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Amroha News: सीएम सामूहिक विवाह योजना के फर्जीवाड़े में सचिवों की लापरवाही
Wed, 26 Feb 2025 01:31 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 26 Feb 2025 01:31 AM IST
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अमरोहा। जिले में पहले भी टेंडर प्रक्रिया को लेकर विवादों के घेरे में रही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना पर अब विभागीय लापरवाही से फर्जीवाड़े का दाग लग गए। गजरौला में जहां शादीशुदा व्यक्ति फेरों की वेदी पर बैठ गया, वहीं हसनपुर में विवाहित महिला लाभ लेने लिए पहुंच गई। दोनो ही मामलों में सचिवों की लापरवाही सामने आई है। हालांकि, अधिकारी शादी के लिए आवेदन करने वाले अन्य संदिग्धों की जांच करने का दावा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए जिले को इस साल 1662 गरीब कन्याओं का विवाह कराने का लक्ष्य दिया गया था। पहले चरण के लिए नवंबर में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन होना था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत के बाद कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका। शिकायत सही पाए जाने पर फिर से टेंडर की प्रक्रिया कराई गई। पहले चरण में जनवरी माह में 922 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। दूसरे चरण के लिए 748 बेटियों की शादी कराने को जिले में जोया, गजरौला व हसनपुर में कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन 22 फरवरी को गजरौला में पत्नी के जीवित रहते शादीशुदा व्यक्ति द्वारा शादी करने की शिकायत मिल गई। जांच के बाद आनन फानन सीडीओ ने कार्रवाई के आदेश कर दिए। साथ आगरा में तैनात व अमरोहा में संबद्ध चल रही पंचायत सचिव पल्लवी को निलंबित करने के लिए डीडीओ सरिता द्विवेदी ने आगरा की डीडीओ को संस्तुति कर दी थी। इसके साथ ही शादी करने वाली युवती व शादीशुदा व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके अगले दिन हसनपुर में विवाहित महिला के शादी करने के लिए पहुंचने का मामला सामने आ गया। मौके पर मामले की शिकायत के बाद सीडीओ ने जोड़े को पकड़वा दिया। मामले की जांच एडीओ समाज कल्याण को सौंपी गई है। साथ ही दोनों मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। योजना में आवेदन के बाद सचिवों को सत्यापन करना होता है, लेकिन सचिव सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही बरतते हैं। जिससे अपात्र भी योजना का लाभ उठा लेते हैं। मामले में सीडीओ ने भविष्य में आवेदन करने वाले सभी जोड़ों के सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए जिले को इस साल 1662 गरीब कन्याओं का विवाह कराने का लक्ष्य दिया गया था। पहले चरण के लिए नवंबर में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन होना था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत के बाद कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका। शिकायत सही पाए जाने पर फिर से टेंडर की प्रक्रिया कराई गई। पहले चरण में जनवरी माह में 922 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। दूसरे चरण के लिए 748 बेटियों की शादी कराने को जिले में जोया, गजरौला व हसनपुर में कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए थे, लेकिन 22 फरवरी को गजरौला में पत्नी के जीवित रहते शादीशुदा व्यक्ति द्वारा शादी करने की शिकायत मिल गई। जांच के बाद आनन फानन सीडीओ ने कार्रवाई के आदेश कर दिए। साथ आगरा में तैनात व अमरोहा में संबद्ध चल रही पंचायत सचिव पल्लवी को निलंबित करने के लिए डीडीओ सरिता द्विवेदी ने आगरा की डीडीओ को संस्तुति कर दी थी। इसके साथ ही शादी करने वाली युवती व शादीशुदा व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके अगले दिन हसनपुर में विवाहित महिला के शादी करने के लिए पहुंचने का मामला सामने आ गया। मौके पर मामले की शिकायत के बाद सीडीओ ने जोड़े को पकड़वा दिया। मामले की जांच एडीओ समाज कल्याण को सौंपी गई है। साथ ही दोनों मामलों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। योजना में आवेदन के बाद सचिवों को सत्यापन करना होता है, लेकिन सचिव सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही बरतते हैं। जिससे अपात्र भी योजना का लाभ उठा लेते हैं। मामले में सीडीओ ने भविष्य में आवेदन करने वाले सभी जोड़ों के सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
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