{"_id":"6a67bf03e1947e5a2f0df10b","slug":"over-10-bank-accounts-frozen-in-job-related-fraud-case-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-169257-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: नौकरी के नाम पर ठगी में 10 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: नौकरी के नाम पर ठगी में 10 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज
विज्ञापन
अमरोहा। नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं को बंधक बनाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने गिरोह से जुड़े 10 से अधिक बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। राज्य कर विभाग में दर्ज फर्म के वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। शुरुआती पड़ताल में गिरोह का नेटवर्क उत्तराखंड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक, असम, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों तक फैला मिला है। चर्चा है कि राज्य कर विभाग में फर्म का लेखा-जोखा सही पाया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड संदीप सोशल मीडिया के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था। शुक्रवार को गजरौला पुलिस ने भारत एसोसिएट नाम से संचालित फर्जी कंपनी पर छापा मारकर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था और 15 युवकों को बंधनमुक्त कराया था। मौके से सात मोबाइल, एक लैपटॉप, 20 आवेदन पत्र, कूटरचित स्टांप पेपर, रजिस्टर, डायरी और 39,500 रुपये नकद बरामद हुए थे।
बरामद डायरी में कई राज्यों के युवाओं के नाम, मोबाइल नंबर और लेनदेन का विवरण मिला है। पुलिस अब इनमें दर्ज लोगों से संपर्क कर संभावित पीड़ितों की पहचान कर रही है। आशंका है कि गिरोह देशभर के सैकड़ों युवाओं को अपने जाल में फंसा चुका है या फंसाने की तैयारी में था।
विज्ञापन
अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने बताया कि मोबाइल, लैपटॉप, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। आरोपी अनुज, अरुण शर्मा, फहीम अहमद, चंद्रपाल, रूपेंद्र कुमार, अजीत चौधरी, राजेंद्र सिंह, अभिषेक कुमार और रोहित सिंह को जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार गिरोह का मास्टरमाइंड संदीप सोशल मीडिया के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था। शुक्रवार को गजरौला पुलिस ने भारत एसोसिएट नाम से संचालित फर्जी कंपनी पर छापा मारकर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था और 15 युवकों को बंधनमुक्त कराया था। मौके से सात मोबाइल, एक लैपटॉप, 20 आवेदन पत्र, कूटरचित स्टांप पेपर, रजिस्टर, डायरी और 39,500 रुपये नकद बरामद हुए थे।
विज्ञापन
बरामद डायरी में कई राज्यों के युवाओं के नाम, मोबाइल नंबर और लेनदेन का विवरण मिला है। पुलिस अब इनमें दर्ज लोगों से संपर्क कर संभावित पीड़ितों की पहचान कर रही है। आशंका है कि गिरोह देशभर के सैकड़ों युवाओं को अपने जाल में फंसा चुका है या फंसाने की तैयारी में था।
विज्ञापन
अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने बताया कि मोबाइल, लैपटॉप, बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। आरोपी अनुज, अरुण शर्मा, फहीम अहमद, चंद्रपाल, रूपेंद्र कुमार, अजीत चौधरी, राजेंद्र सिंह, अभिषेक कुमार और रोहित सिंह को जेल भेज दिया गया है।