हसनपुर(अमरोहा)। भारत बंद के समर्थन में किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे सपा के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व मंत्री कमाल अख्तर को पुलिस ने उनके घर पर ही रोक लिया। घर से बाहर नहीं निकलने दिया। इस दौरान सीओ सतीश चंद्र पांडे और पूर्व मंत्री कमाल अख्तर की तीखी नोकझोंक हुई। पूर्व मंत्री ने पुलिस पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। सुबह से लेकर शाम तक पुलिस ने उनके आवास पर डेरा डाले रखा।
किसानों के समर्थन में भारत बंद को लेकर पूर्व मंत्री कमाल अख्तर का कार्यकर्ताओं के साथ हाईवे पर किसानों के आंदोलन में शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इसको लेकर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार ने पुलिस फोर्स के साथ मंगलवार सुबह को पूर्व मंत्री के आवास पर डेरा डाल दिया। आवास को घेर लिया। दोपहर करीब दो बजे पूर्व मंत्री ने कार्यकर्ताओं के साथ आवास से बाहर निकलने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें आवास से बाहर नहीं निकलने दिया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। पूर्व मंत्री ने कहा कि जब से देश व प्रदेश के अंदर भाजपा की सरकार बनी है। तब से किसानों, मजदूरों, गरीबों, नौजवानों और आम आदमी के साथ अत्याचार किया जा रहा है। किसानों का शोषण किया जा रहा है। कृषि कानून लाकर खेत होते हुए भी किसानों को बंधुआ मजदूरों की तरह काम करने पर विवश करने का प्रयास किया जा रहा है। लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। लोगों को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा है। इसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। सड़कों पर उतर कर किसान सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उनकी एक नहीं सुनी जा रही। देश के अंदर अराजकता का माहौल बना हुआ है। जो देश की शांति के लिए ठीक नहीं है। इस मौके पर अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष शकील चौधरी, जिला उपाध्यक्ष संदीप गुर्जर, युवजन सभा के जिलाध्यक्ष फैसल अल्वी, जिला महासचिव आरिफ अख्तर, जिला सचिव शाहनवाज अंसारी, इंशाल्लाह चौधरी, नगर अध्यक्ष युसूफ कुरैशी, कासिम मकरानी, गोलू त्यागी, अंशु त्यागी, बिजेंद्र प्रजापति, जावेद जरताब आदि मौजूद रहे।