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कुत्तों का कहर : लगातार दूसरे दिन हमला, दो बच्चों की मौत के बाद लोगों में दहशत, परिवार में मातम
Fri, 02 Apr 2021 03:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हसनपुर (अमरोहा)।
अमर उजाला नेटवर्क, हसनपुर (अमरोहा)।
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 02 Apr 2021 03:12 AM IST
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बच्चे की मौत के बाद परिवार में मातम...
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र के गांव दीपपुर में घर से बाहर निकले 12 वर्षीय बालक पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बचाने के लिए जब तक आसपास के लोग पहुंचे तब तक खूंखार कुत्तों ने बालक को बुरी तरह नोच डाला। इलाज की कोशिशों से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक अन्य गांव में एक दिन पहले ऐसी ही घटना में एक 11 वर्षीय बालक की जान जा चुकी है। लगातार दूसरे दिन कुत्तों के जानलेवा हमले की घटना से लोग दहशत में हैं।
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कुत्तों के हमले का शिकार हुआ दीपपुर गांव में के रहने वाले किसान खड़क सिंह चौहान का 12 वर्षीय बेटा कनिष्क, जो गुरुवार सुबह घर से दो सौ मीटर की दूरी पर स्थित खेत पर नलकूप चलाने के लिए निकला था। खेत पर पहुंचते ही उस पर अचानक कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बालक की चीखें सुनकर नजदीकी खेतों में मौजूद लोग उधर दौड़े और डंडे मारकर कुत्तों को भगाया। इस बीच कुत्तों द्वारा बुरी तरह नोच डालने से कनिष्क लहूलुहान हो चुका था। इलाज की कोशिशें शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
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घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के साथ-साथ वन विभाग के कर्मचारी भी गांव पहुंचे। उन्होंने खूंखार कुत्तों को गांव से दूर छुड़वाने का भरोसा दिया। पुलिस ने बालक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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बुधवार को हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव रामपुर भूड़ में किसान चंद्रपाल सिंह के 11 वर्षीय बेटे शरद की भी खेत पर कुत्तों के हमले से मौत हो गई थी। खौफ में घिरे ग्रामीणों ने हिंसक कुत्तों से क्षेत्र को निजात दिलाने की मांग की है।
बदहवास हो गए माता-पिता
महज 12 साल की उम्र के बेटे कनिष्क की कुत्तों के हमले से मौत ने माता-पिता को बदहवास कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि किसान खड़क सिंह चौहान के एक बेटा, एक बेटी हैं। बेटा कनिष्क बड़ा था और कक्षा पांच में पढ़ता था। उसकी मौत ऐसी परिस्थितियों में होगी, ऐसा किसी ने सोचा नहीं था। बेटे की जान जाने के बाद से खड़क सिंह चौहान और उनकी पत्नी खुद पर काबू नहीं रख पा रहे हैं।