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पुलिस के कारनामे से फूटा आक्रोश, हंगामा-नोकझोंक
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अमरोहा। ऑनरकिलिंग के आरोप में निर्दोष पिता-भाई और रिश्तेदार को जेल भेजने और किशोरी के जिंदा मिलने पर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। परिजनों और ग्रामीणों ने थाने पर जमकर हंगामा किया। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। साठगांठ कर निर्दोषों को जेल भेजने का आरोप लगाया। वहीं भाकियू कार्यकर्ताओं का गुस्सा पुलिस के खिलाफ भड़क उठा है। आठ दिन के भीतर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है।
करीब 17 महीने पहले आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव के किसान की बेटी अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने पांच लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया था। लेकिन, पुलिस ने सात महीने पहले किशोरी की हत्या के आरोप में उसके पिता, भाई रूपकिशोर और एक रिश्तेदार को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को किशोरी अपने प्रेमी के घर सकुशल मिल गई। ग्रामीणों ने किशोरी को जिंदा देखा तो होश उड़ गए। इसके बाद पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों को आक्रोश फूट पड़ा। क्षेत्र के सैकड़ों लोग एकत्र होकर आदमपुर थाने पर पहुंच गए। यहां पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। आरोपी कर्मियों को जेल भेजने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। थाने पर मौजूद पुलिस कर्मी ग्रामीणों को हटाने लगो तो ग्रामीण भड़क गए। जमकर हंगामा किया। जिसे लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हो गई। हंगामा बढ़ता देख पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य चंद्रपाल खडगवंशी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। वहीं भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष महेश ठाकुर ने प्रशासन को चेतावनी दी है। कहा कि किसान यूनियन का कार्यकर्ता था और आदमपुर पुलिस ने उसे निर्दोष होते हुए भी जेल भेज दिया। जो करीब 7 महीने से जेल में बंद है। अगर 15 अगस्त तक की जेल से रिहाई और उसे जेल भेजने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो भाकियू आदमपुर थाने का घेराव कर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेगी।
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करीब 17 महीने पहले आदमपुर थानाक्षेत्र के गांव के किसान की बेटी अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने पांच लोगों पर अपहरण का आरोप लगाया था। लेकिन, पुलिस ने सात महीने पहले किशोरी की हत्या के आरोप में उसके पिता, भाई रूपकिशोर और एक रिश्तेदार को जेल भेज दिया था। शुक्रवार को किशोरी अपने प्रेमी के घर सकुशल मिल गई। ग्रामीणों ने किशोरी को जिंदा देखा तो होश उड़ गए। इसके बाद पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों को आक्रोश फूट पड़ा। क्षेत्र के सैकड़ों लोग एकत्र होकर आदमपुर थाने पर पहुंच गए। यहां पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। आरोपी कर्मियों को जेल भेजने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। थाने पर मौजूद पुलिस कर्मी ग्रामीणों को हटाने लगो तो ग्रामीण भड़क गए। जमकर हंगामा किया। जिसे लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हो गई। हंगामा बढ़ता देख पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य चंद्रपाल खडगवंशी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। वहीं भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष महेश ठाकुर ने प्रशासन को चेतावनी दी है। कहा कि किसान यूनियन का कार्यकर्ता था और आदमपुर पुलिस ने उसे निर्दोष होते हुए भी जेल भेज दिया। जो करीब 7 महीने से जेल में बंद है। अगर 15 अगस्त तक की जेल से रिहाई और उसे जेल भेजने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो भाकियू आदमपुर थाने का घेराव कर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेगी।
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