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अमरोहा का झामः बिजली न पानी, जाम से भी परेश्ाानी

Sun, 07 May 2017 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा Updated Sun, 07 May 2017 12:42 AM IST
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problem in amroha, jam, water,electricity
अमरोहा बिजनौर रोड पर बड़े वाहनों की एंट्री होने के बाद लगा जाम। अमर उजाला - फोटो : amar ujala
विद्युत वितरण खंड गजरौला क्षेत्र के गांव शकूराबाद की बिजली आपूर्ति सप्ताह भर से ठप है। ग्रामीण अंधेरे में रात गुजारने के लिए मजबूर हैं। खेतों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही। गुस्साए ग्रामीण शनिवार की सुबह फाजलपुर बिजलीघर पहुंचे और अधिशासी अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। एक्सईएन को प्रार्थना पत्र देकर बिजली आपूर्ति सुचारु करने की मांग की। 
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प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों ने एक्सईएन को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके गांव में पड़ोस के गांव खाईखेड़ा खादर से होकर बिजली लाइन आ रही है। सप्ताह भर पहले जातिवाद को लेकर खाईखेड़ा गांव के ग्रामीणों से शकूराबाद गांव में आ रही बिजली लाइन काट कर तार घरों में रख लिया।
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आरोप है कि खाईखेड़ा के ग्राम प्रधान ने ग्रामीणों को उकसा कर लाइन कटवाई है। लाइन कटने से सप्ताह भर से गांव की बिजली आपूर्ति ठप है। शाम होते ही घरों व गांव की सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। खेतों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही। जिससे फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। इंजन से सिंचाई करने आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। 
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इतना ही नहीं लाइन जोड़ने की बात कहने पर खाईखेड़ा के ग्रामीण गाली-गलौज करते हैं। लाइनमैन को दबंगई दिखा कर भगा देते हैं। प्रदर्शन में साहिद, तालिब, आसिफ, शौकीन, गफ्फार, आरिफ, प्रधान जायदा, इकराम, भूरे समेत तमाम ग्रामीण थे। एक्सईएन ने आश्वासन देकर ग्रामीणों को वापस भेज दिया।

भ्‍ाीषण गर्मी में जाम से जूझे राहगीर, प्रशासन बेपरवाह
शहर की सभी सड़कों पर अतिक्रमण जी का जंजाल बन चुका है। दुकानदार सड़कों तक अपनी दुकान का सामान फैला लेते हैं। रही-सही रेहड़े और ठेले वाले पूरे कर देते हैं। सड़कों का दायरा सिकुड़ने के कारण रोजाना प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। 

  पुलिस और पालिका प्रसाशन की ओर से रोजाना अतिक्रमण हटवाने की बात कही जाती है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता है। सपा सरकार में सत्ता के दबाव में अतिक्रमण न हटने की बात कही जा रही थी। सरकार बदलने के बाद भी दोनों मामले में कार्रवाई से बच रहे हैं, जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है।      
     
जिले में अतिक्रमण की समस्या ला इलाज होती जा रही है। दुकानदार सड़कों तक तो अपना सामान फैला ही रहे हैं, रही सही कसर ठेले और रेहड़े वाले पूरे कर देते हैं। टीपी नगर चौराहे से लड़का चौराहे तक इनकी लाइन लग जाती है।


अतिक्रमण की स्थिति ये होती है कि सुबह 10 बजे बिजनौर रोड पर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। घर से गंत्यव्य के लिए निकले लोग जाम फंसे तो कड़ी धूप में उन्हें ये नहीं पता होता कि गंतव्य तक कब तक पहुंचेंगे। यही स्थित शहर के अन्य सड़कों की भी होती है। शहर का कोई ऐसा चौराहा और बाजार नहीं बचे हैं जहां अतिक्रमण का जाल नहीं फैला हो।     
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