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Amroha News: साठ लाख गबन में फंसे पंचायत सचिव
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अमरोहा। ऑडिट आपत्तियों के बाद हसनपुर व गंगेश्वरी ब्लॉक में तैनात रहे पंचायत सचिव फंसते नजर आ रहे हैं। दोनों ब्लॉकों में तैनाती के दौरान दस पंचायतों में 60.30 लाख रुपये गबन का मामला सामने आया है। इसके बाद पंचायत राज समिति के कार्रवाई करने के आदेश के बाद सचिव को पंचायत क्लस्टर से हटा दिया गया है। साथ ही कुल गबन के 50 फीसदी रकम की वसूली का नोटिस भी जारी किया जा रहा है।
बताया जाता है कि हसनपुर व गंगेश्वरी ब्लॉक में पंचायत सचिव यशपाल सिंह जिस पंचायत में भी तैनात रहे वहां उन पर सरकारी धन के दुरुपयोग करने के आरोप लगे और उसमें फंसे भी। वित्तीय साल 2015-16 से 2021-22 तक हुए ऑडिट के दौरान सचिव की करतूत पकड़ में आ गई। 2015-16 के गंगेश्वरी के पथरा एतमाली में 97 हजार रुपये, नानई लिसड़ा में 344900 रुपये, पथरा मुस्तकम में 125000 रुपये, वित्तीय साल 2016-17 में पथरा मुस्तकम में 1204475 रुपये, हैदलपुर में 842731 रुपये, जल्लोपुर मुस्तकम में 1413383 रुपये, बिहारीपुर में 651323 रुपये, वित्तीय साल 2019-20 में हसनपुर ब्लॉक के खरसौली में 108955 रुपये, बहापुर में 42500 व 2021-22 में बहापुर में 1199750 रुपये की ऑडिट आपत्ति लगाई थी।
बार-बार नोटिस के बाद भी पंचायत सचिव इस संबंध में कोई हिसाब नहीं दे सके। बाद में मामला पंचायत राज समिति के सामने पहुंचा, तो उनको ग्राम निधि की राशि के दुरुपयोग का दोषी मानते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा। जिसके बाद डीपीआरओ पारुल सिसोदिया ने उनको सभी क्लस्टर से हटा दिया है।
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डीपीआरओ ने बताया कि सचिव से सभी क्लस्टरों को हटाते हुए वसूली की कार्रवाई की जाएगी। कुल 60.30 लाख रुपये के गबन की 50 फीसदी रकम 30.15 लाख रुपये पंचायत सचिव से वसूले जाएंगे। इसके लिए नोटिस दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
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पंचायत सचिव यशपाल सिंह द्वारा पंचायतों में गबन का मामला सामने आया है। उससे सरकारी धन की वसूली की जाएगी तथा बर्खास्तगी के लिए भी कार्रवाई शुरू होगी।
- अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
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बताया जाता है कि हसनपुर व गंगेश्वरी ब्लॉक में पंचायत सचिव यशपाल सिंह जिस पंचायत में भी तैनात रहे वहां उन पर सरकारी धन के दुरुपयोग करने के आरोप लगे और उसमें फंसे भी। वित्तीय साल 2015-16 से 2021-22 तक हुए ऑडिट के दौरान सचिव की करतूत पकड़ में आ गई। 2015-16 के गंगेश्वरी के पथरा एतमाली में 97 हजार रुपये, नानई लिसड़ा में 344900 रुपये, पथरा मुस्तकम में 125000 रुपये, वित्तीय साल 2016-17 में पथरा मुस्तकम में 1204475 रुपये, हैदलपुर में 842731 रुपये, जल्लोपुर मुस्तकम में 1413383 रुपये, बिहारीपुर में 651323 रुपये, वित्तीय साल 2019-20 में हसनपुर ब्लॉक के खरसौली में 108955 रुपये, बहापुर में 42500 व 2021-22 में बहापुर में 1199750 रुपये की ऑडिट आपत्ति लगाई थी।
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बार-बार नोटिस के बाद भी पंचायत सचिव इस संबंध में कोई हिसाब नहीं दे सके। बाद में मामला पंचायत राज समिति के सामने पहुंचा, तो उनको ग्राम निधि की राशि के दुरुपयोग का दोषी मानते हुए अधिकारियों को कार्रवाई के लिए कहा। जिसके बाद डीपीआरओ पारुल सिसोदिया ने उनको सभी क्लस्टर से हटा दिया है।
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डीपीआरओ ने बताया कि सचिव से सभी क्लस्टरों को हटाते हुए वसूली की कार्रवाई की जाएगी। कुल 60.30 लाख रुपये के गबन की 50 फीसदी रकम 30.15 लाख रुपये पंचायत सचिव से वसूले जाएंगे। इसके लिए नोटिस दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
पंचायत सचिव यशपाल सिंह द्वारा पंचायतों में गबन का मामला सामने आया है। उससे सरकारी धन की वसूली की जाएगी तथा बर्खास्तगी के लिए भी कार्रवाई शुरू होगी।
- अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ