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नवजात की पिटाई से क्षुब्ध परिजनों का सीएचसी में हंगामा, अधीक्षक से खींचतान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 23 Mar 2021 01:01 AM IST
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protest of gaurdians
गजरौला (रामपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जनसेवा केंद्र के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनवाने वाले युवक ने अपने परिजनों के साथ सीएचसी पहुंचकर डिलीवरी स्टाफ द्वारा उसके नवजात शिशु की पिटाई करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। महिलाओं की स्टाफ नर्स से नोकझोंक भी हुई और उन्होंने डिलीवरी कक्ष का दरवाजा नहीं खोलने पर उसे तोड़ने की कोशिश की। वहां मौजूद केंद्र अधीक्षक डा.योगेंद्र सिंह को भी खरीखोटी सुनाई। इस दौरान उनसे खींचतान करने पर हंगामा हो गया। बाद में पुलिस के समझाने पर वे वहां से लौट आए। वहीं नवजात शिशु एक निजी नर्सिंग होम में भरती है।
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सोमवार को नगर के मोहल्ला चौहानपुर निवासी रिंकू अपनी मां प्रेमवती और सास चंद्रवती के साथ ही परिवार की अन्य महिलाओं के साथ सीएचसी पहुंचा। यहां उसकी मां और सास ने चिकित्सीय स्टाफ पर रिंकू की पत्नी के नवजात शिशु की पिटाई करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। शोर सुनकर बाहर आए केंद्र अधीक्षक डा.योगेंद्र सिंह को भी खरीखोटी सुनाई। आरोप लगाया कि उन्होंने बाजार से तीन सौ रुपये का इंजक्शन भी लिखकर दिया लेकिन नवजात की हालत बिगड़ गई। उन्होंने डिलीवरी स्टाफ पर रुपये मांगने का भी आरोप लगाया और कक्ष के बाहर जा पहुंचीं। वहीं मौजूद एक स्टाफ नर्स का हाथ पकड़कर खींच लिया। गुस्साए परिजन आरोपी स्टाफ नर्सों को बाहर बुलाने की जिद पर अड़ी हुई थीं। इसके बाद लेबर रूम के बाहर जा पहुंची और दरवाजा खोलने को कहा। नहीं खोलने पर तोड़ने की कोशिश भी की। बाद में एक नर्स ने दरवाजा खोल दिया। इस दौरान गैलरी में आए डा.योगेंद्र सिंह का हाथ पकड़कर खींचतान करने पर वहां फार्मासिस्ट आदि ने इसका विरोध किया। इस पर फिर से हंगामा हो गया। डा.योगेंद्र सिंह ने पुलिस बुलवा ली। पुलिसकर्मियों ने हंगामा कर रही महिलाओं को समझाबुझाकर शांत किया। इसके बाद वे वहां से चले गए। इस संबंध में जानकारी करने पर डा.योगेंद्र सिंह ने स्टाफ पर लगाए जा रहे पिटाई के आरोपों को गलत ठहराया। बता दें कि शनिवार को सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर रिंकू की पत्नी रूबी सागर ने सीएचसी में पुत्र को जन्म दिया था। जन्म के बाद शिशु रो नहीं रहा था। इस पर स्टाफ नर्सों ने उसे रुलाने के लिए कमर पर हाथ मारे। परिजनों का आरोप है कि बालक की पिटाई की गई। इससे उसकी कमर पर नील के निशान पड़ गए। रिंकू के मुताबिक बालक की हालत तेजी से बिगड़ने पर उसे रविवार की सुबह नगर में ही एक बाल रोग विशेषज्ञ के यहां ले गए। वहीं उसका उपचार चल रहा है।
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इनसेट-
अ फसरों की खामोशी पर उठ रहे सवाल
गजरौला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराने आई महिलाओं और उनके परिजनों से मिठाई के नाम पर रुपयों की वसूली के आरोप आए दिन लगते रहते हैं। इसके अलावा यहां प्रसूताओं की सही ढंग से देखभाल नहीं किए जाने की भी शिकायतें अक्सर मीडिया की सुर्खियों में रहती हैं। खास बात यह है कि इसके बावजूद अमरोहा में जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारी खामोशी का रवैया अपनाए रहते हैं। इतना ही नहीं यहां इस तरह की कोई भी घटना होने पर आनन-फानन में पीड़ित परिवार से लिखवाकर भी ले लिया जाता है कि उनके साथ कोई घटना नहीं हुई थी। सीएचसी के ही सूत्रों का कहना है कि लेबर रूम के स्टाफ की वजह से आए दिन पूरे विभाग को शर्मसार होना पड़ता है। यदि अफसर किसी एक पर भी कार्रवाई कर दें तो शायद यहां की व्यवस्थाओं में सुधार हो जाए।
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(फोटो 22 जीजेएलपी 01 एवं 02 हैं)
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