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भुगतान पूरा, काम अधूरा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Fri, 30 Dec 2016 12:09 AM IST
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बगैर काम पूरा किए नगर पालिका परिषद ने दिल्ली की एक कंपनी को 19.32 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। शहर के सर्वे का कार्य जो छह माह में हो जाना चाहिए था, उसको आठ महीने से ज्यादा हो गए हैं, मगर स्थिति ज्यों की त्यों बनी है। फुल पेमेंट के बाद भी कंपनी कार्य पूर्ण नहीं कर पाई है, जिस पर गंभीर हुए पालिका अफसर उसको नोटिस दर नोटिस भिजवा रहे हैं।
नगर पालिका परिषद ने ग्लोबल इन्फार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) के तहत फरवरी 2016 में टेंडर निकाले थे। इसके तहत पूरे शहरी इलाके में ड्रोन कैमरों से सर्वे किया जाना था। घर-घर चिह्नित कर पालिका को सैटेलाइट से जोड़ना था। पालिका का यह टेंडर 19.32 लाख रुपये का था। अर्बन जियो क्राफ्ट, नई दिल्ली की कंपनी के नाम टेंडर हो गया था।
22 मार्च 2016 को पालिका ने उसे वर्क आर्डर जारी कर दिया था। साथ ही पूरे कार्य का भुगतान भी दे दिया गया। इसी वर्ष 22 सितंबर तक काम पूरा होना था, लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया। चूंकि बिना काम पूरा हुए भुगतान हो गया था।
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इसलिए पालिका अधिकारी भी गंभीर हैं। अधिशासी अधिकारी ने दो सितंबर को कंपनी को नोटिस दिया था, जिसमें शीघ्रता से काम पूरा करने के लिए कहा गया था, लेकिन कंपनी ने पलटकर नहीं देखा। इस पर ईओ ने 18 अक्तूबर को फिर नोटिस दिया, जिसमें ठेकेदार को चेतावनी दी गई थी है कि वह काम नहीं कराएगा तो अनुबंध निरस्त कर धनराशि की रिकवरी की जाएगी।
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नगर पालिका परिषद ने ग्लोबल इन्फार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) के तहत फरवरी 2016 में टेंडर निकाले थे। इसके तहत पूरे शहरी इलाके में ड्रोन कैमरों से सर्वे किया जाना था। घर-घर चिह्नित कर पालिका को सैटेलाइट से जोड़ना था। पालिका का यह टेंडर 19.32 लाख रुपये का था। अर्बन जियो क्राफ्ट, नई दिल्ली की कंपनी के नाम टेंडर हो गया था।
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22 मार्च 2016 को पालिका ने उसे वर्क आर्डर जारी कर दिया था। साथ ही पूरे कार्य का भुगतान भी दे दिया गया। इसी वर्ष 22 सितंबर तक काम पूरा होना था, लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया। चूंकि बिना काम पूरा हुए भुगतान हो गया था।
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इसलिए पालिका अधिकारी भी गंभीर हैं। अधिशासी अधिकारी ने दो सितंबर को कंपनी को नोटिस दिया था, जिसमें शीघ्रता से काम पूरा करने के लिए कहा गया था, लेकिन कंपनी ने पलटकर नहीं देखा। इस पर ईओ ने 18 अक्तूबर को फिर नोटिस दिया, जिसमें ठेकेदार को चेतावनी दी गई थी है कि वह काम नहीं कराएगा तो अनुबंध निरस्त कर धनराशि की रिकवरी की जाएगी।