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नरैनी गांव में भाजपा के लोगों का आना सख्त मना0
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रजबपुर (अमरोहा)। किसान संगठनों के आंदोलन के बीच रविवार को नरैनी गांव के लोगों ने बड़ा फैसला लिया है। गांववालों ने बाहरी छोर पर एक बैनर टांगा है, जिसमें लिखा है नरैनी गांव में भाजपा के लोगों का आना सख्त मना है। निवेदक में समस्त ग्रामवासी (किसान) लिखा है। गांव के लोगों ने कहा कि भाजपा को कोई नेता आएगा तो उसे गांव में प्रवेश नहीं करने देंगे। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि गांववालों से बात करेंगे और उनकी नाराजगी को दूर करेंगे।
रविवार को दोपहर लगभग 12 बजे नरैनी गांव में युवाओं की टीम ने बैनर टांग दिया। गांववालों ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर सरकार अड़ियल रुख अपना रही है। किसानों को कानून मंजूर नहीं है तो वापस करने में इनकार क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। उन्होंने कहा कि नरैनी गांव की तरफ कई और गांववाले इस तरफ का फैसला लेने को तैयार है। युवाओं ने बातचीत में कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। भाजपा ने जो वादे किए हैं वह पूरा करने में नाकाम साबित हुई है। कृषि कानूनों को सरकार को वापस लेना होगा। वरना गांव के लोग और बड़ा फैसला लेंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष डा. ऋषिपाल नागर का कहना है कि गांववालों से बात करेंगे। उनकी नाराजगी क्या उसे दूर करेंगे। किसान अन्नदाता है। उनकी मांग पर सहानुुुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। केंद्र सरकार लगातार बैठक करा रही है। किसान संगठनों से बात कर रहे हैं। इसका हल जरूर निकलेगा।
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रविवार को दोपहर लगभग 12 बजे नरैनी गांव में युवाओं की टीम ने बैनर टांग दिया। गांववालों ने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर सरकार अड़ियल रुख अपना रही है। किसानों को कानून मंजूर नहीं है तो वापस करने में इनकार क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। उन्होंने कहा कि नरैनी गांव की तरफ कई और गांववाले इस तरफ का फैसला लेने को तैयार है। युवाओं ने बातचीत में कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। भाजपा ने जो वादे किए हैं वह पूरा करने में नाकाम साबित हुई है। कृषि कानूनों को सरकार को वापस लेना होगा। वरना गांव के लोग और बड़ा फैसला लेंगे।
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भाजपा जिलाध्यक्ष डा. ऋषिपाल नागर का कहना है कि गांववालों से बात करेंगे। उनकी नाराजगी क्या उसे दूर करेंगे। किसान अन्नदाता है। उनकी मांग पर सहानुुुभूतिपूर्वक विचार किया जा रहा है। केंद्र सरकार लगातार बैठक करा रही है। किसान संगठनों से बात कर रहे हैं। इसका हल जरूर निकलेगा।
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