{"_id":"5adcee2e4f1c1b62098b60d5","slug":"one-more-peacock-died-total-7-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक और मोर ने दम तोड़ा, अब तक 7 मरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक और मोर ने दम तोड़ा, अब तक 7 मरे
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा।
Updated Mon, 23 Apr 2018 01:48 AM IST
विज्ञापन
रेंज कार्यालय सियाली जागीर में इलाज के लिए लाए गए मोर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सियाली जागीर के वन रेंज कार्यालय में रविवार को इलाज के दौरान एक और मोर की मौत हो गई जबकि, तीन मोरों का फिलहाल इलाज चल रहा है। मरने वाले मोरों की संख्या अब तक सात हो चुकी हैं।
रविवार की दोपहर सियाली जागीर वन रेंज कार्यालय में एक मादा मोर ने दम तोड़ दिया। वन रेंजर का कहना है कि तीन मोरों की हालत में सुधार है। शनिवार को बिजनौरा गांव के जंगल में एक मोर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। इस मोर से न ही उड़ा जा रहा था और न ही चल पा रहा था। ग्रामीणों की सूचना पर मोर वन विभाग ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। वहीं एक मोर गारबपुर स्थित विजयपाल के बाग में पड़ा मिला। गारबपुर में अब तक तीन मोर जख्मी हालत में मिल चुके हैं। शनिवार तक जख्मी मिले मोरों की संख्या दस पहुंच गई। शुक्रवार को बिजनौरा गांव में एक और मिला था, वहीं शुक्रवार हो ही सैदनगली के गांव भटौला में भी मोर मिला। इन दो दिनों में मिले चार मोरों का इलाज वन रेंज के कार्यालय सियाली जागीर में चल रहा था। डाक्टर मोर का इलाज करने में लगे हुए हैं।
रविवार को मरे मोर को मिलाकर अब तक सात मोरों की मौत हो चुुकी है। नौ अप्रैल को ढबारसी से जख्मी मोरों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ था। उधर दो मोरों के शव बरेली भेजे गए हैं। जिनकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार की दोपहर सियाली जागीर वन रेंज कार्यालय में एक मादा मोर ने दम तोड़ दिया। वन रेंजर का कहना है कि तीन मोरों की हालत में सुधार है। शनिवार को बिजनौरा गांव के जंगल में एक मोर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। इस मोर से न ही उड़ा जा रहा था और न ही चल पा रहा था। ग्रामीणों की सूचना पर मोर वन विभाग ने अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। वहीं एक मोर गारबपुर स्थित विजयपाल के बाग में पड़ा मिला। गारबपुर में अब तक तीन मोर जख्मी हालत में मिल चुके हैं। शनिवार तक जख्मी मिले मोरों की संख्या दस पहुंच गई। शुक्रवार को बिजनौरा गांव में एक और मिला था, वहीं शुक्रवार हो ही सैदनगली के गांव भटौला में भी मोर मिला। इन दो दिनों में मिले चार मोरों का इलाज वन रेंज के कार्यालय सियाली जागीर में चल रहा था। डाक्टर मोर का इलाज करने में लगे हुए हैं।
विज्ञापन
रविवार को मरे मोर को मिलाकर अब तक सात मोरों की मौत हो चुुकी है। नौ अप्रैल को ढबारसी से जख्मी मोरों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ था। उधर दो मोरों के शव बरेली भेजे गए हैं। जिनकी रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन