हैं। इसके चलते संयुक्त टिकट में गिरावट आई है। लॉकडाउन से पहले पचास फीसदी से अधिक यात्री दो से चार लोगों के साथ सफर पर निकलते थे। एक रिजर्वेशन टिकट पर तीन से चार यात्री होते थे। लेकिन अब ऐसा कम हो रहा है। बमुश्किल बीस प्रतिशत ऐसे टिकट बन रहे हैं।
विज्ञापन