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अमरोहा में नेशनल हाईवे के कट बन रहे जानलेवा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा।
Updated Fri, 05 Oct 2018 01:05 AM IST
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हाईवे पर जोया के पास अवैध कट से गुजरता बाइक सवार।
- फोटो : amar ujala
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सरपट दौड़ते हाईवे पर हादसे बढ़ने लगे हैं। रफ्तार भरते वाहनों के सामने अवैध कट मुसीबत बनने लगे हैं। बंद होते और खुलते अवैध कट लोगों की जिंदगियां लील रहा। जिले की सीमा से गुजरने वाले हाईवे पर चौधरपुर सीएनजी पंप से लेकर ब्रजघाट तक जगह-जगह बने 22 से 26 अवैध कट हैं। शार्टकट के चक्कर में ये अवैध कट मौत के कट बन रहे हैं। आए दिन लोगों की खून से हाईवे लाल हो रहा है।
हाईवे निर्माण से गाड़ियों को रफ्तार मिल गई है। डिवाइडर के बीच फोर लेन सड़क पर गाड़ियां सरपट दौड़ती हैं। लेकिन स्थानीय लोगों को डिवाइडर के चलते चक्कर लगाना पड़ रहा है। उन्हें घूमकर आना पड़ता है। इसका तोड़ लोगों ने हाईवे पर डिवाइडर तोड़ कर अवैध कट निकाला है। इससे ग्रामीण चक्कर के फेरे से तो बच जाते हैं। लेकिन अपनी जान गवां बैठते हैं या फिर दूसरे की मौत की वजह बनते हैं।
ये अवैध कट हादसों के लिए डेंजर जोन साबित हो रहे हैं। वर्ष 2017 में सीएनजी पंप से लेकर ब्रजघाट के बीच सड़क हादसों में 118 से अधिक मौतें हुई थी। इसमें अधिकांश हादसों की वजह ये मौत के कट बने। बावजूद इसके न तो एनएचआई रोकथाम कर रही है और न ही ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं। जबकि हाईवे पर खून के छींटों का दायरा बढ़ता जा रहा है।
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हाईवे निर्माण से गाड़ियों को रफ्तार मिल गई है। डिवाइडर के बीच फोर लेन सड़क पर गाड़ियां सरपट दौड़ती हैं। लेकिन स्थानीय लोगों को डिवाइडर के चलते चक्कर लगाना पड़ रहा है। उन्हें घूमकर आना पड़ता है। इसका तोड़ लोगों ने हाईवे पर डिवाइडर तोड़ कर अवैध कट निकाला है। इससे ग्रामीण चक्कर के फेरे से तो बच जाते हैं। लेकिन अपनी जान गवां बैठते हैं या फिर दूसरे की मौत की वजह बनते हैं।
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ये अवैध कट हादसों के लिए डेंजर जोन साबित हो रहे हैं। वर्ष 2017 में सीएनजी पंप से लेकर ब्रजघाट के बीच सड़क हादसों में 118 से अधिक मौतें हुई थी। इसमें अधिकांश हादसों की वजह ये मौत के कट बने। बावजूद इसके न तो एनएचआई रोकथाम कर रही है और न ही ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं। जबकि हाईवे पर खून के छींटों का दायरा बढ़ता जा रहा है।
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