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Amroha News: एनसीईआरटी किताबों की कमी से अभिभावक परेशान, निजी स्कूलों की मनमानी

Fri, 27 Mar 2026 12:59 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Fri, 27 Mar 2026 12:59 AM IST
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Parents are worried about the lack of NCERT books and the high-handedness of private schools.
अमरोहा। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत एक अप्रैल से होने जा रही है लेकिन बाजार में एनसीईआरटी की किताबों की भारी कमी से अभिभावक और छात्र परेशान हैं। कक्षा तीसरी, चौथी, पांचवीं और सातवीं की अंग्रेजी, गणित, विज्ञान व हिंदी की किताबों के लिए लोग दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं। कई किताब विक्रेताओं का कहना है कि स्कूल संचालकों की ओर से मांग नहीं आने के कारण उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें नहीं मंगाईं।
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स्थिति का फायदा उठाते हुए निजी स्कूल अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। जहां एनसीईआरटी की किताबों का सेट कुछ सौ रुपये में मिल जाता है, वहीं निजी प्रकाशकों की किताबें तीन से चार गुना अधिक कीमत पर बेची जा रही हैं। पहली और दूसरी कक्षा के लिए जहां एनसीईआरटी की किताबें 400 से 500 रुपये में उपलब्ध हो जाती हैं, वहीं निजी स्कूल किताबों और स्टेशनरी के साथ चार से छह हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। ऊंची कक्षाओं में यह खर्च आठ से दस हजार रुपये तक पहुंच रहा है।
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अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन उन्हें बाजार से स्वतंत्र रूप से किताबें खरीदने की अनुमति नहीं देते और केवल निर्धारित दुकानों से ही किताबें लेने का दबाव बनाते हैं। बुक सेट को अलग-अलग खरीदने की भी अनुमति नहीं दी जाती, जिससे अभिभावकों को पूरा पैकेज लेना पड़ता है। इसके अलावा कॉपियों पर स्कूल का लोगो लगाकर अधिक कीमत वसूली जा रही है। बीते वर्ष के मुकाबले इस बार कॉपी-किताब और स्टेशनरी की कीमतों में पांच से दस प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। हर साल दोहराई जाने वाली इस समस्या से अभिभावक अब परेशान हो चुके हैं और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें सस्ती पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
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