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Amroha News: गहमागहमी के बीच हुई वार्ता, गेहूं की फसल काटने तक की मोहलत, कोर्ट जाएंगे किसान
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मध्य गंगा नहर में गई जमीन का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना लेने की मांग को लेकर बुधवार को अधिकारी और किसानों के बीच वार्ता हुई। करीब दो घंटे चली बातचीत के दौरान कई बार अधिकारी और किसानों के बीच गहमागहमी का माहौल बना। समय मांगने पर अधिकारियों ने किसानों को गेहूं की फसल काटने तक चार माह की मोहलत दी है। वहीं किसानों ने मुआवजे को लेकर अब हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के बैनर तले मध्य गंगा नहर में गई जमीन का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना लेने की मांग को लेकर रामपुर घना, कूबी, मोहनपुर जानिब, घंसूरपुर के सैकड़ों ग्रामीणों ने भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारियों के साथ साथ किसान नहर की खुदाई करने पहुंची जेसीबी के सामने बैठ गए थे। किसानों ने जमकर हंगामा किया। हालात काबू करने के लिए एसडीएम-सीओ समेत कई थानों का फोर्स मौके पर बुलाना पड़ा था। इस दौरान अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त करके किसान वापस लौट गए थे।
इस मामले में बुधवार को भाकियू टिकैत गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह और जिलाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारी और किसान एकत्र होकर डीएम बीके त्रिपाठी से मिले। यहां किसानों और पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे वार्ता चली। किसानों ने अपनी भूमि का सर्किल रेट चार गुुना मुआवजा दिए जाने की मांग की। इस पर डीएम ने स्पष्ट कर दिया कि मुआवजा तय करने का काम सरकार और न्यायालय का है। इसमें वह हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। वह जितना मुआवजा आया है, उतना ही दे सकते हैं। इस पर किसानों ने गेहूं की फसल कटने तक का चार माह का समय मांगा, जिस पर डीएम ने किसानों को उतना समय दे दिया। यह भी स्पष्ट कर दिया कि इसके बाद बिल्कुल भी समय नहीं दिया जाएगा। इस दौरान एसपी आदित्य लांग्हे, एडीएम भगवान शरण, सिंचाई विभाग के एक्सईएन, एसडीओ, जेई व किसानों की ओर से जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह, काले सिंह, मुकेश सिंह, वीर पाल सिंह, शीशपाल सिंह, गुडडू, ओमकार, कुलदीप, मोहन, जितेंद्र, मयाराम, इंतेजार आदि मौजूद रहे।
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मध्य गंगा नहर गई किसानों की जमीन का सर्किल रेट के चार गुुना मुआवजा दिलाए जाने को लेकर अधिकारियों से वार्ता हुई है। अफसरों ने मुआवजा बढ़ाने से हाथ खड़े कर लिए हैं, लेकिन किसानों के मांगने पर गेहूं की फसल काटने तक का चार महीने का समय प्रशासन ने दिया है। अब किसान मुआवजे बढ़ाने के हाईकोर्ट जाएंगे। चौधरी रामपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भाकियू टिकैत गुट
किसानों को फसल काटने तक का समय दिया गया है ये बात ठीक है, लेकिन नहर और उसमें बनने वाले पुल के चिह्नांकन का कार्य चलता रहेगा। किसान कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं न्यायालय का जो आदेश होगा उसका पालन कराया जाएगा। - बीके त्रिपाठी, डीएम
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सोमवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के बैनर तले मध्य गंगा नहर में गई जमीन का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना लेने की मांग को लेकर रामपुर घना, कूबी, मोहनपुर जानिब, घंसूरपुर के सैकड़ों ग्रामीणों ने भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारियों के साथ साथ किसान नहर की खुदाई करने पहुंची जेसीबी के सामने बैठ गए थे। किसानों ने जमकर हंगामा किया। हालात काबू करने के लिए एसडीएम-सीओ समेत कई थानों का फोर्स मौके पर बुलाना पड़ा था। इस दौरान अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त करके किसान वापस लौट गए थे।
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इस मामले में बुधवार को भाकियू टिकैत गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष दानवीर सिंह और जिलाध्यक्ष चौधरी रामपाल सिंह के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारी और किसान एकत्र होकर डीएम बीके त्रिपाठी से मिले। यहां किसानों और पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे वार्ता चली। किसानों ने अपनी भूमि का सर्किल रेट चार गुुना मुआवजा दिए जाने की मांग की। इस पर डीएम ने स्पष्ट कर दिया कि मुआवजा तय करने का काम सरकार और न्यायालय का है। इसमें वह हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। वह जितना मुआवजा आया है, उतना ही दे सकते हैं। इस पर किसानों ने गेहूं की फसल कटने तक का चार माह का समय मांगा, जिस पर डीएम ने किसानों को उतना समय दे दिया। यह भी स्पष्ट कर दिया कि इसके बाद बिल्कुल भी समय नहीं दिया जाएगा। इस दौरान एसपी आदित्य लांग्हे, एडीएम भगवान शरण, सिंचाई विभाग के एक्सईएन, एसडीओ, जेई व किसानों की ओर से जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह, काले सिंह, मुकेश सिंह, वीर पाल सिंह, शीशपाल सिंह, गुडडू, ओमकार, कुलदीप, मोहन, जितेंद्र, मयाराम, इंतेजार आदि मौजूद रहे।
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मध्य गंगा नहर गई किसानों की जमीन का सर्किल रेट के चार गुुना मुआवजा दिलाए जाने को लेकर अधिकारियों से वार्ता हुई है। अफसरों ने मुआवजा बढ़ाने से हाथ खड़े कर लिए हैं, लेकिन किसानों के मांगने पर गेहूं की फसल काटने तक का चार महीने का समय प्रशासन ने दिया है। अब किसान मुआवजे बढ़ाने के हाईकोर्ट जाएंगे। चौधरी रामपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भाकियू टिकैत गुट
किसानों को फसल काटने तक का समय दिया गया है ये बात ठीक है, लेकिन नहर और उसमें बनने वाले पुल के चिह्नांकन का कार्य चलता रहेगा। किसान कोर्ट जाने की बात कह रहे हैं न्यायालय का जो आदेश होगा उसका पालन कराया जाएगा। - बीके त्रिपाठी, डीएम