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कानून के नुमाइंदे दे रहे ‘देख लेने’ की धमकी
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 10 Dec 2016 11:43 PM IST
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रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
- फोटो : demo pic
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तुर्क युवा महासम्मेलन के आयोजकों ने सूबे के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सीएम को ईमेल भेजकर कानून के नुमाइंदों पर ही देख लेने की धमकी देने की आरोप लगाया है। जोया चौकी इंचार्ज पर पर मौखिक धमकी देने का आरोप लगाते हुए इसे जिले का माहौल खराब करने की कोशिश बताया है। वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग उठाई है।
तुर्क युवा संघर्ष समिति के नाम से जीशान पाशा और तैय्यब की ओर से अली डीआईजी, आईजी जोन बरेली, एडीजी क़ानून व्यवस्था, डीजीपी और मुख्यमंत्री को भेजी गई ईमेल में कहा है कि शौक़त पाशा की 26 नवंबर को हुई हत्या और इसमें कैबिनेट मंत्री महबूब अली और उनके परिजनों का नाम आने के बाद से तुर्क समुदाय में आक्रोश है।
तुर्क समुदाय न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इंसाफ़ की मांग के लिए दस दिसंबर को युवा तुर्क सम्मेलन प्रस्तावित था, जिसे अनुमति न मिलने के कारण आयोजकों ने रद्द कर दिया। आरोप लगाया कि क़ानून के नुमाइंदे युवा तुर्क सम्मेलन के आयोजकों को हिंसा और देख लेने की धमकी दे रहे हैं।
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उन्होंने जोया चौकी पर तैनात इंचार्ज माहिर अब्बास जैदी पर मौखिक धमकियां देने का आरोप लगाया है। कहा कि ऐसी धमकियां क्षेत्र का माहौल ख़राब कर सकती हैं। तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है।
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तुर्क युवा संघर्ष समिति के नाम से जीशान पाशा और तैय्यब की ओर से अली डीआईजी, आईजी जोन बरेली, एडीजी क़ानून व्यवस्था, डीजीपी और मुख्यमंत्री को भेजी गई ईमेल में कहा है कि शौक़त पाशा की 26 नवंबर को हुई हत्या और इसमें कैबिनेट मंत्री महबूब अली और उनके परिजनों का नाम आने के बाद से तुर्क समुदाय में आक्रोश है।
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तुर्क समुदाय न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इंसाफ़ की मांग के लिए दस दिसंबर को युवा तुर्क सम्मेलन प्रस्तावित था, जिसे अनुमति न मिलने के कारण आयोजकों ने रद्द कर दिया। आरोप लगाया कि क़ानून के नुमाइंदे युवा तुर्क सम्मेलन के आयोजकों को हिंसा और देख लेने की धमकी दे रहे हैं।
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उन्होंने जोया चौकी पर तैनात इंचार्ज माहिर अब्बास जैदी पर मौखिक धमकियां देने का आरोप लगाया है। कहा कि ऐसी धमकियां क्षेत्र का माहौल ख़राब कर सकती हैं। तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है।