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अमरोहा: किताब प्रकरण में अब निलंबित कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार
Tue, 14 Feb 2023 12:35 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 14 Feb 2023 12:35 AM IST
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हसनपुर(अमरोहा)। बेसिक स्कूलों में बंटने के लिए आईं किताबों में से 10 हजार प्रतियां कबाड़ी के यहां मिलने में अब निलंबित शिक्षा विभाग के कर्मचारी जयपाल और किताबों के सप्लायर संजीव राणा को भी गिरफ्तार कर लिया है। सात फरवरी को हसनपुर क्षेत्र के शाहपुर कला निवासी कबाड़ी सरफराज के ससुर गांव कनेटा निवासी फारूख के घर दस हजार से अधिक किताबें और कार्य-पुस्तिकाएं बरामद हुई थीं। जांच में सामने आया था कि कार्य-पुस्तिकाओं को बीआरसी चंदनपुर से विद्यालयों में वितरित कराने की बजाय रद्दी में बेचा गया था। इस प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी गंगेश्वरी आयशा बी की तहरीर पर सैदनगली थाने में कबाड़ी के ससुर फारूख व किताबों के सप्लायर बालाजी एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर राजू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
रविवार को डीएम बीके त्रिपाठी थाना सैदनगली पहुंचे और कबाड़ी सरफराज को बुलाकर पूछताछ की। सच्चाई सामने आने पर बीआरसी चंदनपुर किताबों के भंडारण और वितरण का लेखा जोखा रखने वाले कर्मचारी जयपाल सिंह और सतेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया था।
थाने में देर रात तक एसडीएम विजय शंकर, सीओ अभिषेक कुमार यादव द्वारा कबाड़ी व शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से पूछताछ की जाती रही। सच्चाई सामने आने के बाद निलंबित किए जा चुके लिपिक जयपाल और किताबों के सप्लायर संजीव राणा को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कबाड़ी सरफराज को डीएम के आदेश के बाद रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि बालाजी एंटरप्राइजेज का प्रोपराइटर राजू अभी फरार हैं।
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सीओ अभिषेक कुमार यादव ने बताया कि आरोपी जयपाल और संजीव राणा को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
18 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से रद्दी में बेची गईं थी किताबें
सैदनगली। कबाड़ी सरफराज ने पूछताछ में बताया कि शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से उसने छह फरवरी को 22 क्विंंटल 40 किलो रद्दी 18 रुपये प्रतिकिलो हिसाब से खरीदी थी, जिसकी कीमत करीब चालीस हजार रुपये होती है। किताबों का भुगतान भी कर दिया गया था। संवाद
एसडीएम की जांच पूरी, मिलीं खामियां
हसनपुर। किताब प्रकरण में जांच कर रहे एसडीएम अरुण कुमार द्वारा जांच पूरी की जा चुकी है। वह जल्द ही जांच रिपोर्ट को जिलाधिकारी को सामने प्रेषित करने की तैयारी कर रहे हैं। पिछले पांच दिनों से एसडीएम द्वारा जांच की जा रही है। उन्होंने गजरौला स्थित पुस्तक भंडारण केंद्र से लेकर बीआरसी चंदनपुर तक मामले की बारीकी से जांच की है। दोनों जगह का रिकार्ड का मिलान करने का प्रयास किया, लेकिन रिकार्ड मैच नहीं हो पाया। कई और भी खामियां पाई गई हैं। एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जांच में कई खामियां मिलीं हैं।
वितरण से संबंधित प्रमाणपत्रों में भिन्नता मिलने पर फंस सकते हैं प्रधानाध्यापक
हसनपुर। कार्य पुस्तिकाओं के वितरण का रिकार्ड पूरा दिखाने के लिए पिछले पांच दिनों में तीन बार प्रधानाध्यापकों से प्रमाणपत्र लिए जा चुके हैं। हालांकि सभी प्रधानाध्यापकों द्वारा प्रमाणपत्र नहीं दिए गए हैं। कुछ प्रधानाध्यापकों ने समझदारी दिखाते हुए प्रमाणपत्र देने से इंकार कर दिया है। एक प्रधानाध्यापक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले निशुल्क पाठ्य पुस्तक व कार्य पुस्तिकाओं के शतप्रतिशत वितरण का प्रमाण पत्र लिया गया था। इसके बाद गूगल फोन्ट पर कक्षा बार वितरण को दर्शाते हुए प्रमाणपत्र लिया गया। ऐसे में वितरण से संबंधित प्रमाणपत्रों में भिन्नता मिलने पर प्रधानाध्यापकों पर भी कार्रवाई की आंच आ सकती है।
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रविवार को डीएम बीके त्रिपाठी थाना सैदनगली पहुंचे और कबाड़ी सरफराज को बुलाकर पूछताछ की। सच्चाई सामने आने पर बीआरसी चंदनपुर किताबों के भंडारण और वितरण का लेखा जोखा रखने वाले कर्मचारी जयपाल सिंह और सतेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया था।
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थाने में देर रात तक एसडीएम विजय शंकर, सीओ अभिषेक कुमार यादव द्वारा कबाड़ी व शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से पूछताछ की जाती रही। सच्चाई सामने आने के बाद निलंबित किए जा चुके लिपिक जयपाल और किताबों के सप्लायर संजीव राणा को भी गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कबाड़ी सरफराज को डीएम के आदेश के बाद रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि बालाजी एंटरप्राइजेज का प्रोपराइटर राजू अभी फरार हैं।
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सीओ अभिषेक कुमार यादव ने बताया कि आरोपी जयपाल और संजीव राणा को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
18 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से रद्दी में बेची गईं थी किताबें
सैदनगली। कबाड़ी सरफराज ने पूछताछ में बताया कि शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से उसने छह फरवरी को 22 क्विंंटल 40 किलो रद्दी 18 रुपये प्रतिकिलो हिसाब से खरीदी थी, जिसकी कीमत करीब चालीस हजार रुपये होती है। किताबों का भुगतान भी कर दिया गया था। संवाद
एसडीएम की जांच पूरी, मिलीं खामियां
हसनपुर। किताब प्रकरण में जांच कर रहे एसडीएम अरुण कुमार द्वारा जांच पूरी की जा चुकी है। वह जल्द ही जांच रिपोर्ट को जिलाधिकारी को सामने प्रेषित करने की तैयारी कर रहे हैं। पिछले पांच दिनों से एसडीएम द्वारा जांच की जा रही है। उन्होंने गजरौला स्थित पुस्तक भंडारण केंद्र से लेकर बीआरसी चंदनपुर तक मामले की बारीकी से जांच की है। दोनों जगह का रिकार्ड का मिलान करने का प्रयास किया, लेकिन रिकार्ड मैच नहीं हो पाया। कई और भी खामियां पाई गई हैं। एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जांच में कई खामियां मिलीं हैं।
वितरण से संबंधित प्रमाणपत्रों में भिन्नता मिलने पर फंस सकते हैं प्रधानाध्यापक
हसनपुर। कार्य पुस्तिकाओं के वितरण का रिकार्ड पूरा दिखाने के लिए पिछले पांच दिनों में तीन बार प्रधानाध्यापकों से प्रमाणपत्र लिए जा चुके हैं। हालांकि सभी प्रधानाध्यापकों द्वारा प्रमाणपत्र नहीं दिए गए हैं। कुछ प्रधानाध्यापकों ने समझदारी दिखाते हुए प्रमाणपत्र देने से इंकार कर दिया है। एक प्रधानाध्यापक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले निशुल्क पाठ्य पुस्तक व कार्य पुस्तिकाओं के शतप्रतिशत वितरण का प्रमाण पत्र लिया गया था। इसके बाद गूगल फोन्ट पर कक्षा बार वितरण को दर्शाते हुए प्रमाणपत्र लिया गया। ऐसे में वितरण से संबंधित प्रमाणपत्रों में भिन्नता मिलने पर प्रधानाध्यापकों पर भी कार्रवाई की आंच आ सकती है।